अक्सर ब्लोटेड महसूस करती हैं, तो इन टिप्स के साथ कम करें वॉटर वेट

Published on: 22 May 2022, 08:00 am IST

क्या आपको भी कभी खाना खाने के बाद अचानक से ब्लोटेड महसूस हुआ है। इतना कि आपसे चला न जाए और कोई भी कार्य करने में मन न लगे? तो यह आपके वॉटर वेट के बढ़ने के कारण हो सकता है।

kya hai water weight
जानिए वॉटर वेट को कम करने के लिए कुछ टिप्स। चित्र : शटरस्टॉक

कुछ भी खाने के बाद अचानक ब्लोटेड महसूस करना और पेट का फूलना। आपके बढ़े हुये वॉटर वेट को दर्शाता है। जी हां हमारे शरीर में पानी का भी वज़न होता है कम से कम 2 या 3 किलो। पानी का वजन, जिसे एडिमा भी कहा जाता है, बहुत आम समस्या है। मगर कभी – कभी चिंता का कारण बन सकती है। इससे असहज महसूस हो कर सकता है और शरीर में सूजन भी पैदा हो सकती है।

पर्याप्त हाइड्रेशन () जितना महत्वपूर्ण है, पानी का अधिक सेवन आपके लिए उतना ही हानिकारक हो सकता है। शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ खाने से भी समस्या हो सकती है। यह आपको सुस्त महसूस करा सकता है। महिलाओं के लिए, वाटर रिटेंशन उन्हें बेचैनी का अनुभव करा सकता है, खासकर मासिक धर्म के दौरान।

ऐसे में अपने वॉटर वेट को कम करने के लिए कुछ उपाय यहां दिए गए हैं

अपना सोडियम इंटेक कम करें

ग्लाइकोजन के रूप में ऊर्जा के लिए शरीर में सोडियम जमा होता है। ये पोषक तत्व आपके सेल लाइनिंग के बाहर मौजूद पानी को आकर्षित कर सकते हैं और “सूजन” का कारण बन सकते हैं। सीडीसी के अनुसार बहुत अधिक सोडियम, या नमक वॉटर रिटेंशन का कारण बन सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर को ठीक से काम करने के लिए सोडियम से पानी के अनुपात को संतुलित रखने की आवश्यकता होती है, इसलिए यदि बहुत अधिक नमक का सेवन किया जाता है तो यह पानी को रोक कर रखेगा।

Excess salt harmful hai
ज्यादा नमक का सेवन बन सकता है वॉटर वेट का कारण। चित्र-शटरस्टॉक.

प्रायप्त पानी पिएं

पीने का पानी वास्तव में वॉटर वेट को कम कर सकता है। शरीर में पानी की कमी वॉटर वेट का कारण बन सकती है। क्योंकि इसकी वजह से शरीर ज़्यादा पानी रोक कर रखता है। पानी किडनी के कार्य में भी सुधार करता है, जिससे अतिरिक्त पानी और सोडियम बॉडी से बाहर निकल जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार वयस्कों को दिन में लगभग 2 लीटर पानी पीना चाहिए।

कार्ब्स कम खाएं

यदि आप ब्लोटेड महसूस कर रही हैं, तो डाइट में कार्ब्स का सेवन कम कर दें। कार्बोहाइड्रेट भी शरीर में वॉटर रिटेंशन का कारण बनते हैं। जब हम कार्ब्स खाते हैं, तो जिस ऊर्जा का हम तुरंत उपयोग नहीं करते हैं, वह ग्लाइकोजन अणुओं के रूप में जमा हो जाती है। ग्लाइकोजन के हर ग्राम में 3 ग्राम पानी होता है।

carbs ka sevan kam karein
कार्ब्स का सेवन कम करें। चित्र: शटरस्टॉक

व्यायाम करें

व्यायाम करने से शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है। इससे व्यायाम के तुरंत बाद वॉटर वेट कम हो जाता है। अच्छी कसरत भी रक्त प्रवाह को उत्तेजित करती है और परिसंचरण में सुधार करती है, जिससे पूरे शरीर में तरल पदार्थ का निर्माण कम हो सकता है, खासकर हाथों और पैरों में।

होल फूड्स का सेवन करें

कुछ अनाज, सब्जियों और फलों में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन और पोटेशियम जैसे खनिज होते हैं। यह शरीर के कामकाज को नियंत्रित करते हैं और अतिरिक्त तरल पदार्थ बनने से रोकते हैं। पोटेशियम, वॉटर रिटेंशन को कम करने में मदद करता है। यह सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए,प्लांट बेस्ड डाइट लेने से आपको सूजन से छुटकारा पाने में मदद मिल सकता है।

यह भी पढ़ें : खाना बाहर से ऑर्डर कर रहीं हैं? तो यहां जानिए हेल्दी फूड चुनने का तरीका

ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

स्वास्थ्य राशिफल

ज्योतिष विशेषज्ञ से जानिए क्या कहते हैं आपकी
सेहत के सितारे

यहाँ पढ़ें