दुनिया भर की जरूरत बन चुका है यह आसन, एक्सपर्ट बता रहें हैं इसे करने का तरीका

Published on: 11 March 2022, 09:30 am IST

विशेषज्ञ का मानना है कि आपके पूरे शरीर को ऑल राउंड स्ट्रेच और रिलैक्स कर सकता है शलभासन। यह आसन शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करने के साथ आपको रिलैक्स भी करता है।

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शलभासन का अभ्यास करने से अस्थमा के मरीजों को राहत मिलती है। चित्र:शटरस्टॉक

आज के दौर में जहां हर काम के लिए मशीन या उपकरण उपलब्ध हैं, निष्क्रिय होना एक आम समस्या है। ऐसे में हेल्दी खाने को भी पचाना मुश्किल लेकिन जरूरी हो जाता है। इसलिए कुछ योगासन ऐसे हैं जो शरीर की हड्डियों को मजबूत, रक्त प्रवाह को बढ़ाने और पाचन को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। उनमें से एक है शलभासन (locust pose)। इस आसन में आप शलभ यानी टिड्डे (locust) की मुद्रा में होते हैं।

इस आसन के प्रभाव को जानने के लिए हेल्थशॉट्स ने योग एक्सपर्ट, यूएस योग एलायंस सर्टिफाइड, प्रमाणित मास्टर रेकी हीलर और यूके योग एलायंस सर्टिफाइड, प्री नेटल और पोस्ट नेटल योग टीचर, साक्षी भगत से बात की। जानिए इस आसन के बारे में क्या हैं उनका कहना।

योग एक्सपर्ट बता रहे हैं क्यों जरूरी है शलभासन?

योग विशेषज्ञ साक्षी भगत का मानना है, “आधुनिक दुनिया में, लोगों ने बस और कार जैसे परिवहन के नए साधनों को अपनाया है। परिवहन के साथ-साथ डेस्क वर्क और वर्चुअल मीटिंग ने न केवल एजिंग पेरेंट्स, बल्कि युवा पीढ़ी को भी प्रभावित किया है। इससे कटिशूल (Katishool) नामक एक बहुत ही आम समस्या हो गई है। इसमें ‘कटि’ का अर्थ है पीठ के निचले हिस्से और ‘शूल’ का अर्थ है दर्द।”

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कमर दर्द के लिए है फायदेमंद। चित्र:शटरस्टॉक

वह आगे कहती हैं, “शलभासन या भुजंगासन जैसे आसन का अभ्यास करने से पीठ के निचले हिस्से के दर्द में काफी राहत मिल सकती है। दिन के किसी भी समय किसी भी आयु वर्ग द्वारा इसका अभ्यास किया जा सकता है।”

एक्सपर्ट बता रहीं हैं आसन करने का तरीका

  1. आसन को करने के लिए छाती के बल लेट जाएं। इसके लिए आप योगा मैट या मोटे कालीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  2. अपने हाथों को शरीर के बगल में फर्श की ओर चेहरे के साथ रखें।
  3. अब अपनी जांघों को जोड़ते हुए पैर की उंगलियों को पीछे की ओर इंगित करें। लंबी गहरी सांस लेकर अपनी छाती और हाथों को ऊपर उठाएं।
  4. 5 गहरी सांस लेने और छोड़ने तक इस स्थिति में रहें। इस क्रम को 5 बार दोहराएं।
  5. आप अपने हाथ सीधे सामने भी रख सकते हैं। लंबी गहरी सांस लेकर अपनी छाती, हाथों, जांघों और पैरों को चटाई से ऊपर उठाएं। चटाई पर सिर्फ पेट ही रहना चाहिए।
  6. 10 गहरी सांसों के लिए वहीं रुकें और सामान्य स्थिति में लौटें। हथेलियों पर शरीर को आराम देकर आसन को पूरा करें।

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अदिति तिवारी अदिति तिवारी

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