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लोअर बैक में होने वाले दर्द से पूरी तरह राहत दिला सकता है योग, ये हैं प्रभावशाली आसन

Updated on: 14 July 2020, 16:57pm IST
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के अनुसार अगर आपको लोअर बैक में दर्द रहता है तो उससे निजात पाने के लिए आप इन योग मुद्राओं का सहारा ले सकती हैं।
Dr Nitiraj Oberoi
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स्लिप डिस्क सिर्फ थोड़े समय तक होने वाली समस्या नहीं है, यह आगे भी इंजरी की सम्भावना बढ़ा देती है। चित्र : शटरस्टॉक

प्राचीन काल से ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग किया जा रहा है। आजकल योग फिर से लोगों के बीच पॉपुलर हो रहा है। इसका कारण है कि योग कोई रैंडम एक्सरसाइज नहीं है, बल्कि साइंटिफ़िक है।

समझें लोअर बैक के बारे में यह ज़रूरी बातें

लोअर बैक जिसे लुम्बर स्पाइन कहा जाता है काफी मोबाइल होती है, जिसके कारण यह एरिया चोट के लिए बहुत वल्नरेबल है।
ऊपर से हमारा लाइफस्टाइल ऐसा है जिसमे हम दिन भर बैठे ही रहते हैं और मूवमेंट बहुत कम ही होता है। फिर हम अचानक से एक्सरसाइज करते हैं और लोअर बैक में इंजरी आ जाती है।
योग स्पाइन को फ्लेक्सिबल बनाता है, अपर स्पाइन को अलाइन करता है और शोल्डर, हिप और नेक को टोन करता है। जिसके कारण हम स्पाइन की समस्या से बचे रहते हैं।

इन आसनों की मदद से लोअर बैक की सभी समस्याओं से पा सकती हैं छुटकारा

1. सेतु बंधासन

इस आसन को ब्रिज पोज़ भी कहते हैं। इसमें आपकी पीठ उल्टी बेन्ड होती है और शोल्डर उसे सपोर्ट करते हैं। इस आसन से दिमाग शांत होता है, पाचनतंत्र दुरुस्त होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है, स्पाइन की फ्लेक्सबिलिटी बढ़ती है, रेस्पिरेटरी प्रोब्लम्स कम होती हैं और मेनोपॉज के सिम्पटम्स में आराम मिलता है।

2. सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार 12 योगासनों का संयोजन है जिसे करने से पूरी बॉडी इफ़ेक्ट होती है। इस आसन को नियमित रूप से करने से वजन कम होता है, ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित होता है, पाचन सुचारू रहता है और एंग्जायटी नहीं होती।

3. ध्यान मुद्रा

मेडिटेशन करते वक्त इस पोज़ का प्रयोग होता है। इसमें पीठ सीधी होती है और हाथ ध्यान की मुद्रा में घुटनों के पास होते हैं। इस मुद्रा से बॉडी और माइंड दोनों रिलैक्स होते हैं।

ध्यान मुद्रा में शरीर और मस्तिष्क रिलैक्स होता है।। Gif: giphy

4. शलभासन

इस आसन को लोकस्ट पोज़ भी कहते हैं। लोअर स्पाइन की समस्या दूर करने के लिए इस आसन को सभी योगा एक्सपर्ट सजेस्ट करते हैं। इस आसन से कमर, हिप और थाइस की मसल्स स्ट्रांग बनती हैं।

भुजंगासन रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत लाभदायक है। चित्र- शटर स्टॉक

5. भुजंगासन

इस आसन को कोबरा पोज़ भी कहते हैं। फ्लैट बेली पाने के लिए यह आसन बेस्ट उपाय है। इतना ही नहीं, इस आसन से शोल्डर और बाहों की मसल्स मजबूत होती हैं, सर्कुलेशन और पाचन इम्प्रूव होता है, अस्थमा के सिम्पटम्स में राहत मिलती है, तनाव और एंग्जायटी कम होती है और ओवरऑल बॉडी फिट होती है।

योग के लाभ-

1. पॉस्चर इम्प्रूव करता है योग

योग में कई ऐसे आसन हैं जो पोस्चर को सही करते हैं। सेतु बंधासन और बालासन बॉडी पोस्चर के लिए बहुत लाभदायक हैं।

2. योग से बढ़ती है फ्लेक्सिबिलिटी

योग के आसनों से पूरी बॉडी की फ्लेक्सबिलिटी बढ़ती है, लेकिन रीढ़ की हड्डी पर फोकस करते हुए कुछ स्पेसिफिक आसान भी हैं। सुप्त पादगुस्थानासन और अंजनेयासन बैक की फ्लेक्सबिलिटी के लिए उपयोगी हैं।

योग आपके शरीर को फ्लेक्सिबल बनाता है। चित्र- शटर स्टॉक

3. मसल्स को मजबूत करता है योग

सूर्य नमस्कार, भुजंगासन और सेतु बंधासान जैसे कुछ आसन पीठ की मांसपेशियों को टोन करते हैं।

4. मेटाबॉलिज्म करता है इम्प्रूव

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और वजन घटाने में योग बहुत सहायक है। अंजनेयासन, उत्कटासन और हलासन मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने में कारगर हैं।

5. ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है योग

योग करने से शरीर मे ब्लड सर्कुलेशन भी इम्प्रूव होता है। भुजंगासन और शवासन बॉडी को रिलैक्स करके ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं।

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Dr Nitiraj Oberoi is the director of orthopaedics/bone and joint surgery at Fortis Escorts Heart Institute, Delhi

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