लेडीज, सुबह-सुबह वर्कआउट करने से आप कम कर सकती हैं ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

व्यायाम, अगर सुबह किया जाए तो न सिर्फ आपको यह फिट और शेप में रखेगा, बल्कि ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को भी कम करेगा।
सुबह वर्कआउट करना आपके ब्रेस्‍ट कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
सुबह वर्कआउट करना आपके ब्रेस्‍ट कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated: 10 Dec 2020, 13:38 pm IST
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सुबह-सुबह उठना किसे पसन्द है? हमें पता है कि गिने-चुने लोगों का ही जवाब ‘हां’ होने वाला है। यहां तक कि हम में से ज्यादातर लोगों के लिए सुबह उठकर काम पर लगना एक टास्क ही है। पर क्‍या आप जानती है कि सुबह जल्‍दी उठकर वर्कआउट करना आपको स्‍तन कैंसर (Prevent Breast cancer) के जो‍खिम से भी बचा सकता है।

हम सभी यही कोशिश करते हैं कि कैसे थोड़ी सी चीटिंग कर के हम 5 मिनट ज्यादा सो लें, पांच मिनट जो कभी- कभी एक घंटे में भी तब्दील हो जाता है।

कई दिन हम थोड़ा एक्स्ट्रा सोने के चक्कर में नाश्ता स्किप कर लेते हैं। कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि हम सब एक स्थिर और आलसी जीवनशैली को बढ़ावा देने के दोषी हैं।

लेकिन क्या आप जानती हैं कि इस थोड़ा और सोने और आलस करने की आदत ने हमें बहुत सी खतरनाक बीमारियों के जोखिम में डाल दिया है। समय पर न सोना, खाने का समय फिक्स न होना और कोई एक्सरसाइज न करने के कारण हम जानलेवा बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर उनमें से एक है।

ब्रेस्‍ट कैंसर महिलाओं में सबसे ज्‍यादा होने वाले कैंसर में शुमार है। चित्र: शटरस्‍टॉक

ब्रेस्‍ट कैंसर महिलाओं में सबसे ज्‍यादा होने वाले कैंसर में शुमार है। चित्र: शटरस्‍टॉक

सुबह एक्सरसाइज करने से आप ब्रेस्ट कैंसर को दूर रख सकती हैं

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर की नवीन रिसर्च के अनुसार जो लोग सुबह के समय एक्सरसाइज करते हैं, उनमें ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर होने की सम्भावना कम होती है।

बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (IS ग्लोबल) के शोधकर्ताओं की टीम ने पाया है कि व्यायाम करना न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि सुबह व्यायाम करने से आप लम्बे समय तक फिट रहते हैं।

हमारा शरीर हमेशा ही अनुशासित शेड्यूल का पालन करता है जिससे हमारे आंतरिक अंग बेहतर काम कर सकें। इस शेड्यूल को सिरकादियन रिदम कहते हैं जो सिर्फ आपके सोने-जागने के समय से ही नहीं बल्कि भोजन के निश्चित समय से तय होता है।

अगर आप का शरीर इस रिदम के अनुसार काम नहीं करता है, तो आपके शरीर के अंदर जो भी प्रक्रिया होती हैं वह डिस्टर्ब हो जाएगी। चाहें वह हॉर्मोनल संतुलन हो या नए सेल्स बनने की प्रक्रिया, यह सभी कुछ आपके शेड्यूल के कारण डिस्टर्ब होता है। लम्बे समय तक सिरकादियन रिदम को न मानने से आपका शरीर कैंसर का शिकार हो सकता है।

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अपनी बॉडी क्‍लॉक को न समझ पाना ब्रेस्‍ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा देता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
अपनी बॉडी क्‍लॉक को न समझ पाना ब्रेस्‍ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा देता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग दोपहर या शाम को एक्सरसाइज करते हैं, उनमें मेलाटोनिन का स्तर कम होता है। मेलाटोनिन वह हॉर्मोन है जो सिर्फ रात में बनता है और हमारी नींद के लिए जिम्मेदार है। मेलाटोनिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकने की क्षमता रखता है।

मानव शरीर बहुत एडवांस साइंस है, यह सच है। लेकिन इसे भी मरम्मत और सही देखरेख की जरूरत होती है। यह आपके स्वास्थ्य की मांग है कि आप सुबह जल्दी उठें और व्यायाम करें। चाहें आप सुबह दौड़ने जाएं, योग करें या जिम जाएं लेकिन कोई न कोई एक्सरसाइज सुबह जरूर करें।

अपने वर्कआउट को सुबह शिफ्ट करना एक छोटा सा बदलाव है, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य पर बहुत बड़ा असर डालता है।

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