रोज के फिटनेस रूटीन में बदलाव चाहिए, तो फंक्शनल ट्रेनिंग है इसका विकल्प

अगर आप एक ही समय में अपने पूरी बॉडी को काम पर लगाना चाहते हैं, तो फंक्शनल ट्रेनिंग (functional training) अपनाकर देखिए!

Functional training weight loss ke liye faydemand hai
फंक्शनल ट्रेनिंग वेट लॉस के लिए फायदेमंद है। चित्र: शटरस्टॉक
अदिति तिवारी Published on: 6 January 2022, 20:30 pm IST
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कोविड-19 की तीसरी लहर के कारण जिम और क्लब बंद होने के बाद आपका फिटनेस के लिए चिंतित होना स्वाभाविक है। शरीर के अलग हिस्सों को फैट फ्री और टोंड बनाने के लिए आपका लेग डे, बैक डे और अपर बॉडी डे का पालन कर पाना असंभव लग सकता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए हम लाए हैं फंक्शनल ट्रेनिंग (functional training)। बॉलीवुड की चार्मिंग एक्ट्रेस भाग्यश्री भी कर रहीं हैं इसकी सिफारिश। 

यह प्रशिक्षण आपके दैनिक जीवन में किए जाने वाले मूवमेंट की तरह दिखता है। कई व्यायामों का समावेश इस ट्रेनिंग को पूर्ण करता है। यह शरीर के किसी विशिष्ट हिस्से को लक्षित किए बिना समग्र बॉडी के लिए डिजाइन किया जाता है। तो अगर आपको अपनी परेशानी का हल मिल गया है, तो फंक्शनल ट्रेनिंग के बारे में अधिक जानकारी लें।

इतना अच्छा क्यों है फंक्शनल ट्रेनिंग?

फिटनेस स्तर, उम्र, एक्सरसाइज का अनुभव या उपलब्ध समय की परवाह किए बिना फंक्शनल ट्रेनिंग प्रत्येक व्यक्ति के लिए फायदेमंद है। यह आपके फिजिक को सुधारने, कैलोरी बर्न करने, मसल स्ट्रेंथ को बढ़ाने और एरोबिक क्षमता को आगे ले जाने में मदद करता है। 

इस ट्रेनिंग का मुख्य घटक बस मूवमेंट में रहना है। अलग दिशाओं में, अलग गति के साथ और विभिन्न प्रकार के इक्विपमेंट्स की सहायता से, फंक्शनल ट्रेनिंग आपको कई तरह के वर्कआउट एक साथ प्रदान करता है। यह शरीर के लगभग हर मसल पर काम करता है। 

कैसे शामिल करे अपने फिटनेस रूटीन में फंक्शनल ट्रेनिंग?

फंक्शनल ट्रेनिंग मांसपेशियों पर अलग तरह से काम करती है। अगर आपके बिजी शेड्यूल में शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम रहता है, तो इन एक्सरसाइज को मिलाकर आप प्रभावी फंक्शनल ट्रेनिंग कर सकते हैं। कुछ सामान्य फंक्शनल अभ्यासों में शामिल हैं:

Pure shareer ke muscles par kaam karta hai functional training
पूरे शरीर की मांसपेशियों पर काम करता है फंक्शनल ट्रेनिंग। चित्र:शटरस्टॉक
  • पुश अप (Push ups)
  • लंजेस (Lunges)
  • जंप स्क्वॉट्स (Jump Squats) 
  • कूदना या किसी ऊंची सतह पर कदम रखना (Stepping Up)
  • बॉडीवेट स्क्वॉट्स (Bodyweight Squats)
  • साइड से साइड दौड़ना (Lateral Run)
  • जंपिंग जैक (Jumping Jacks)
  • एक पैर पर संतुलन बनाकर स्क्वॉट्स करना (One leg Squats) 

ये सभी अभ्यास एक समय में एक से अधिक मांसपेशियों या मांसपेशियों के समूह को लक्षित करते हैं।

क्या है फंक्शनल ट्रेनिंग के फायदे?

