क्या प्रेगनेंसी में करना चाहिए योग और व्यायाम? आइए जानने की कोशिश करते हैं 

Published on: 19 June 2022, 09:30 am IST

योगाभ्यास न केवल आपको तनावमुक्त रखता है, बल्कि ये प्रसव को भी आपके लिए आसान बना सकता है। यहां उन योगासनों के बारे में बताया गया है, जिन्हें आप प्रेगनेंसी में भी कर सकती हैं। 

यह जरूरी है कि गर्भावस्‍था के दौरान आहार और व्‍यायाम दोनों का ख्‍याल रखा जाए। चित्र: शटरस्‍टॉक
यह जरूरी है कि गर्भावस्‍था के दौरान आहार के साथ योग किया जाए। चित्र: शटरस्‍टॉक

प्रेगनेंसी के दौरान एक्सपर्ट की देखरेख में ही योग किया जाना चाहिए, चित्र: शटरस्टॉक

करीना तो बहुत सालों से योग करती आ रही हैं। जब करीना दूसरी बार प्रेगनेंट हुई तब उनकी डायटीशियन रुजुता देवेकर ने अगस्‍त 2020 में अपनी इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट के जरिए बताया था कि करीना ट्रेडमिल पर रनिंग, योगा, स्‍ट्रें‍थ ट्रेनिंग वर्कआउट और कोर वर्कआउट करती हैं।

बॉलीवुड दीवा करीना ने यह सब प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में किया था। करीना कपूर शादी से पहले से ही योग करती आई हैं और योग से मिलने वाले फायदों को बखूबी समझती हैं। आप भी योगा एक्‍सपर्ट की सलाह के साथ प्रेगनेंसी में करीना की तरह योगा और वर्कआउट कर सकती हैं। 

क्या प्रेगनेंसी में योग सुरक्षित है?

प्रेगनेंसी के दौरान योग का अभ्यास करना तब तक सुरक्षित है, जब तक आप सावधानियों का पालन करते हैं, आवश्यकतानुसार योग और उसके पोश्चर में बदलाव लाते हैं, और कुछ आसनों से पूरी तरह दूर रहती हैं। हालांकि अधिकांश योग मुद्राएं जिन्हें संस्कृत में आसन कहा जाता है, को करना आपके लिए ठीक है। पर प्रेगनेंसी के दौरान योग करते हुए इन बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है:

कुछ सावधानियां हैं जरूरी 

गर्भावस्था में अपने सामान्य योग अभ्यास या फिटनेस दिनचर्या को बनाए रखें। साथ ही योग अभ्यास को थोड़ा एडजस्ट करने की ज़रूरत हो सकती है। उदाहरण के लिए, ट्विस्ट करते समय, ओपन ट्विस्ट चुनें जो आपके पेट , और अपनी रीढ़ के आधार के बजाय अपने कंधों या ऊपरी पीठ के स्तर पर मोड़ें।आगे झुकने के दौरान अपने सिर को नीचे गिरने देने के बजाय, अपने सिर को अपने हाथों या कुशन से सपोर्ट करें।

प्रेगनेंसी के दौरान, ऐसे आसन करने बचें:

तीव्र बैकबेंड , ट्विस्ट और फॉरवर्ड बेंड

पोज़ जिसमें आपके एब्डोमिनल संकुचन (Contraction) भी  शामिल हों 

पोज़ जो आपके पेट पर बहुत दबाव डालते हैं करने से बचें और किसी योग्य योग प्रशिक्षक के साथ ही योगाभ्यास करें 

यहां कुछ योगासन हैं, जिन्हें आप प्रेगनेंसी में भी कर सकती हैं 

इस दौरान आपको ऐसे योगासन करने चाहिए, जो तनाव मुक्त करें, लचीलेपन में सुधार करें और शरीर में ताकत बढ़ाए। जब आप गर्भावस्था के बदलावों से गुज़रती हैं, तो ऐसे पोज़ पर ध्यान केंद्रित करना जो आपको अधिक शांत, केंद्रित और ग्राउंडेड महसूस करने में मदद करता है, मददगार हो सकता है ।

यहां कुछ आसन दिए गए हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान करने के लिए सुरक्षित हैं।

1 वृक्षासन (Tree Pose)

यह क्लासिक बैलेंसिंग पोज़ संतुलन यानी बैलेंस सुधारने  और इस बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है। यह आपकी पीठ, कोर और पैरों में ताकत बढ़ाता है।

सावधानियां 

सपोर्ट के लिए इस मुद्रा को दीवार, मेज या कुर्सी के पास करें।

कैसे करें:

योग मैट पर सावधान की मुद्रा में सीधे खड़े हो जाएं। दोनों हाथ को जांघों के पास ले आएं। धीरे-धीरे दाएं घुटने को मोड़ते हुए उसे बायीं जांघ पर रखें। 

बाएं पैर को इस दौरान मजबूती से जमीन पर जमाए रखें। बाएं पैर को एकदम सीधा रखें और सांसों की गति को सामान्य करें। 

धीरे से सांस खींचते हुए दोनों हाथों को ऊपर की तरफ उठाएं। दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर ‘नमस्कार’ की मुद्रा बनाएं। दूर रखी किसी वस्तु पर नजर गड़ाए रखें और संतुलन बनाए रखें। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। शरीर मजबूत के साथ ही लचीला भी रहेगा। 

