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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : कार्डियो योग हो सकता है कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मददगार

Published on:19 June 2021, 09:00am IST
योग सिर्फ एक तरीके से नहीं, बल्कि कई प्रकार से आपकी मदद करता है! लेकिन क्या आप जानती हैं कि कार्डियो योग एक ऐसी चीज है जो योग और कार्डियो दोनों को जोड़ती है। चलिए इसके बारे में सब पढ़ते हैं।
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कार्डियो योग अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। चित्र: शटरस्टॉक
कार्डियो योग अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। चित्र: शटरस्टॉक

अगर आप फिट होना चाहती हैं तो आपको यह जरूर करना चाहिए। आज ऐसे बहुत से व्यायाम हैं जिन्हें कोई भी कर सकता है, जिसमें कार्डियो योग भी शामिल है। हैरान हैं कि आखिर ये क्या है? जैसा कि नाम से पता चलता है, कार्डियो योग, ये योग और कार्डियो एक्सरसाइज को साथ जोड़ता है। ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो योग के साथ ही अपने वर्कआउट में अधिक इंटेंसिटी (तीव्रता) लाना चाहते हैं। लेकिन इससे पहले कि हम इसके लाभों के बारे में जानें, आइए कार्डियो योग को विस्तार से समझें।

कार्डियो योग क्या है?

योग के इस रूप की उत्पत्ति भारत में ही हुई है, और ये आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है, ये श्वास तकनीक और आपके ध्यान पर केंद्रित है। ये न केवल तनाव से राहत देता है, बल्कि नींद में भी सुधार करता है, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ाता है और पीठ के निचले हिस्से और गर्दन के दर्द से छुटकारा पाने में मदद करता है।

जब आप कार्डियो योग से जुड़ती हैं, तो आप योग- एक्सरसाइज़ को तेज गति से कर रही होती हैं, ताकि आपके शरीर में अधिक मांसपेशियों को शामिल किया जा सके।

कार्डियो योग में क्या शामिल किया जा सकता है ?

चूंकि कार्डियो योग की वास्तव में कोई मानक परिभाषा नहीं है, इसलिए ऐसा बहुत कुछ है जिसके साथ प्रयोग किया जा सकता है। यहां कुछ मध्यम-तीव्रता (इंटेंसिटी) वाली कसरत हैं, जिन्हें आप आजमा सकती हैं:

योग आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी है। चित्र: शटरस्‍टॉक
योग आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

सूर्य नमस्कार

1. समस्थिति: अपने पैरों को एक साथ रखकर सीधे खड़े हो जाएं और वजन दोनो पैरों पर समान रूप से बंटा हो। आपके कंधों को पीछे की ओर सीधा करें, अपने हाथों को भी सीधा करें।

2. ऊर्ध्व हास्तासन: सांस भरते हुए अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ें, अपने हाथों को अपने सिर के ऊपर उठाएं। अपनी हथेलियों को एक साथ लाएं और अपने अंगूठे को देखें।

3. उत्तानासन: सांस छोड़ें और अपने पैरों को सीधा करें। कूल्हों से आगे की ओर झुकें और हाथों से पैरों को पकड़ें।

4. अर्ध उत्तानासन: श्वास लें और अपनी रीढ़ को लंबा और सीधा करें, आगे की ओर देखते हुए और अपने हाथों को पैरों से थोड़ा दूर जमीन पर रखें।

5. चतुरंग दंडासन: सांस छोड़ें और कूदें या अपने पैरों को पीछे ले जाएं। अपनी कोहनियों को मोड़ें और उन्हें टिका कर रखें। आप या तो अपने घुटनों को फर्श से दूर रख सकती हैं, या अपने घुटनों को जमीन पर लाकर व्यायाम को पूरा कर सकती हैं।

6. उर्ध्व मुख श्वानासन: श्वास लें और अपने पैर की उंगलियों को स्ट्रैच करें। अपनी छाती को ऊपर उठाएं और अपने घुटने जमीन से ऊपर उठाएं। अपने कंधे खोलें और आकाश की ओर देखें।

7. अधोमुख श्वानासन : सांस छोड़ें और अपने पैर को पास लें आए और पंजों पर आ जाएं, अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं और ध्यान दें कि आपके हाथ जमीन पर ही हो, आप पर्वत जैसे आकार में आ जाएंगी।

8. उर्ध्वोत्तानासन: श्वास लें और अपने पैरों को जोड़ लें और अपने हाथों को अपने कंधों से आसमान की ओर सीधा बढ़ाए। और अपनी रीढ़ को स्ट्रैच करें और इसी अवस्था में कमर से पहले दाईं ओर फिर बाईं ओर सामने देखते हुए झुकें और फिर सीधे हो जाएं।

कुछ अन्य योग मुद्राएं जो आपके लिए सहायक हैं:

1. बालासन: घुटनो के बल बैठ जाएं, आपके कूल्हे आपकी एड़ी पर होने चाहिए, फिर अपने सर और हाथ को जमीन पर लगा दें और दोहराए।

बालासन आप अपने बिस्‍तर पर भी कर सकती हैं। चित्र : शटरस्‍टॉक
बालासन आप अपने बिस्‍तर पर भी कर सकती हैं। चित्र : शटरस्‍टॉक

2. वॉक डाउन्स: खड़े होकर शुरू करें, अपने हाथों को पैरों से दूर जमीन पर रखें और इस अवस्था में आगे की ओर हाथों से चलें। ध्यान दें कि आपके पैर वहीं रहेंगे और आप अपने हाथों से जितना आगे को चलेंगी आपके कूल्हे ऊपर की ओर उठे होंगे। इस पोजीशन में 1-2 सेकेंड तक रहें। फर्श के साथ हाथ का संपर्क बनाए रखते हुए, अपने आप को वापस चलें। वापस खड़े हो जाएं और दोहराएं।

ये कैसे मदद करता है?

इन आसनों को करते हुए आपको ज्यादा शक्ति और गति की आवश्यकता होती है, जिस कारण इनमें अधिक कैलोरी भी बर्न होती हैं! ये अन्य मध्यम-तीव्रता (इंटेंसिटी) वाले व्यायामों से बेहतर है, अब आप जानती हैं कि वजन कम करना सिर्फ सपना बनकर ही नहीं रहेगा।

तो, इसे आज़माएं और हमें बताएं कि आपका कार्डियो योग का अनुभव कैसा रहा।

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