क्या वेट लॉस के लिए डिनर स्किप कर रहीं हैं, तो इन 4 स्वास्थ्य जोखिमों के लिए रहें तैयार

Published on: 2 July 2022, 21:00 pm IST

जिस तरह सुबह का नाश्ता जरूरी है, उसी तरह डिनर भी महत्वपूर्ण है। पर अगर आप वेट लाॅस जर्नी पर हैं और डिनर स्किप कर रहीं हैं, तो ये आपके लिए परेशानी भरा हो सकता है।

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डिनर स्किप करने की आदत सेहत पर पड़ सकती है भारी। चित्र शटरस्टॉक।

अलग-अलग लोग अलग-अलग प्रकार से वेट लॉस रूटीन तैयार करते हैं। उनमें से कई लोग ऐसे हैं, जो यह सोचते हैं कि मील स्किप करके वह अपना वजन कम कर लेंगे। परंतु आपको बता दें कि मील स्किप करना आपके वजन को कम करने की जगह उसे बढ़ा सकता है। साथ ही यह शरीर को अंदर से कमजोर कर आपकी इम्युनिटी को प्रभावित कर सकता है।

डिनर दिन का आखिरी मील होता है और डिनर के बाद ब्रेकफास्ट में एक काफी लंबा गैप होता है। इस बीच शरीर एनर्जी रिस्टोर करके रखें इसलिए रात का भोजन जरूरी हो जाता है। पर जब आप डिनर स्किप करती हैं, तो आपके शरीर को ये जरूरी ऊर्जा नहीं मिल पाती।

इस बारे में क्या कहती है रिसर्च

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉरमेशन द्वारा प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि ब्रेकफास्ट हो या डिनर, मील स्किप करने से ऊर्जा के स्तर में कमी देखने को मिलती है। साथ ही डिनर स्किप करने से हरी पत्तेदार सब्जिया, बीन्स, डेयरी प्रोडक्ट और प्रोटीन फूड्स के कंपोनेंट स्कोर कम हो जाते हैं। इसी के साथ शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और यह सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

डिनर स्किप करने से आपकी सेहत नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है। इसकी वजह से आप एंग्जाइटी से लेकर नींद की कमी तक कई समस्याओं की शिकार हो सकती हैं। यदि आप डिनर किए बिना सोती है, तो सुबह ऊर्जा के स्तर में कमी देखने को मिलेगी और आप आलस महसूस कर सकती हैं।

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वेट लॉस के लिए डिनर स्किप न करें। चित्र : शटरस्टॉक

क्या वेट लॉस के दौरान डिनर स्किप कर सकते हैं?

दिन के आखिरी मिल को स्किप करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। डिनर और ब्रेकफास्ट में सबसे लंबा गैप होता है, इसलिए भूलकर भी डिनर स्किप न करें। यह सही है कि रात को हल्का भोजन करना चाहिए, क्योंकि यह आपके डाइजेशन को हेल्दी रखता है। वहीं आपका डिनर आपके स्लीप पैटर्न को भी प्रभावित करता है। यदि आप देर से सोती हैं, तो डिनर में हल्का खाना लेने की कोशिश करें। जो लोग 8:00 से 9:00 बजे तक सो जाते हैं, यदि वह चाहे तो देर शाम कुछ फ्रूट्स और जूस लेकर डिनर स्किप कर सकते हैं। पर यह केवल उन लोगों के लिए है जो वेट लॉस प्लान कर रहे हैं।

जानिए डिनर स्किप करने का क्या होता है आपकी सेहत पर असर

सही समय पर और स्वस्थ भोजन करना सेहत के लिए बहुत जरूरी है। डिनर स्किप करने की आदत आपको कई तरह से परेशानी में डाल सकती है। यह न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी आपको प्रभावित करती है।

1. एंग्जाइटी की समस्या

डिनर स्किप करने की आदत एंग्जाइटी जैसी समस्या से ग्रसित कर सकती है। यह सीधा आपकी मेंटल हेल्थ को प्रभावित करती है। वो जो रेगुलर बेसिस पर डिनर स्किप करते हैं, उन्हें आधी रात को भूख लगती है और वह उस समय कुछ खाने की कोशिश करते हैं। ज्यादातर लोग आधी रात में जंक फूड का ही सेवन कर पाते हैं। वहीं इस वजह से एंग्जाइटी और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और शरीर कॉर्टिसोल रिलीज करने लगता है। कॉर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है। इसलिए अपने डिनर को नियमित रखने का प्रयास करें।

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भोजन छोड़न से हो सकता है तनाव। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. नींद की कमी

सालों से सभी अपने घरों में सुनते आ रहे हैं, कि रात को भूखे पेट सोने से नींद नहीं आती, क्या यह बात वाकई सच है? जी हां डिनर स्किप करने की आदत आपकी नींद की कमी का कारण बन सकती हैं। डिनर न करने से मेंटल हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होता है। एक स्टडी में देखा गया कि बिना खाए सोने के कारण डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी समस्याएं सामने आती है। वहीं स्ट्रेस हार्मोन का रिलीज होना स्लीप डिप्रिवेशन का कारण बन सकता है।

3. ऊर्जा की कमी

एनर्जी लेवल मेंटेन रखने के लिए मील को सही समय पर लेना बहुत जरूरी है। क्योंकि मील स्किप करने की आदत शरीर में ऊर्जा की कमी का कारण बन सकती हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक डेटा के अनुसार डिनर छोड़ने की आदत एनर्जी इनटेक को रिड्यूस कर देती है। जिसके कारण सेहत पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता हैं। इसलिए नियमित रूप से समय पर भोजन करने का प्रयास करें। इसके साथ ही रात को हल्का भोजन लें, यह आपके डाइजेशन को संतुलित रखेगा।

4. पाचन तंत्र में गड़बड़ी

डिनर स्किप करने से डायरिया, कब्ज और जी मचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर भोजन न करने से डाइजेशन अनियमित हो जाता है और पाचन क्रिया भी कमजोर हो सकती है। इसलिए अपनी भूख को अनदेखा न करें और शरीर को समय पर भोजन देने की कोशिश करें। इसके साथ ही फाइबर से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन डाइजेशन को संतुलित रखने में मदद करेगा।

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अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली में जर्नलिज़्म की छात्रा अंजलि फूड, ब्लॉगिंग, ट्रैवल और आध्यात्मिक किताबों में रुचि रखती हैं।

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