1. सुडौल और टोंड बॉडी 

यह ट्रेनिंग एक ही समय में कई मांसपेशी समूहों का उपयोग करता है जो एक दुबले, अधिक पुष्ट दिखने वाले शरीर को विकसित करने में मदद कर सकता है। कई एथलीटों और नर्तकियों के आकर्षक फिजिक होने का कारण यह है कि वे ऐसे ट्रेनिंग का अभ्यास कर रहे हैं जो पूरे शरीर का उपयोग करते हैं। 

2. अधिक कैलोरी बर्न 

पारंपरिक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की तुलना में फंक्शनल ट्रेनिंग अधिक कैलोरी जलाने में मदद कर सकता है। 1 लीटर ऑक्सीजन की खपत के लिए शरीर लगभग 5 कैलोरी ऊर्जा जलाता है। जब भी आप अधिक मांसपेशियों का उपयोग कर रहे होते हैं, तो आप अधिक ऑक्सीजन का उपभोग करते हैं और अधिक कैलोरी बर्न कर रहे होते हैं। 

3. बेहतर मूवमेंट पैटर्न

मानव शरीर हिलने-डुलने के लिए बना है। इस प्रशिक्षण का मतलब है कि व्यायाम मूवमेंट के पैटर्न पर आधारित होते हैं, न कि अलग-अलग मांसपेशियों की क्रियाओं पर। आपके शरीर को विशेष रूप से सबसे अधिक कुशलता से कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। फंक्शनल ट्रेनिंग की मदद से आपके मूवमेंट को विशिष्ट पैटर्न में व्यवस्थित किया जा सकता है।  

भाग्यश्री ने की फंक्शनल ट्रेनिंग की तारीफ 

जानिए फंक्शनल ट्रेनिंग से अधिकतम लाभ प्राप्त करने का तरीका 

यह ट्रेनिंग वन साइज फिट ऑल नहीं है। इसकी लाभ और कमियां सभी के लिए अलग-अलग हैं। यह उनके लक्ष्यों, उनके द्वारा अभ्यास किए जाने वाले एक्सरसाइज, और बहुत कुछ पर निर्भर करता है। इसलिए फंक्शनल ट्रेनिंग करते वक्त आपको इन बातों का ख्याल रखना चाहिए। 

1. इसे अन्य व्यायामों के साथ मिलाएं

व्यायाम की विभिन्न शैलियां समान लक्ष्यों तक पहुंचने में आपकी मदद कर सकती हैं। व्यायाम जो केवल कुछ पैर की मांसपेशियों को लक्षित करते हैं, वे अभी भी रनर को अपनी गति बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। अपनी फिटनेस में सुधार के लिए अन्य कसरत शैलियों के साथ इस प्रशिक्षण का उपयोग करें।

2. विशिष्ट अभ्यास मायने रखते हैं

चेयर स्क्वॉट्स आपको जंपिंग जैक से ज्यादा उठने में मदद करेंगे। किसी गतिविधि में आपका कौशल तब बेहतर होता है जब आपका प्रशिक्षण उससे काफी मिलता-जुलता हो

Sahi mudra ke liye functional training hai jaroori
सही मुद्रा पाने के लिए फंक्शनल ट्रेनिंग है जरूरी। चित्र: शटरस्टॉक

3. सुरक्षित रहना

फंक्शनल ट्रेनिंग अन्य प्रकार के व्यायामों की तुलना में अधिक सुरक्षित हो सकता है। लेकिन फिर भी इसमें चोट लगने का जोखिम होता है। अपने वर्कआउट का अधिकतम लाभ उठाने के लिए सही फॉर्म के साथ तीव्र गतिविधियां करें। अपने चिकित्सक से बात करें यदि आपके पास इस कार्यक्रम को शुरू करने के बारे में कोई प्रश्न या चिंता है।

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