सैर के साथ कीजिए इन दो चीजों का योग और अपनी फिटनेस को दीजिए डबल फायदा

अच्छी फिटनेस के लिए आपको अपनी उम्र, जीवनशैली और जरूरतों को समझकर ही वर्कआउट रुटीन तय करना होगा। अगर वेट लॉस करना आपको गोल है तो सैर करने के साथ स्ट्रेचिंग और योगाभ्यास भी जरूर करें।

agar aap perfect fitness chahti hain toh sirf walking kafi nahi hai
अच्छी फिटनेस के लिए सैर करने से पहले स्ट्रेचिंग और बाद में योगाभ्यास जरूर करें। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 20 September 2022, 08:00 am IST
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फिट रहने के लिए जिस तरह न्यूट्रीशियस फूड लेना जरूरी है, उसी तरह रोज वॉकिंग को भी अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल करना चाहिए। यह बात अब ज्यादातर लोग मानने लगे हैं। इसलिए सुबह या शाम, जिस किसी को जब भी वक्त मिलता है, वह टहल लेता है। वॉकिंग करने से शरीर एक्टिव रहता है। वॉकिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे सभी उम्र के लोग आराम से कर सकते हैं। ज्यादातर बीमारियों में डॉक्टर वॉकिंग की सलाह देते हैं। हम मानते हैं कि वॉकिंग एक ऐसा वर्कआउट है, जिससे पूरा शरीर एक्टिव हो जाता है। यह वेट लॉस में भी मदद करता है।

क्या सिर्फ सैर करना काफी है? 

न्यूट्रीशन और एक्सरसाइज साइंस एक्सपर्ट रुजुता दिवेकर मानती हैं कि वॉकिंग करने से शरीर को लाभ तो मिलता है, लेकिन वॉकिंग के साथ-साथ कई दूसरे बॉडी मूवमेंट के साथ सपोर्ट करने की भी जरूरत पड़ती है। तभी वेट लॉस में फायदा मिलता है। 

इस तरह की एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि सैर करना फायदेमंद है। पर जब आप इसके साथ कुछ और एक्सरसाइज एड कर देती हैं, तो आपकी फिटनेस को डबल फायदा मिल सकता है।

रुजुता वॉकिंग के कुछ फायदे भी गिना रहीं हैं –

यहां हैं वॉकिंग के फायदे

भारत के योगशास्त्र के साथ-साथ पश्चिम का चिकित्सा जगत भी वॉकिंग के कई फायदे गिनाता है। रुजुता दिवेकर कहती हैं, यदि आप रोज एक निश्चित समय पर एक तय अवधि के लिए वॉक करती हैं, तो आपके समग्र स्वास्थ्य को इसका फायदा मिलता है। 

1 ब्लड सर्कुलेशन में होता है सुधार 

यदि आप रेगुलर वॉक करती हैं, तो यह पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और पैर के मसल्स को कॉन्ट्रैक्ट करने का सर्वोत्तम उपाय टहलना है।

2 पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है

यह रिसर्च से साबित हो चुका है कि टहलने से भोजन को पेट से छोटी आंत में जाने का समय स्पीड अप हो जाता है। इससे भोजन अच्छी तरह पच जाता है।

3 स्लीप क्वालिटी होती है इंप्रूव

टहलना साउंड स्लीप से जुड़ा होता है। यदि आप नियमित रूप से टहलती हैं, तो यह अच्छी नींद आने की गारंटी है।

बेहतर फिटनेस के लिए वॉकिंग के साथ करें योग और स्ट्रेच ट्रेनिंग

रुजुता इस बात पर जोर देती हैं कि यदि आप सिर्फ वॉक करती हैं, तो इससे वेट लॉस में ज्यादा  फायदा नहीं होगा। वॉकिंग के दौरान यदि आप हाथों को हिलाती-डुलाती रहती हैं और आप सोचती हैं कि इससे वेट लॉस होगा, तो आप गलत सोच रही हैं। इससे बहुत अधिक फायदा नहीं मिलता है। वॉकिंग को कुछ और एक्सरसाइज की सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। वाॅकिंग के साथ-साथ यदि स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और योग भी आप करती हैं, तो इससे अधिक फायदे मिलेंगे।

वॉकिंग के साथ स्ट्रेचिंग करने के फायदे 

अगर आप सैर करने के साथ ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करती हैं, तो आपके 4 एस (4 S) इंप्रूव होते हैं। इससे स्ट्रेंथ (Strength) , स्टेमिना (Stamina) और बॉडी की स्ट्रेचिंग कैपेबिलिटी (Stretching capability) के साथ स्टेबिलिटी (Stability) में भी सुधार होता है। इसलिए वॉक के साथ एक्सरसाइज भी जरूर करें। रुजुता कहती हैं कि ऊबड़-खाबड़ रास्तों की बजाय सैर करने के लिए आसान रास्तों का इस्तेमाल करें। इससे अधिक फायदा मिलेगा। पर साथ में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जरूर करें। 

वॉकिंग के साथ योगाभ्यास करने के फायदे 

योग और आसन यदि आप नियमित रूप से करती हैं, तो यह मेंटल हेल्थ को मजबूूत करने के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ को भी फायदा पहुंचाता है। प्राणायाम आपके शरीर के सभी अंगों तक जरूरी ऑक्सीजन पहुंचाता है। वहीं आसन लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों जैसे कि ओबेसिटी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि से शरीर का बचाव करता है।

yoga ke fayde
योग से मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ दोनों इंप्रूव होता है। चित्र: शटरस्टॉक

वास्तव में सैर करने से पहले आधे घंटे के योगा सेशन से आपके पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जिससे सभी अंग सही तरीके से काम कर पाते हैं। इससे आपका शरीर स्टिफ नहीं हाेता है, बल्कि यह उम्र अधिक होने के बावजूद शरीर को लचीला बनाये रखता है। इसलिए अपने रूटीन में कुछ योगासनों को जरूर शामिल करें।

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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