तेजी से फैट बर्न करना है, तो जम्पिंग स्क्वाट से कर लें दोस्ती

अगर आप सोच रही हैं कि जम्पिंग स्क्वाट कैसे रेगुलर स्क्वाट्स से बेहतर हैं, तो हम आपको एक नहीं इसकी तीन वजह देने वाले हैं।
स्कवॉट्स के और भी फायदे हैं। चित्र- शटरस्टॉक।
स्क्वाट जंप आपके ग्लूट्स, क्वाड्स पर काम करने का एक बेहतर तरीका है। चित्र- शटरस्टॉक।
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated: 10 Dec 2020, 01:52 pm IST
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वेट लॉस और मसल गेन- ये दोनों फ़िटनेस गोल्स अगर आपको एक ही एक्सरसाइज से मिलें, तो उससे बेहतर क्या होगा! जम्पिंग स्कवॉट्स इन दोनों ही जरूरतों को पूरा करता है। यह एक हाई इंटेंसिटी वर्कआउट है, जो आप आसानी से अपने फ़िटनेस रूटीन में शामिल कर सकते हैं।
क्यों चुनें जम्पिंग स्कवॉट्स?

आप यह सुनकर चौंक जाएंगी कि जम्पिंग स्कवॉट्स दरसल रनिंग से बेहतर कार्डियो वर्कआउट है।

जम्पिंग स्कवॉट्स रनिंग से ज्यादा कैलोरी बर्न करता है और लोअर बॉडी मसल्स को टोन करता है। ग्लूट्स, इनर थाइस, आउटर थाइस और काफ मसल्स को टोन करने के लिए इससे बेहतर कोई वर्कआउट नही है।

इतना ही नहीं यह तेज़ी से फैट बर्न करता है और वजन घटाने में सहायक है। जर्नल ऑफ़ एक्सरसाइज रिहैबिलिटेशन की स्टडी के अनुसार HIIT (हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) वर्कआउट

12 हफ़्ते करने से आप आसानी से वेट लॉस कर सकती हैं और आपको अपनी डाइट में कोई बदलाव करने की ज़रूरत नहीं होती।

फैट बर्न करने के लिए यह रेगुलर स्‍क्‍वाट्स से ज्‍यादा असरदार है। चित्र: शटरस्‍टॉक

सीखें कैसे करना है जम्पिंग स्क्वाट

जम्पिंग स्कवॉट्स शुरू करने से पहले कम से कम एक हफ्ते तक नॉर्मल स्कवॉट्स करें। इससे आपके जॉइंट्स खुलेंगे और इंजरी के चांसेस कम होंगे। आप अचानक से जम्पिंग स्कवॉट्स शुरू कर देंगे तो आपकी बॉडी तैयार नहीं होगी। ऐसे में आपको चोट लग सकती है।

जम्पिंग स्कवॉट्स पहली बार करने जा रही हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें-

1. सबसे पहले वार्म-अप करें। आपकी मसल्स का एक्टिव होना ज़रूरी है। उसके लिए आप स्ट्रेचिंग, जंपिंग जैक्स वगेरह कर सकती हैं।
2. हाफ स्वॉतीमट की पोजीशन में आयें। पीठ सीधी रखें और बट को हल्का सा बाहर पुश करें।
3. अब जम्प करें और वापस स्कवॉट्स की पोजीशन में लैंड करें।
4. लैंड करते वक्त ध्यान रखें कि आपके घुटने मुड़ने चाहिए। तलवों पर ज्यादा प्रेशर न डालें।
5. 20 से 25 रेपेटीशन के 2 सेट करें। धीरे-धीरे आप सेट्स बढ़ा सकती हैं।

अगर आप रेगुलर रनिंग करती हैं, तो आपके लिये जम्पिंग स्कवॉट्स बहुत ज़रूरी हैं।

अगर आप रेगुलर रनिंग करती हैं तो आपको जंपिंग स्‍क्‍वाट्स जरूर करना चाहिए। चित्र : शटरस्टॉक

जम्पिंग स्क्वाट एक कारगर कार्डियो है जो आपका स्टेमिना बढ़ाता है। जर्नल ऑफ़ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन की एक स्टडी में पाया गया है कि 4 से 8 हफ़्ते जम्पिंग स्कवॉट्स करने से रनर्स की परफॉर्मेंस इम्प्रूव होती है। स्पीड, स्टैमिना और स्ट्रेन्थ बढ़ाने में जम्पिंग स्कवॉट्स बहुत मददगार होते हैं। कारण यह है कि यह एक्सरसाइज लोअर बॉडी मसल्स को ही टारगेट करती है। मसल्स जितनी स्ट्रांग होंगी, परफॉर्मेंस उतनी ही बेहतर होगी।

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याद रखें-

मुंबई बेस्ड फ़िटनेस और वेलनेस एक्सपर्ट रुचिका राय बताती हैं,”जम्पिंग स्कवॉट्स वेट लॉस का बहुत आसान और कारगर उपाय है, लेकिन ध्यान रखें कि आप अपनी मसल्स को ओवर स्ट्रेन न करें।”
मसल्स को रिकवरी की ज़रूरत होती है, इसलिए प्रॉपर नींद और रेस्ट लेना भी ज़रूरी है। हालांकि आपको अपनी डाइट में बहुत बदलाव नहीं करना है, लेकिन प्रोटीन जितना ज्यादा शामिल करें उतना बेहतर। अगर आप एथलीट हैं तो दिन में 100 रेपेटीशन के 5 सेट करें। यह एक्सरसाइज आपकी लोअर बॉडी के लिए बेस्ट है।

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