Yoga for hair : क्या बालासन और शीर्षासन करने से हेयर ग्रोथ अच्छी होती है? जवाब है हां, जानिए ये कैसे काम करते हैं

योग में कुछ ऐसे आसन हैं जिनके अभ्यास से हेयर फॉल और बालों संबंधी अन्य समस्याओं से बचा जा सकता है। आइए ऐसे ही 4 योगासनों के बारे में बात करें
Yoga karne ke liye tips
कुछ ऐसे आसन हैं जिनके अभ्यास से हेयर फॉल और बालों संबंधी अन्य समस्याओं से बचा जा सकता है। आइए ऐसे ही 4 योगासनों के बारे में बात करें। चित्र:शटरस्टॉक
ज्योति सोही Updated: 20 Jun 2023, 08:17 am IST
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21 जून को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। सेहतमंद रहने की इस प्राचीनी भारतीय पद्धति का लोहा अब दुनिया भर में माना जा रहा है। खासतौर से कोविड-19 महामारी के बाद योग के प्रति लोगों के रुझान में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए अब वे इसमें अलग-अलग तरह की मोडिफिकेशन के साथ स्वास्थ्य संबंधी लगभग हर मुद्दे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। आधुनिक जीवनशैली के कारण होने वाली तमाम समस्याओं से बचाव के लिए योगासन किया जा सकता है। ऐसी ही एक समस्या है हेयर फॉल। विशेषज्ञ मानते हैं कि योग में कुछ ऐसे आसन हैं जिनके अभ्यास से हेयर फॉल और बालों संबंधी अन्य समस्याओं से बचा जा सकता है। आइए ऐसे ही 4 योगासनों के बारे में बात करें (Yoga poses for hair problems)

आधुनिक जीवनशैली और हेयर फाॅल

जीवन इतनी तेजी से भाग रहा है कि लोग न अपने खानपान पर ध्यान दे पा रहे हैं और न ही अपनी देखभाल पर। यही वजह है कि हेयर फॉल इस समय की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। जिसका लाभ बाज़ार ने खूब उठाया है। तरह-तरह के विज्ञापनों को देखकर हम बालों पर कई प्रकार के प्रोडक्टस अप्लाई करने लगते हैं। इससे बालों के टेक्सचर से लेकर उनकी ग्रोथ तक हर चीज़ पर गहरा प्रभाव दिखने लगता है।

बालों का टूटना, झड़ना और सफेद होना शुरू हो जाता है। बालों को दोबारा से घने और मुलायम बनाने के लिए इन योगासनों का अभ्यास करने से हेयर प्राफबलम्स अपने आप दूर होने लगती है। जानते हैं वो 4 योगासन जिन्हें करने से आपके बाल हेल्दी और मज़बूत बने रहेंगे।

जानते हैं, उन 4 योगासनों के बारे में जो आपको हेयर फॉल से बचा सकते हैं

1. बालासन (Child pose)

इस योग को करने से शरीर के अन्य हिस्सों समेत मस्तिष्क में ब्लड फ्लो नियमित होने लगता है। इसका प्रभाव बालों की ग्रोथ पर भी दिखने लगता है। साथ ही टांगों में होने वाली ऐंठन और जोड़ों में होने वाले दर्द से भी राहत मिल जाती है। शरीर पूरी तरह से स्व्स्थ महसूस करने लगता है। इसे नियमित तौर पर करने से तनाव से भी मुक्ति मिल जाती है।

इस तरह करें बालासन का अभ्यास

इसे करने के लिए मैट पर सीधा खड़े हो जाएं। अब लंबी सांस लें और घुटनों के बल मैट पर बैठ जाएं। हिप्स को पैरों के तलवो पर टिका कर रखें।

योग के दौरान दोनों पैरों के मध्य गैप न रखें। अब दोनों हाथों को थाइज़ पर टिकाकर रखें और सांस छोडें। दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में रखें और हाथों को आगे की ओर बढ़ाएं।

इस योग को करने के दौरान आंखें बंद कर लें। अब अपने सिर को ज़मीन पर टिका लें। आप चाहें, तो सिर के नीचे तकिया भी लगाकर रख सकते है। अब हाथों को आगे की ओर रखें।

