घुटनों में दर्द की वजह से बढ़ने लगा है वज़न, तो योग के ये 4 आसन आ सकते हैं आपके काम

Published on: 27 March 2022, 10:00 am IST

घुटनों का दर्द और बढ़ता हुआ वजन, दोनों एक-दूसरे से कनैक्टेड हैं। इस स्थिति में आपकी मदद करने के लिए हेल्थशॉट्स यहां है।

high sodium level ke lakshan
शरीर में हाई सोडियम लेवल के लक्षण । चित्र : शटरस्टॉक

एक उम्र के बाद घुटनों में दर्द (Knee pain) की समस्या होना आम बात है। लेकिन घुटनों की समस्या मात्र घुटनों तक सीमित नहीं रहती। यह कई अन्य शारीरिक समस्याओं को भी जन्म दे देती है, जिसमें मोटापा (Obesity) भी शामिल है। मोटापे के कारण हम कई अन्य रोगों की चपेट में आ सकते हैं। असल में बढ़ता हुआ वजन और घुटनों का दर्द, दोनों एक-दूसरे से कनैक्टेड हैं। इसलिए अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रहीं हैं, तो आपकी मदद करने के लिए योग (Yoga for knee pain) यहां है। 

घुटनों का दर्द और वज़न का बढ़ना 

दरअसल घुटनों में समस्या हो जाने के कारण हमारी शारीरिक गतिविधियां काफी हद तक कम हो जाती है। जिसके कारण हमारा वजन और मोटापा दोनों बढ़ने लगता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि आप घुटनों की समस्या होने के बाद योग्य या व्यायाम नहीं कर सकतीं। 

ऐसे बहुत से योग आसन हैं जो आपको घुटनों की समस्याओं से निजात दिलाने के साथ-साथ आपके वजन पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। आपके घुटनों का दर्द ठीक रहेगा, तो व्यायाम करने और योग मुद्राओं का पालन करने में भी समस्याएं नहीं आएंगी। आज हम आपको ऐसी ही योग मुद्राओं के बारे में बताएंगे। पर उससे पहले जोड़ों के दर्द के बारे में कुछ अहम बातें जानना भी जरूरी है।

क्यों परेशान करती है जोड़ों की समस्या?

जोड़ों की समस्या सिर्फ घुटनों में ही नहीं होती, बल्कि शरीर के हर जोड़ में हो सकती है। हालांकि ज्यादातर घुटनों की समस्या ही सबसे आम जोड़ों के समस्याओं में गिनी जाती है। जोड़ों का दर्द शरीर के किसी भी जोड़ में बेचैनी, दर्द और घर्षण को दर्शाता है। कभी-कभी जोड़ों का दर्द किसी बीमारी या चोट का परिणाम होता है। गठिया भी जोड़ों के दर्द का एक आम कारण है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ रुमेटोलॉजी के अनुसार, osteoarthritis (OA) 40 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में सबसे आम है।  

knee pain ke karan
40 की उम्र के बाद ज़्यादा होती है जोड़ों के दर्द की समस्या। चित्र:शटरस्टॉक

यहां योग के वे आसन दिए गए हैं, जो आपको घुटनों में दर्द से राहत के साथ वेट लॉस में भी मदद करेंगे 

यदि आप जोड़ों के दर्द के कारण शारीरिक गतिविधियां नहीं कर पा रही हैं, तो ये आसन आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं –

  1. माउंटेन पोज 

यह एक ऐसी योग मुद्रा है, जो आपको घुटनों की समस्याओं से आराम देने के साथ-साथ आपकी मांसपेशियों को ठीक से संरक्षित करने में आपकी मदद करेगी। यदि आप पहले से ही योगाभ्यास करती आ रही हैं, तो आपको इस मुद्रा के बारे में जरूर पता होगा। इसे करना बहुत आसान है – 

