फॉलो
वैलनेस
स्टोर

मेटाबोलिज्म बूस्टर पिल्स: कितना असरदार और कितना सुरक्षित है वजन घटाने का ये नया तरीका

Published on:13 December 2020, 12:30pm IST
मेटाबोलिज्म बढ़ाने वाली दवाएं वजन घटाने का दावा करती हैं। लेकिन क्या ये सुरक्षित हैं? हम बताते हैं इस नए ट्रेंड के बारे में सब कुछ।
विदुषी शुक्‍ला
  • 85 Likes
मेटाबोलिज्म बूस्टर पिल्स चित्र- शटरस्टॉक।

वेट लॉस उत्पाद का आज के समय में ऐसा मार्केट बन चुका है जिसके करोड़ो उपभोक्ता हैं। हमारी बुरी जीवनशैली और आदतों ने हमें मोटापा ग्रस्‍त कर दिया है और हर कोई वजन घटाने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए तरह-तरह की डाइट, वर्कआउट प्लान और मसाज हम ट्राई करते हैं। इसी कड़ी में वजन घटाने का एक नया तरीका है मेटाबॉलिज्म बूस्टर पिल्स या सप्लीमेंट्स जो वजन कम करने का दावा करते हैं।

क्या है मेटाबॉलिज्म बूस्टर के पीछे का सिद्धांत?

मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय वह प्रक्रिया है जिसमें शरीर कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलता है और ऊर्जा के लिए उसका इस्तेमाल करता है। ग्लूकोज से ऊर्जा लेने का काम माइटोकॉन्ड्रिया नामक खास सेल्स में होता है।
इस ऊर्जा का प्रयोग शरीर के अंदर होने वाली प्रक्रिया जैसे दिल धड़कना, सांस लेना, पाचन, खून साफ होने और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए होता है। लगभग 70 प्रतिशत ऊर्जा इसी के लिए प्रयोग होती है।

पाएं अपनी तंदुरुस्‍ती की दैनिक खुराकन्‍यूजलैटर को सब्‍स्‍क्राइब करें

मेटाबोलिज्म बूस्टर पिल्स वजन घटाने में है असरदार।चित्र- शटर स्टॉक

किस तरह काम करते हैं मेटाबॉलिक बूस्टर

मेटाबोलिज्म बूस्टर सप्लीमेंट्स का सिद्धांत यही है कि ये मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं। ये ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो शरीर मे गर्मी बनने की प्रक्रिया को बढ़ाते है ताकि ऊर्जा की खपत ज्यादा हो।
प्राकृतिक रूप से भी बहुत से ऐसे पदार्थ हैं जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। ग्रीन टी, कॉफी, मिर्च, चॉकलेट इत्यादि ऐसे फूड्स हैं। मेटाबॉलिज्म बूस्टर पिल्स में इन में मौजूद केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है।
L-कार्टिनिन, कैप्साइसिन, कैफीन, क्रोमियम पिकॉलिनेट, लिनोलिक एसिड और रेस्वेराट्रोल वे कंपाउंड हैं जो मेटाबॉलिज्म बूस्टर सप्लीमेंट में प्रयोग होते हैं।

क्या ये असरदार हैं?

अनाल्ज़ ऑफ न्यू यॉर्क एकेडमी ऑफ साइंस के शोधकर्ताओं के अनुसार रेसेवरेट्रोल और क्रोमियम पीकॉलिनेट का मनुष्यों में वजन घटाने को लेकर कोई पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। वहीं लिनोलिक एसिड मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने में कारगर है। मगर यह पेट सम्बंधी समस्याओं को पैदा कर सकता है। इन सभी कंपाउंड में से कैफीन ही सबसे सुरक्षित है।

ये भी पढ़ें- सर्दियों में ज्‍यादा लगती है भूख ? जानिए क्‍या है सर्दियों की इस भूख के पीछे का विज्ञान

क्या है अंतिम निर्णय?

वजन घटाने और फिट रहने का सबसे सुरक्षित और स्वस्थ तरीका है कैलोरी कम करना, संतुलित आहार लेना और व्यायाम करना। इसके अतिरिक्त कोई दवा, सप्लीमेंट्स या डाइट हेल्दी नहीं है।
मेटाबॉलिज्म बूस्टर पिल्स भले ही आपका वजन कम करें, लेकिन ये आपको फिट नहीं बनाती। साथ ही आपका लक्ष्य बेहतर स्वास्थ्य होना चाहिए, कम वजन नहीं।

उसके बावजूद अगर आप मेटाबॉलिज्म बूस्टर लेना चाहती हैं, तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और उनकी सलाह अनुसार ही आगे कदम उठाएं।

0 कमेंट्स

कृपया अपना कमेंट पोस्ट करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।