इस मुद्रा में 1 से 2 मिनट तक बने रहें। इस योग को 3 से 4 बार करें। इससे मस्तिष्क में ब्लड फ्लो बढ़ने लगता है।

Child pose ko karne ke fayde
शरीर के विभिन्न अंगों में आने वाली अकड़ान दूर होने लगती है। चित्र :शटरस्‍टॉक

2. शीर्षासन (Head stand)

सिर के बल किए जाने वाले इस योग को शीर्षासन कहा जाता है। इसे नियमित तौर पर करने से मेंटल हेल्थ को फायदा मिलता है। साथ ही बार बार भूलने की समस्या भी हल हो जाती है। इससे बालों के फॉलिकल्स मज़बूत बनते हैं और बालों संबधी समस्याओं से राहत मिल जाती है।

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शीर्षासन कैसे करें

इसे करने के लिए पैरों के सहारे मैट पर बैठ जाएं। अब दोनों हाथों की उगलियों को एक दूसरे में जकड़ लें। ध्यान रखें कि उंगलिया पूरी तरह से इंटरलॉक होनी चाहिए।

अब हाथों को सिर के पीछे रख लें। किसी दीवार या दरवाजे़े का सहारा लेकर टांगों के बल खड़े होने का प्रयास करें। इसे करते वक्त पूरे शरीर का वज़न सिर पर आने लगता है।

इस मुद्रा में 10 से 15 सेकण्ड तक बने रहें। इस योगासन का 3 से 4 बार अवश्य दोहराएं। इसे करने से आप चिंता मुक्त रहते हैं।

अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के लिए करें अलग अलग योगासन.

3. हस्त उत्थानासन (Hand lifting)

इस योग को करते वक्त शरीर के सभी मसल्स में खिंचाव आने लगता है। शरीर पूरी तरह से पीछे की ओर मुड़़ जाता है। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन नियमित होने लगता है। ये योगासन शरीर के अंगों को मज़बूती प्रदान करता है। इसे करने से गर्दन, सिर और कंधों में होने वाली ऐंठन और दर्द की समस्या दूर हो जाती है।

हस्त उत्थानासन कैसे करें

इस योग को करने के लिए मैट पर सीधा खड़े हो जाएं। अपनी टांगों को सीधा रखें और दोनों पैरों में थोड़ा सा गैप अवश्य बनाए रखें। इससे पैरों का बैलेंस आसानी से बना रहता है।

इसके बाद दोनों हाथों को उंचा उठाएं। अब दोनों हाथों से नमस्कार की मुद्रा बना लें। दोनों बाजूओं को सीधा रखें और धीरे धीरे बाजूओं को पीछे की ओर लेकर जाएं।

इस दौरान लंबी सांस लें और छोड़ें। 5 से 10 सेकण्ड तक इसी मुद्रा में रहने के बाद वापिस लौट आएं। इस योग को करने से मानसिक शांति और शरीर में लचीलापन बढ़ने लगता है।

Uthanasan
इस योग को करते वक्त शरीर के सभी मसल्स में खिंचाव आने लगता है। चित्र अडोबी स्टॉक

4. पर्वतासन (Mountain pose)

ये योग रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का आसान तरीका है। इसके अलावा सिर के बल झुककर किए जाने वाले इस योग को करने से हेयरफॉल समेत बालों से संबधी समस्याओं से बचा जा सकता है। इससे टांगों में आने वाली स्टिफनेस भी दूर होने लगती है।

इस योग को करने के लिए मैट पर सीधा खड़े हो जाएं। उसके बाद दोनों टांगों में गैप बनाए रखें। ध्यान रखें की दोनों पैरों के मध्य दूरी ज्यादा न रहे और टांगे सीधी रखें।

अब शरीर को कमर तक झुकाएं और दोनों हाथों को ज़मीन पर टिका लें। दोनों बाजूओं के बीच में गैप को बनाए रखें।

टांगों से तीन गुणा गैप बाजूओं में बनाकर चलें। इससे शरीर पूरी तरह से बैलेंस हो पाता है।

इसके बाद शरीर को उल्टा वी के समान आकार दें और इस योग मुद्रा में 2 से 3 मिनट तक बैठें।

दोनों पंजों को ज़मीन पर टिकाएं और दोनों पंजों को पीछे से उठा लें।

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लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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