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लंबे समय तक बैठे रहने से आपकी सेहत पर पड़ते हैं ये 3 गंभीर दुष्‍प्रभाव, जानिए इनसे बचाव के उपाय

Published on:22 January 2021, 09:00am IST
हम में से ज्‍यादातर लोग अब भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। इस दौरान घंटों एक ही जगह पर बैठे रहना आम है। पर क्‍या आप जानती हैं कि यह आपके लिए कितना खतरनाक हो सकता है!
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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देर तक बैठे रहना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

आजकल की डिजिटल दुनिया में हम हर काम बैठ कर ही करते हैं। हम घर पर हो या ऑफिस में या फिर यात्रा क्यों न कर रहे हों, किसी भी प्रकार से बैठे रहना हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ज्यादा देर तक बैठे रहना एक प्रकार से धूम्रपान करने से ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। यह हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, इसलिए हमें अपने बैठने के समय को कम करने पर ध्यान देना चाहिये।

गतिहीन जीवन जीने से शरीर में, कमर के आस पास फैट जमा हो जाता है, जिसके कारण हमारा शरीर वसा जलाने में सक्षम नही रहता और हमारा बैली फैट बढ़ जाता है।

आइये विस्तार से समझते हैं कि लम्बे समय तक बैठे रहने के क्या-क्या हानिकारक परिणाम हो सकते हैं :

1 पाचन ग्रंथि में बदलाव:

लंबे समय तक एक जैसी स्थिति में बैठे रहने से पाचक ग्रंथि अधिक सक्रिय हो जाती है और इस कारण से ज्यादा इंसुलिन पैदा होता है। इस हार्मोन से कोशिकाओं को ग्लूकोज मिलता है, लेकिन बैठे रहने से मांसपेशियों की कोशिकाएं निष्क्रिय होती जाती हैं। इसके चलते बॉडी में ज्यादा मात्रा में इंसुलिन बनता है और आगे जाकर मधुमेह और अन्य बीमारियां हमें घेर लेती हैं।

2 मांसपेशियों में कमजोरी:

जब आप खड़े होते हैं या किसी भी काम में सक्रिय होते हैं, तो मांसपेशियां काम करती रहती हैं। लेकिन जब आप केवल बैठे रहते हैं, तो पीठ और पेट की मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं। इस स्थिति के चलते आपके कूल्हों और पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

देर तक बैठे रहने से मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। चित्र : शटरस्टॉक
देर तक बैठे रहने से मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। चित्र : शटरस्टॉक

लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने का परिणाम यह भी हो सकता है कि आपकी रीढ़ की हड्डी भी पूरी तरह से सीधी न रह सके। ऐसे में कूल्हों और पैरों की हड्डियां भी प्रभावित होती हैं।

3 मेंटल हेल्थ पर असर :

लंबे समय तक बैठे रहने से मस्तिष्क भी प्रभावित होता है और इसकी कार्यप्रणाली भी धीमी हो जाती है। मांसपेशियों की सक्रियता से मस्तिष्क में ताजे खून और ऑक्सीजन की मात्रा पहुंचती रहती है, जिससे आपका दिमाग सक्रिय रहता हैं और आपको बोरियत महसूस नहीं होती। लेकिन बैठे रहने से मस्तिष्क की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

कोई भी नहीं चाहता है कि आलस की वजह से हमारा जीवन और शरीर बिल्कुल निष्क्रिय हो जाये, और हम मोटे हो जायें।

आइये जानते है ऐसी स्थिति से बचने के कुछ कारगर उपाय:

गरम पानी का सेवन करे:

पेट की चर्बी को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप रोज सुबह गुनगुना पानी पिएं। सर्दी हो या गर्मी, कभी भी बिल्कुल ठंडा पानी न पिएं। अगर गर्म पानी उपलब्ध नहीं है, तो सामान्य पानी पिएं। आपको हर दिन कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।

गर्म पानी के सेवन के सेहत संबंधी अनेक लाभ है। चित्र-शटरस्टॉक
गर्म पानी के सेवन के सेहत संबंधी अनेक लाभ है। चित्र-शटरस्टॉक

इसके अलावा खाना खाने के बाद कभी भी तुरंत लेटने या बैठना नही चाहिए, बल्कि 10-15 मिनट टहलें।

योग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज:

इसीलिए रोज़ सुबह सूर्या नमस्कार ज़रूर करें। इसका अभ्यास करने से आप पूरा दिन चुस्त महसूस करेंगे। साथ ही, अपनी दैनिक दिनचर्या के दौरान स्ट्रेचिंग एक्स्सरसाइज़ ज़रूर करें जैसे ताड़ासन आदि।

यह भी ध्‍यान रखें

  1. कुर्सी या स्टूल पर बैठें, इससे आपकी सभी महत्वपूर्ण मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं।
  2. अगर आप वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं या अन्य कोई काम कर रहे हैं जिसकी वजह से आप अपनी
  3. बॉडी को ज्यादा एक्टिव नहीं रख पा रहे हैं, तो बीच-बीच में थोड़ी देर के लिए चलना शुरू कर दें।
  4. भले ही चलने की रफ्तार धीमी हो, लेकिन इससे भी आपकी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।
  5. आप योग मुद्राओं का अभ्यास कर सकती हैं।
  6. इसके अलावा घंटों एक ही पोजीशन में न बैठे रहें, बल्कि हर 1 घंटे में 3-4 मिनट चहलकदमी करें और शरीर को स्ट्रेच करें, फिर बैठें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।