मेनोपॉज के बाद वजन होने लगा है आउट ऑफ कंट्रोल, तो इन 4 तरीकों से कम करें वेट लॉस

आपके समग्र स्वास्थ्य को बहुत सारे हॉर्मोन प्रभावित करते हैं। मेनाेपॉज हार्मोनल परिवर्तन का एक अहम पड़ाव है। बहुत सारी महिलाएं इसके बाद वजन बढ़ने का अनुभव करती हैं। पर इसे कंट्रोल करना बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं है।
मेनोपॉज में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जिससे कई महिलाएं कूल्हों और जांघों की तुलना में पेट के आसपास वजन बढ़ने का अनुभव करती हैं। चित्र : अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Updated: 10 Mar 2023, 18:03 pm IST
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जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है ये देखा जाता है कि वजन को कम रखना थोड़ा कठिन हो जाता है। मेनोपॉज के आसपास यानी 45 की उम्र के बाद बहुत सारी महिलाएं बढ़े हुए वजन का सामना करती हैं। कमर और पेट के आसपास इकट्ठा होने वाली ये चर्बी और बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा देती है। इसलिए यह जरूरी है कि आप मेनोपॉज और वेट गेन की समस्या को समझें। यहां हेल्थ शॉट्स पर हम आपके लिए लाए हैं वे तरीके, जिन्हें आजमा कर आप मेनोपॉज (how to lose weight after menopause) के बाद भी अपने वजन को नियंत्रित रख सकती हैं।

मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने का क्या कारण है?

मायो क्लिनिक के अनुसार मेनोपॉज में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जिससे कई महिलाएं कूल्हों और जांघों की तुलना में पेट के आसपास वजन बढ़ने का अनुभव करती हैं। पर यह जरूरी नहीं है कि केवल हार्मोनल परिवर्तन ही मेनोपॉज में वजन बढ़ने का कारण बनें। इसके अलावा भी कई चीजें वजन बढ़ने का कारण बनती हैं, जैसे उम्र बढ़ने के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव और आनुवंशिक कारक।

मेनोपॉज में वजन बढ़ने के आनुवंशिक कारक भी जिम्मेदार हो सकते है। यदि आपके माता-पिता या अन्य पारिवारिक सदस्यों के पेट के आसपास का वजन अधिक है, तो आपको ऐसी समस्या हो सकती है।

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इनके अलावा व्यायाम की कमी, अस्वास्थ्यकर भोजन और पर्याप्त नींद न लेना भी वेट गेन का कारण बन सकते हैं। जब लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो वे अधिक स्नैक्स खाते हैं और अधिक कैलोरी का सेवन करते हैं।

उदाहरण के लिए, मांसपेशियों का मास उम्र के साथ कम हो जाता है। जबकि वसा बढ़ जाती है। मांसपेशियों की कमी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। जो कैलोरी का उपयोग करता है ऊर्जा बनाने में। इससे स्वस्थ वजन बनाए रखने में मुश्किल होती है। यदि आप हमेशा की तरह खाना जारी रखते हैं और अपनी शारीरिक गतिविधि को नहीं बढ़ाते हैं, तो आपका वजन बढ़ सकता है।

यहां जानिए वे उपाय जो मेनोपॉज के बाद भी वजन को नियंत्रित कर सकते हैं (how to lose weight after menopause)

Kisi bhi umra mein sex karna sambhav hai
व्यायाम की कमी, अस्वास्थ्यकर भोजन और पर्याप्त नींद न लेना भी वेट गेन का कारण बन सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

1 फिजिकल एक्टिविटी करें

आपको अपनी शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देने की जरूरत है। एरोबिक, पावरफुल एक्सरसाइज आपके वजन को कम करने में मदद करेगी और आपका वजन भी नियंत्रण में रखेगी। शरीर की मांसपेशियों के बढ़ने से कैलोरी अधिक बर्न होती है जिससे आपके वजन नियंत्रण में रहता है। शारीरिक गतिविधि के रूप में आप तेज चल सकते है, जॉगिंग कर सकते है।

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2 ज्यादा कैलोरी के सेवन से बचें

अपने वजन को नियंत्रित करने के लिए कम खाएं। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है वैसे वैसे आपके शरीर की कैलोरी को बर्न करने की क्षमता कम हो जाती है। कम खाने से ये मतलब नहीं है कि आप भरपूर पोषण लेना छोड़ देंगी।

कैलोरी को कम करने के लिए आपको अपने खान पान पर ध्यान रखना होगा का आप क्या खा रही है। कोशिश करें की अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज को अपनी डाइट में शामिल करें। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिसमें फाइबर होता है।

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3 मीठे की आदत को कम करें

मेनोपॉज के दौरान आपको मीठा खाने का ज्यादा मन कर सकता है और यदि आप पहले से ज्यादा मीठा खाती है तो ये भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। ज़्यादा चीनी खाने से आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती हैं। इसलिए कुकीज़, पाई, केक, डोनट्स, आइसक्रीम और कैंडी को ज्यादा खाने से बचें

4 बनाएं शराब से दूरी

यदि आप शराब पीती है तो इसके सेवन करना बंद ही कर दें ये आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा। ड्रिंक्स करने से कैलोरी के बढ़ने का खतरा होता है जो वजन बढ़ने का कारण बनता है। शराब का सेवन करना वजन बढ़ने के साथ-साथ आपके लीवर और हार्ट हेल्थ के लिए भी अच्छा नहीं है।

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लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

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