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फिटनेस का रास्ता आसान नहीं होता है, इसलिए जानिए कुछ आम बाधाएं और उनसे निपटने के उपाय

Published on:14 January 2022, 08:00am IST
फिटनेस एक लक्ष्य नहीं बल्कि जीवन शैली बन गई है। इसलिए निरंतरता एवं अनुशासन इसकी कुंजी है। इससे जुड़ी कुछ आम बाधाओं को जानें और उनसे निपटें।
Fit rehna aasaan nahi hai
फिट रहना आसान नहीं है। चित्र:शटरस्टॉक

क्या आप फिटनेस गोल को हासिल करके वर्कआउट करना छोड़ देते हैं? या आप अपने हेल्दी डाइट को अलविदा कह देते हैं? अगर ऐसा है, तो कुछ ही दिनों में आप फिर से वही आ जाते हैं जहां से शुरुआत की हो। यह दुष्चक्र आपको कसरत और स्वस्थ जीवन शैली से दूर कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने रात एकिन आने वाली अर्चनों को समझें और उनसे निपटने का तरीका ढूंढे।

इन फिटनेस हर्डल्स को कहें अलविदा

1. काल्पनिक लक्ष्य (Unrealistic goals)

जिम में एक हफ्ते के बाद सबसे भारी वजन उठाना? आपके शरीर को देखने का तरीका पूरी तरह से बदल रहा है? इस तरह अवास्तविक और अस्वास्थ्यकर लक्ष्य निर्धारित करना ही आपको असफल होने के लिए तैयार करेगा। जानना चाहते हैं क्यों? क्योंकि जब आप असंभव लक्ष्य को नहीं कर पाते हैं, तो आपके हारने और हार मानने की संभावना अधिक होती है।

हर्डल का हल

वास्तविकता की जांच करें कि क्या संभव है। अपने प्रति ईमानदार और दयालु बनें, और फिर कुछ सुलभ लक्ष्य निर्धारित करें! एक स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रतिबद्ध होने का अर्थ है इसे केवल थोड़े समय के लिए नहीं, बल्कि अच्छे के लिए अपने जीवन का हिस्सा बनाना।

Kalpanik lakshya tay na kare
काल्पनिक लक्ष्य तय न करें। चित्र:शटरस्टॉक

2. दूसरों से अपनी तुलना करना (Comparison)

चाहे वह इंस्टा पोस्ट हो या कोई अन्य जिम जाने वाला, तुलना असुरक्षित और निराश महसूस करने का एक निश्चित तरीका है। बहुत जल्द आप अपने आप से पूछ सकते हैं, “मैं क्यों नहीं ऐसा कर पाती?” यह असुरक्षा की भावना पैदा करता है जो आपके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

इसे कैसे दूर करें?

किसी से अपनी तुलना करना अवास्तविक और अस्वस्थ है। आप भी तुलना के जाल में फंस सकते हैं! यह आपको कमजोर महसूस करा सकता है क्योंकि आप “फिट” दिखने में समय लगा सकते हैं। इसलिए तुलना के बजाय अपनी यात्रा पर ध्यान केंद्रित करें और दूसरो को छोड़कर स्वयं को अपना प्रतिद्वंदी मानें। यह आपको विचलित होने से रोकेगा।

आपका जीवन और शरीर अलग हैं, इसलिए आपकी प्रगति किसी और की तरह नहीं दिखेगी। लेकिन यह आपकी प्रगति है! इसलिए जब आप नए लक्ष्य को प्राप्त करते हैं तो इसका जश्न मनाएं।

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3. प्रेरणा को अनुशासन समझना (Motivation is not discipline)

आपकी फिटनेस यात्रा को शुरू करने वाली प्रेरणा का विस्फोट एक अच्छी बात है। लेकिन यह हमेशा आपके काम नहीं आ सकती है। आखिरकार, प्रेरणा खत्म हो जाती है और हो सकता है कि अपने लक्ष्य का पीछा करने का मन न करे। यही वह जगह है जहां बहुत से लोग कसरत छोड़ देते हैं।

परेशानी का हल

हर एक दिन आपको उठना होता है और यह तय करना होता है कि क्या पहनना है, नाश्ते में क्या खाना है और अपनी टू-डू लिस्ट में क्या करना है। फिटनेस इतनी अलग नहीं है। आप बस स्वस्थ और खुश रहने का निर्णय ले रहे हैं! प्रेरणा आएगी और जाएगी, अनुशासन और आदत बनाना ही आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाएगा।

4. समय की कमी (Lack of time)

“मेरे पास कसरत करने का समय नहीं है!”– इस परेशानी का आप सबने सामना किया होगा। ट्रेनर और फिटनेस विशेषज्ञ यह बहुत सुनते होंगे। कुछ लोग वास्तव में तनाव मुक्त होने और व्यायाम के साथ अपने मूड को बढ़ाने के लिए दिन में 30 मिनट खोजने में परेशान हो सकते हैं। लेकिन आप में से अधिकांश के लिए ऐसा नहीं है।

Disciplne ki kami fitness goals ko achieve nahi karne deta
अनुशासन की कमी फिटनेस लक्ष्य को प्राप्त नहीं करने देता। चित्र:शटरस्टॉक

कैसे करें इसका सामना?

सबसे पहले, अपने कसरत का समय निर्धारित करें। इसे एक ऐसे अपॉइंटमेंट की तरह मानें जिसे आप मिस नहीं कर सकते हैं, और अपने फोन पर रिमाइंडर सेट करें। क्या आप समय निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं? हो सकता है कि आप अपने लंच ब्रेक में 20 से 30 मिनट की हलचल कर सकें, या 30 मिनट के टीवी समय का त्याग कर सकें। हो सकता है कि आप हर कसरत को योजना के अनुसार करने में सक्षम न हों, लेकिन आप अपने लिए लगातार बने रहना आसान बना सकते हैं। याद रखें, कुछ नहीं से हमेशा कुछ ही सही बेहतर होता है!

तो लेडीज, अपने फिटनेस रूटीन को रोज पालन करने के लिए इन बाधाओं को पार करें। स्वस्थ रहना एक ट्रेंड नहीं, आपकी जीवन शैली बन जायेगा।

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अदिति तिवारी अदिति तिवारी

फिटनेस, फूड्स, किताबें, घुमक्कड़ी, पॉज़िटिविटी...  और जीने को क्या चाहिए !