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क्या घुटनों का दर्द बन रहा है वेट लॉस में बाधा? तो यहां है आपके लिए सही वेट लॉस रुटीन

Published on:23 September 2021, 08:00am IST
बढ़ता वजन अपने साथ कई परेशनियां लाता है। हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, थकान, आलस के साथ घुटनों में दर्द। पर क्या यही घुटनों का दर्द आपके वेट लॉस रूटीन में रुकावट ला रहा है? तो समाधान के लिए हेल्थ शॉट्स है न।
अदिति तिवारी
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ghutno ka dard ab nahi banegi aapke sahi weight loss routine mein baadhaa
घुटनों का दर्द अब नहीं बनेगा आपके सही वेट लॉस रुटीन में बाधा। चित्र: शटरस्टॉक

घुटनों का दर्द (Knee pain) एक आम समस्या है। खासकर तब जब आपका वजन ज्यादा (Overweight hazards) हो। बढ़ता वजन अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है, जिनमें से एक घुटनों का दर्द भी है। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके घुटने का दर्द आपके बढ़ते वजन का कारण है? जी हां, घुटनों का दर्द और मोटापा दोनों एक-दूसरे से संबंधित हैं। 

वेट लॉस में बाधा बन सकता है घुटनों का दर्द 

घुटना आपके शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जिसकी मदद से आप अधिकांश काम कर पाते हैं। कई लोग दर्द से बचने के लिए अपना मूवमेंट बढ़ाने के बजाए घुटनों का इस्तेमाल बंद कर देते है। लेकिन याद रखें ऐसा करने से आप मोटापा और उससे जुड़ी परेशानियों के शिकार हो सकते हैं। इससे न केवल आपका वजन बढ़ने लगता है, बल्कि जोड़ों और घुटनों की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। 

motapa ka aapke jodo aur ghutno ki sehat par nakaratmak asar padta hai
मोटापा का आपके जोड़ों और घुटनों की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है। चित्र: शटरस्टॉक

सबसे पहले जानिए घुटनों में दर्द के सामान्य कारण

1. मोटापा

अधिक वजन या मोटापा होने से आपके घुटने के जोड़ों पर तनाव बढ़ जाता है। यहां तक ​​कि चलने या सीढ़ियों से ऊपर और नीचे जाने में भी आपको तकलीफ हो सकती है। यह आपके जोड़ों के कार्टिलेज (cartilage) के टूटने और ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) के जोखिम को बढ़ाता है। 

2. पुरानी चोट

कई बार आपको लगी पुरानी चोट भी घुटनों के दर्द का कारण बन सकती है। इसमें घुटनों का ज्यादा घिसना, फिसलकर गिरना, फ्रैक्चर, नी कैप (knee cap) में चोट आदि घटनाएं शामिल हैं। यह आपकी मांसपेशियों में सूजन (inflammation) लाता है, जिसके कारण मूवमेंट करने में दर्द होता है। 

3. अन्य मेडिकल कारण

कई लोगों को विभिन्न मेडिकल कारणों के वजह से भी घुटनों में दर्द होता है। इसमें गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis), ल्यूपस (lupus) और गाउट (gout) जैसी बीमारियां शामिल है। इनके समाधान के लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करके सही उपचार शुरू करना चाहिए। 

arthritis hai ghutno ke dard ka kaaran
अर्थराइटिस है घुटनों के दर्द का कारण। चित्र: शटरस्टॉक

अगर घुटनों में दर्द हो तो क्या करें 

अपने फिटनेस रूटीन को आप तभी इन्जॉय कर पाएंगे जब आपके घुटनों का दर्द गायब हो जाएगा। इसके लिए हमारे पास कुछ जबरदस्त प्राकृतिक घरेलू उपाय हैं। 

1. हल्दी दूध

हल्दी अपने महत्वपूर्ण तत्व करक्यूमिन (curcumine) के कारण कई बीमारियों का इलाज करने में कारगर है। ये तत्व गठिया (arthritis) के कारण घुटने में होने वाले दर्द को कम करने में कारगर हैं। इसके लिए आपको सुबह- शाम 1 गिलास दूध में 1 चम्मच हल्दी मिलाकर पीना होगा। इससे आपको सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। 

2. अदरक

गरम प्रकृति का होने के कारण अदरक का उपयोग ठंड में करना चाहिए। अदरक में जिंजरॉल (gingerol) होता है, जो जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है। ठंडी के मौसम में रोजाना अदरक का जूस पीने से दर्द से निजात मिल सकता है। इस जूस में एक नींबू और आधा चम्मच शहद मिलाकर पिएं। 

3. एप्पल साइडर विनेगर 

घुटनों के दर्द को कम करने के लिए ऐपल साइडर विनेगर को सबसे अधिक कारगर माना गया है। इसकी वजह है इसका ऐल्कलाइन नेचर।(alkaline nature)। यह शरीर में मौजूद टॉक्सिक तत्वों को खत्म कर देता है। इसके अलावा यह जोड़ों को लचीला बनाने वाले लुब्रिकेंट्स का उत्पादन करता है। इसलिए रोजाना सुबह या सोने से पहले 1 कप पानी में एक ढक्कन ऐपल साइडर विनेगर मिलाकर पिएं। 

ghutno ke dard ko km karne ke liye faydemand hai apple cider vinegar
घुटनों के दर्द को कम करने के लिए ऐपल साइडर विनेगर को सबसे अधिक कारगर माना गया है। चित्र : शटरस्टॉक