  1. अपने पैर की उंगलियों को एक साथ और एड़ी को थोड़ा अलग करके खड़े हो जाएं।
  2. पैर की उंगलियों को फैलाएं और अपना वजन दोनों पैरों पर समान रूप से रखें।
  3. अपने कोर को संलग्न करें और अपने कूल्हों को थोड़ा नीचे करें ताकि आपकी टेलबोन नीचे फर्श की ओर हो।  अपने कंधों को आराम दें और उन्हें पीछे और नीचे रोल करें।
  4. गहरी सांस लें और अपने पैरों को नीचे की ओर दबाते हुए अपनी बाहों को ऊपर की ओर ले जाएं।

 

  1. त्रिकोणासन

घुटनों की समस्या के लिए त्रिकोणासन यानी ट्रायंगल पोज़ को काफी अच्छा माना गया है। यह आपके घुटनों की समस्या के साथ-साथ जांघों को मजबूत करता है। साथ ही आपके पूरे शरीर में खून परिसंचरण में सुधार भी करता है। यह मुद्रा आपके वजन घटाने के अभ्यास को शुरू कर सकती है क्योंकि यह आपके पेट और कमर के आसपास की चर्बी को जलाने में मदद करती है।

Trikonasana ke fayade
त्रिकोणासन का करें अभ्यास। चित्र : शटरस्टॉक
  1. अपने पैरों के साथ लगभग तीन फीट की दूरी पर खड़े हो जाएं
  2. नीचे झुकें, अपने बाएं पैर को थोड़ा दाईं ओर मोड़ें और अपना दाहिना पैर आगे रखें।
  3. अब अपने बाएं हाथ को फैलाकर पैर या फर्श को छुएं और अपने दाहिने हाथ को छत की ओर फैलाएं।
  4. 20-30 सेकंड के लिए मुद्रा बनाए रखें।

3.ब्रिज पोज 

ब्रिज पोज़ को सेतुबंधासन के नाम से भी जाना जाता है। यह कैसी योग मुद्रा है, जो आपके घुटनों, ग्लूट्स, पीठ और हैमस्ट्रिंग को मजबूत करने के लिए संरेखित करती है।

  1. फर्श पर लेट जाएं। ध्यान रहे कि आप अपने शरीर को पूरी तरह रिलैक्स कर लें।
  2. अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को फर्श पर टिकाएं
  3. सांस छोड़ें और अपने पैरों और बाहों को सक्रिय रूप से फर्श में दबाते हुए, अपनी टेलबोन को प्यूबिक की ओर ऊपर की ओर धकेलें।
  4. अपनी जांघों और अंदरूनी पैरों को समानांतर रखें।
  5. अपने हाथों को अपने श्रोणि के नीचे पकड़ें और अपने कंधों के शीर्ष पर बने रहने में मदद करने के लिए बाजुओं के माध्यम से विस्तार करें।
  6. इस मुद्रा में 30 सेकंड तक रहें। यदि आप यह मुद्रा पहली बार कर रही हैं, तो किसी योगा एक्सपर्ट की निगरानी में ही करें।

4.चेयर पोज 

Chair pose ke fayade
उत्‍कटासन आपके पैरों के लिए सर्वश्रेष्‍ठ व्‍यायाम है। चित्र: शटरस्‍टॉक
  1. सम स्थिति में शुरूआत करें।
  2. अपने हृदय चक्र पर नमस्कार की मुद्रा के लिए अपनी हथेलियों को मिलाएं और अपनी बाहों को ऊपर उठाएं।
  3. घुटनों को मोड़ें और धीरे-धीरे अपने श्रोणि को नीचे करें।
  4. अपने घुटनों को 90 डिग्री पर झुकाते हुए अपने श्रोणि को फर्श के समानांतर रखें
  5. टखनों और घुटनों को एक सीधी रेखा में संरेखित करें। नजर को अपनी हथेलियों की ओर केंद्रित करें।
  6. सुनिश्चित करें कि आपकी रीढ़ सीधी रहे।
  7. 30 सेकंड के लिए रुकें। और यही स्थिति पांच बार दोहराएं।

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अक्षांश कुलश्रेष्ठ अक्षांश कुलश्रेष्ठ

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