जानिए क्यों उत्कटासन उर्फ चेयर पोज़ आपके पैरों के लिए है एक बेहतरीन व्यायाम

चेयर पोज वास्तव में आपके लिए कई चमत्कार कर सकता है, जिनमें मांसपेशियों का निर्माण भी शामिल है। यहां जानिए कि क्यों है यह आसन मसल गेन करने के लिए सबसे खास।
Chair pose ke fayade
उत्‍कटासन आपके पैरों के लिए सर्वश्रेष्‍ठ व्‍यायाम है। चित्र: शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published: 9 Jan 2021, 11:00 am IST
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शायद आप सभी जानते होंगे कि कैसे योग आपको फिट रहने और वजन कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन अगर आप यह सोचती हैं कि योग करने से आप मसल गेन नहीं कर सकतीं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। योग में ऐसे कई आसन होते हैं जो हमारी मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और साथ ही साथ मांस भी बढ़ाते हैं। ऐसा ही एक आसन है जो मांसपेशियों की नियमितता के लिए एकदम सही है, वह है चेयर पोज या उत्कटासन।

ग्रैंड मास्टर अक्षर कहते हैं, “चेयर पोज एक स्फूर्तिदायक मुद्रा है जो आपको पतली और मजबूत काया हासिल करने में मदद करती है।”

उत्कटासन को शरीर के ऊपरी और निचले क्षेत्रों को जोड़ने के लिए एक अच्छी मुद्रा माना जाता है। इस आसन के 30 से अधिक रूपांतर है जिन्हें आप मांसपेशियों के निर्माण के लिए प्रयोग कर सकते हैं। हालांकि इनमें से कुछ आसन कोई भी कर सकता है, लेकिन कुछ का अभ्‍यास केवल किसी विशेषज्ञ के निर्देशन में ही किया जाना चाहिए। इन मांसपेशियों का होता है उत्कटासन में उपयोग होता है

यह मुद्रा विशेष रूप से आपके शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां जैसे कि कूल्हे, कमर, पेट, आंतरिक और बाहरी जांघ और ग्लूट्स को लक्षित करती है। इसके अलावा, अक्षर कहते हैं: चेयर पोज आपकी एड़ियों, जांघों, पिंडलियों और रीड को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। यह पेट के अंगों को भी फैलाता है और उन्हें उत्तेजित भी करता है।

लेकिन यह पोज़ आपको मसल मास गेन करने में कैसे मदद करता है?

अक्षर बताते हैं, “उत्कटासन पेट और कमर के आसपास की अतिरिक्त चर्बी से छुटकारा पाने का एक बेहद लोकप्रिय आसन है। जब आप इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहते हैं तो यह आपके शरीर के निचले हिस्से की ताकत को बढ़ाता है, जो मांसपेशियों के निर्माण में मदद करती है।”

उत्‍कटासन आपके पैरों की सभी मांसपेशियों को लक्षित करता है। चित्र: ग्रैंड मास्‍टर अक्षर

केवल 2 से 3 महीने तक इसके नियमित अभ्यास से आप देखेंगे कि आपके पैर मजबूत हो गए हैं और वहां पर मांसपेशियों में वृद्धि भी हुई है। अगर यह सब पर्याप्त नहीं है, तो इस आसन के साथ आप अपने ऊपरी शरीर को भी टोन कर सकते हैं। आश्चर्य है कि कैसे? जब आप इस मुद्रा में अपनी बाहों को बढ़ाते हैं, तो यह शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत को बढ़ावा देता है।

तो, कितनी बार करना चाहिए उत्कटासन?

जैसा कि ऊपर बताया गया है, इस मुद्रा को सुरुआत में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रोकना काफी है। हालांकि, यदि आप लंबे समय तक इस मुद्रा में रहना चाहते हैं तो ग्रैंड मास्टर अक्षर सुझाव देते हैं, “अधिक समय तक उत्कटासन करने के लिए, आपको लंबे समय तक समस्थिति और ताड़ासन का अभ्यास करने की जरूरत है। हर रोज स्क्वाट करने से आप अपने निचले शरीर को मजबूत कर सकते हैं जो आपको लंबे समय तक उत्कटासन में रहने में मदद कर सकता है।”

इस तरह कर सकते हैं आप उत्कटासन

1 समस्थिति में आरंभ करें
2 अपनी हथेलियों को हृदय चक्र के सामने रखकर नमस्ते की तरह मिलाएं और अपनी बाहों को ऊपर उठाएं।
3 अपने घुटनों को मोड़े और धीरे-धीरे अपने पेल्विस को नीचे ले जाएं।
4 अपने घुटनों को 90 डिग्री के कोण में मोड़ते हुए अपने पेल्विस को जमीन के समानांतर रखें।
5 अपनी एड़ियों और घुटनों को एक सीधी रेखा में रखें। अपनी हथेलियों की ओर ध्यान दें।
6 सुनिश्चित करें कि आप की रीढ़ की हड्डी सीधी हो।
7 30 सेकंड तक इसी तरह रहे। 5 बार दोहराएं।

अगर कमर या घुटने में चोट है तो आपको यह व्‍यायाम नहीं करना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक
अगर कमर या घुटने में चोट है तो आपको यह व्‍यायाम नहीं करना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

इन सावधानियों का ध्यान रखें

अक्षर सुझाव देते हैं, “जिनके कमर के निचले हिस्से में दर्द रहता हो उन्हें उत्कटासन नहीं करना चाहिए। यदि आप किसी भी घुटने के दर्द या चोट से पीड़ित है तो भी इस मुद्रा से बचें। अगर आप पेट की एसिडिटी गैस और ब्लोटिंग से संबंधित समस्याओं से पीड़ित है, तो उत्कटासन न करें।

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