4. सरसों तेल से मालिश करें 

घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए 2 चम्मच सरसों तेल में 1 चम्मच हल्दी मिलाकर गरम कर लें। इस तेल के ठंडा होते ही अपने घुटनों में हफ्ते में 3 बार मालिश करें। इसके पेन रिलिविंग गुण आपको जल्दी आराम देंगे। 

यहां हैं वे एक्सरसाइज जो आपके घुटनों को परेशान किए बिना आपको फिट रखेंगी 

अब आपको घुटनों में दर्द के कारण अपने वर्कआउट सेशन के साथ समझौता नहीं करना पड़ेगा। कुछ व्यायाम ऐसे हैं, जो घुटनों पर प्रेशर डाले बिना आपका वजन कम करने में मदद करेंगे। 

1. भुजंगासन

योग में भुजंगासन वजन कम करने का प्रभावी आसन है। इस आसन से आपके घुटने पर भी जोर नहीं पड़ेगा और आप आसानी से अपनी वेट लॉस जर्नी को जारी रख सकते हैं। यह आसन आपके रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। साथ ही आपके पाचन, लीवर और किडनी के कार्यों में भी सुधार करता है। इससे आपका वज़न नियंत्रण में रहेगा

कैसे करें भुजंगासन: 

अपने पेट के बल फर्श पर सीधा लेट जाएं। फर्श पर अपने पैर की उंगलियों के साथ अपने पैरों को पीछे खींचें। अपनी हथेलियों को अपने कंधों के नीचे फर्श पर फैलाएं और कोहनियों को अपने शरीर के किनारों के करीब लाएं।

  • इसके बाद पैरों और जांघों के ऊपरी हिस्से को फर्श पर मजबूती से दबाएं।
  • जैसे ही आप श्वास लेते हैं, अपनी हथेलियों को फर्श पर दबाएं और छाती को फर्श से उठाने के लिए बाजुओं को सीधा करना शुरू करें। अपनी नाभि तक ही ऊपर उठाएं। जैसे ही आप अपने नाभि केंद्र को नीचे की ओर धकेलते रहें, वैसे ही अपने नितंबों को धीरे से निचोड़ें और कस लें। 
  • अपने कंधे के ब्लेड के साथ मजबूत रहें क्योंकि आप उन्हें अपनी छाती को आगे खोलने के लिए संलग्न करते हैं। सुनिश्चित करें कि आप बैकबेंड को पूरे रीढ़ की हड्डी में समान रूप से वितरित कर रहे हैं।
  • इसी अवस्था में कपालभाति करें। 15 से 30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें। सांस छोड़ते हुए फर्श पर वापस आ जाएं। 
boat pose aapke pet ki charbi ko kam karta hai
बोट पोज या नौकासन आपके पेट की चर्बी को कम करता है। चित्र: शटरस्टॉक

2. नौकासन

बोट पोज या नौकासन आपके पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों पर काम करता है। ये पाचन क्रिया को सुधारता है और बेहतर बनाता है। ये पाचनतंत्र को बेहतर ढंग से चलाने में भी भरपूर मदद करता है। जिसके कारण आपका वजन और बेली फैट कम हो सकता है। 

कैसे करें नौकासन : 

  • इस आसन को करने के लिए अपने योगा मैट पर पैर फलकर बैठ जाएं। 
  • अपने हाथों को हिप्स के पास रखते हुए रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें
  • सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए अपने पैरों को फर्श से 45 डिग्री पर उठाएं। 
  • अब अपने हाथों को ऊंचा उठाएं और फर्श के समानांतर स्ट्रेच करें। 
  • नॉर्मल गति से सांस लेते और छोड़ते रहें। 
  • इसी स्थिति में 10 से 20 सेकेंड तक बने रहें। 
  • अभ्यास होने पर समय अवधि बढ़ा दें। 

3. दंडासन

यह आसन बहुत सरल है और घुटनों पर प्रेशर दिए बिना आपके वजन को कम करने में मदद करता है। इससे कब्ज, एसिड रिफ्लक्स और ब्लोटिंग आदि पाचन संबंधी परेशनियों से बचा जा सकता है। 

कैसे करें दंडासन : 

  • इस आसन को करने के लिए अपने योगा मैट पर बैठ जाएं और दोनों पैरों को फैला लें। 
  • अपने दोनों हाथों को हिप्स के पास सीधे और हथेलियों को नीचे रखें। 
  • अपनी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखें। 
  • अब अपनी छाती को ऊपर उठाएं और अपने कॉलरबोन (collarbones) को फैलाने के लिए अपने कंधों को थोड़ा सा खींचें।
  • इस आसन को 20 सेकंड से 1 मिनट तक करते रहें। 

अब घुटनों के दर्द के कारण आपको अपनी वेट लॉस जर्नी को डिस्टर्ब करने की जरूरत नहीं है।  

यह भी पढ़ें: क्या वाकई सोते-सोते वजन कम किया जा सकता है? क्या है नींद और आपके वजन का संबंध

 

अदिति तिवारी अदिति तिवारी

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