गहरी सांसें भीतर की ओर खींचते रहें। सांसें छोड़ते हुए शरीर को ढीला छोड़ दें। 

धीरे-धीरे हाथों को नीचे की तरफ लेकर आएं। अब दायीं टांग को भी जमीन पर लगाएं। वैसे ही खड़े हो जाएं जैसे आप आसन से पहले खड़े थे। इसी प्रक्रिया को अब बाएं पैर के साथ भी दोहराएं।

2 मालासन ( माला मुद्रा-Garland Pose)

मालासन आपके कूल्हों और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ ही स्ट्रेच भी करता   है। यह आपकी रीढ़ को भी स्ट्रेच करने में मदद करता है और पाचन तंत्र में सुधार करता है।

सावधानियां 

अगर आपको प्रोलैप्स होने का खतरा है तो इस आसन को न करें।

सपोर्ट के लिए अपने कूल्हों के नीचे एक ब्लॉक या कुशन रखें।

सपोर्ट के लिए अपनी एड़ी के नीचे एक मुड़ा हुआ कंबल या चटाई रखें।

संतुलन के लिए इस मुद्रा को दीवार या कुर्सी के बगल में करें।

pregnancy ke dauraan expert kee dekhrekh men hee yog karen
प्रेगनेंसी के दौरान एक्सपर्ट की देखरेख में ही योग किया जाना चाहिए, चित्र: शटरस्टॉक

कैसे करें:

योग मैट पर ताड़ासन में खड़े हो जाएं। 

रीढ़ को स्ट्रेच करते हुए पेट को भीतर की ओर खींचें। कंधों को ऊपर की तरफ खींचते हुए कुछ गहरी सांसें लें और छोड़ें। 

दोनों हाथों को नमस्ते या प्रणामासन की मुद्रा में लेकर आएं। सीने को फुलाएं और सख्त बनाए रखें। 

गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। सांस छोड़ते हुए घुटनों के बल नीचे बैठ जाएं। टांगें साथ रहेंगी लेकिन घुटनों के बीच अंतर रहना चाहिए। जांघों को धीरे-धीरे फैलाएं। 

जांघों को शरीर की चौड़ाई से थोड़ा बाहर ले जाने का प्रयास करें। 

सांस छोड़ते हुए आगे झुकें जिससे धड़ जांघों के बीच में फिट हो जाए। दोनों कु​हनियां इनर थाइज पर टिका दें। 

अब धड़ आराम से बाहर निकाल सकेगा। भीतरी जांघों को धड़ के बगल से दबाएं। बाहों को फैलाकर घुमाएं कि पिंडली बगल में फिट हो जाए। अब अपनी एड़ियों को पकड़ें। इस पोज को कुछ सेकेंड तक रोककर रखें। सांस ​भीतर खींचते हुए आसन ख़त्म करें। 

3 सपोर्टिव पश्चिमोत्तानासन ( सिटिंग फॉरवर्ड बेंड)

आगे की ओर झुक कर किए जाने वाला यह आसन पाचन तंत्र में सुधार करता है ,रिलैक्स करता है, और आपका ध्यान  सकारात्मकता की ओर मोड़ता है।

सावधानियां 

एक कुशन या कम्बल पर बैठें।

सपोर्ट  के लिए, अपने घुटनों के नीचे कुशन रखें।

अपनी छाती और माथे को सहारा देने के लिए कुशन का इस्तेमाल करें।

कैसे करें:

जमीन पर दोनों पैरों को एकदम सीधे फैलाकर बैठ जाएं। दोनों पैरों के बीच में दूरी न हो और जितना संभव हो पैरों को सीधे रखें। इसके साथ ही गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी को भी सीधा रखें।

इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को दोनों घुटनों (knees) पर रखें। अब अपने सिर और धड़ (trunk) को धीरे से आगे की ओर झुकाएं और अपने घुटनों को बिना मोड़े हाथों की उंगलियों से पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें। 

गहरी श्वास लें और धीरे से श्वास को छोड़ें। अपने सिर और माथे को दोनों घुटनों से छूने की कोशिश करें। बांहों को झुकाएं और कोहनी (elbow)से जमीन को छूने की कोशिश करें।

श्वास को पूरी तरह छोड़ दें और इसी मुद्रा में कुछ देर तक बने रहें फिर कुछ सेकेंड के बाद वापस पहली वाली मुद्रा में आ जाएं। 

अब सामान्य रूप से श्वास लें और इस आसन को 3 से 4 बार दोहराएं। पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास खाली पेट किया जाता है। लेकिन यदि आप किसी कारणवश भोजन करने के बाद इस आसन का अभ्यास करना चाहते हैं तो यह सुनिश्चित कर लें कि आसन करने से लगभग 6 घंटे पहले भोजन कर लें। 

भोजन सही तरीके से पचने के बाद आसन का अभ्यास करने में शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। इस योगासन का अभ्यास करने का बेहतर समय सुबह होता है लेकिन शाम को भी इसका अभ्यास किया जा सकता है।

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शालिनी पाण्डेय शालिनी पाण्डेय

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