सांस संबंधी समस्याओं से बचाते हैं ये 2 योगासन, एक्सपर्ट बता रहे हैं तरीका

प्रदूषण और बदलते मौसम में सांस संबंधी गंभीर समस्याएं खूब हो रही हैं। इनसे बचाव के लिए दो प्रकार के योगासन कारगर हैं। यहां है इसे करने का सही तरीका।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए योगासन करें। चित्र:शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Updated on: 18 November 2022, 16:11 pm IST
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इन दिनों सांस संबंधी समस्याएं बड़ी तेज़ी से बढ़ रही हैं। प्रदूषण के साथ-साथ बदलता मौसम भी इन समस्याओं को बढ़ा रहा है। फेफड़े और इसमें होने वाली समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ही अभी 16 नवम्बर को सीओपीडी (Chronic obstructive pulmonary disease-COPD) डे मनाया गया। आधुनिक चिकित्सा ब्रोंकोडायलेटर्स और स्टेरॉयड का उपयोग करके सीओपीडी का इलाज करती है। दूसरी ओर प्राकृतिक चिकित्सा से भी इसके इलाज में मदद ली जा सकती है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं उन योगासनों के बारे में, जो आपको श्वास संबंधी समस्याओं से बचने में मदद कर आपके फेफड़ाें के स्वास्थ्य (yoga for lungs) को बनाए रख सकते हैं।

पल्मोनरी डिजीज यानी फेफडों में हुई समस्या में योग किस तरह कारगर है, इसके लिए हमने बात की जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट में चीफ योग ऑफिसर डॉ राजीव राजेश से।

योग से रोग की प्रगति को कम करने में मदद मिलती है (yoga for pulmonary disease)

डॉ राजीव राजेश बताते हैं, ‘दवा केवल लक्षणों का प्रबंधन करती है। दूसरी ओर योग फेफड़ों के कार्य में दीर्घकालिक सुधार करने में मदद करने के लिए काम करता है। इससे रोग की प्रगति को कम करने में मदद मिलती है। प्राकृतिक चिकित्सा आधारित दृष्टिकोण अपनाने से रोगियों को दवाओं की खुराक कम करने में मदद मिल सकती है। यह कम लागत में रोग को प्रबंधित करने का प्रभावी तरीका भी है।’

डॉ राजीव के अनुसार, भारत में सीओपीडी की बढ़ती घटनाओं में बिगड़ती वायु गुणवत्ता एक प्रमुख योगदानकर्ता है। इसे दूर करने और रोग से बचाव में प्राकृतिक चिकित्सा और योग के महत्व को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

सीओपीडी रोगियों में फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में योग मदद करता है (yoga helps to COPD patient)

सीओपीडी के लिए योग एक बेहतरीन उपाय है। यह रक्तचाप को कम करने, तनाव को कम करने, फिटनेस में सुधार करने, बलगम को ढीला करने और सांस नली के अवरोध को खत्म कर सुगम बनाने में मदद करता है। यह सांस को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

यह फेफड़ों के सुचारू रूप से काम करने में मदद भी करता है। विश्व स्तर पर, विशेषज्ञ सीओपीडी के रोगियों में फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार और लक्षणों से राहत के लिए योग के महत्व को स्वीकार कर रहे हैं। अमेरिका में वर्मोंट विश्वविद्यालय के वर्मोंट लंग सेंटर में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि योग सांस अभ्यास (प्राणायाम) ने सीओपीडी रोगियों में फेफड़ों के कार्य और सांस लेने की क्षमता को बढ़ाने में मदद की।

यहां हैं सीओपीडी से पीड़ित रोगियों के लिए दो सर्वश्रेष्ठ योगासन( yogasana for COPD)

1 ताड़ासन (Mountain pose)

योग के बेसिक आसनों में से एक है तड़ासन या माउंटेन पोज।
पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं।
आंखों के लेवल पर सामने देखें और उंगलियों को आपस में फंसा लें।
सांस भरते हुए हाथों और एड़ियों को ऊपर उठाएं।
हथेलियों को ऊपर की ओर करें।
15 से 20 सेकेंड तक सामान्य सांस के साथ इसी स्थिति में बने रहें।
सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे करें।

2 अनुवित्तासन (standing backbend pose)

इसे ताड़ासन के ठीक बाद करना है। इससे आपके शरीर में स्फूर्ति आ जाएगी।
सीधे खड़े हो जाएं और पैरों को एक साथ रखें।
अपनी हथेलियों को अपनी पीठ के निचले हिस्से पर रखें। यह सुनिश्चित करें कि आपकी उंगलियां नीचे की ओर हों।

अनुवित्तासन  से आपके शरीर में स्फूर्ति आ जाएगी। चित्र शटरस्टॉक।

अपने पैरों में दबाएं, अपने घुटनों को ऊपर उठाएं।
इसके बाद अपने कूल्हों और जांघों को स्ट्रेच करें।
अपने कूल्हों को आगे की ओर दबाएं और अपने धड़ को पीछे की ओर झुकाएं।
यदि आप सुरक्षित महसूस करते हैं, तो अपने सिर को पीछे की ओर झुका दें।
4-5 सांसों के लिए स्थिति को बनाए रखें।
मुद्रा जारी करने के लिए अपने हाथ, पैर और कूल्हों को मजबूत रखें।
सुनिश्चित करें कि आपका सिर और गर्दन लंबवत हो जाएं।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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