सीढ़ियां चढ़ते घुटनों में दर्द होने लगता है, तो इन 4 एक्सरसाइज से उन्हें खराब होने से बचाएं

घुटनों का दर्द बताता है कि आपकी बोन और जॉइंट हेल्थ को मदद की जरूरत है। अमूमन 30 के बाद ज्यादातर महिलाओं काे इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी इससे परेशान हैं, तो ये एक्सरसाइज आपको जरूर करनी चाहिए।
yahan jaane ghutno ki haddi ko majbut banane ke liye exercise.
यहां जानें घुटने की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज। चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 1 Feb 2024, 09:30 am IST
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नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ना आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यदि आप एक्सरसाइज और वर्कआउट नहीं करती हैं, तो दिन में 2 से 3 बार सीढ़ियों पर चढ़ना और उतरना आपके लिए फुल बॉडी एक्सरसाइ की तरह काम करता है। आजकल लोग लिफ्ट का इस्तेमाल काफी ज्यादा करने लगे हैं, जिसकी वजह से यदि उन्हें कुछ सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती है, तो घुटने एवं कमर में दर्द होना शुरू हो जाता है। यह एक बेहद गंभीर लक्षण है, इस पर समय रहते ध्यान देना बहुत जरूरी है।

हालांकि, यदि आप चाहे तो इससे राहत पा सकती हैं। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी प्रभावी एक्सरसाइज जो घुटनों के दर्द से राहत प्रदान कर आपकी बॉडी को फ्लैक्सिबल बनाएंगे, जिससे कि आप बिना किसी थकान और दर्द के आसानी से सीढ़ियां चढ़ और उतर सकती हैं (exercise to strengthen knee)।

यहां जानें घुटने के दर्द को कम कर फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ाने वाले चार प्रभावी एक्सरसाइज के बारे में (exercise to strengthen knee)

1. स्क्वाट करें

स्क्वाट एक बेहद प्रभावी एक्सरसाइज है, बड़े-बड़े ट्रेनर्स भी इस एक्सरसाइज को करने की सलाह देते हैं। इस एक्सरसाइज में आपके पैर, घुटने, पेट का निचला हिस्सा, कमर सभी इंवॉल्व होते हैं। इन्हें करने से घुटनों की मांसपेशियां तथा नसें एक्टिवेट हो जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ जाता है, जिससे कि घुटनों में महसूस होने वाले दर्द और खिंचाव कम होते हैं। साथ ही आपके घुटने पूरी तरह से फ्लैक्सिबल हो जाते हैं, जिससे सीढ़ियां चढ़ते और उतरते वक्त आपको दर्द महसूस नहीं होता।

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सीढ़ियां चढ़ते और उतरते वक्त आपको दर्द महसूस नहीं होता। चित्र : अडोबी स्टॉक

यह है स्क्वाट करने का सही तरीका

सबसे पहले सीधी खड़ी हो जाएं और फिर अपने कमर को नीचे की ओर झुकाते हुए इसे जमीन के पैरलल लाएं, ठीक वैसे ही जैसे कि आप चेयर पर बैठी हों।
इस दौरान अपने पैर और रीढ़ की हड्डियों को बिल्कुल स्ट्रेट रखें।
इस मुद्रा में 4 से 5 सेकंड तक बनी रहें, फिर वापस से खड़ी हो जाएं। दोबारा फिर इसे दोहराएं, इसके 20-20 के दो से तीन सेट जरूर करें।
हालांकि, शुरू में आप 10-10 के दो सेट कर सकती हैं, और जैसे-जैसे बॉडी एडजस्ट होती जाए आप इसे बढ़ा सकती हैं।

2. चेयर डिप्स

चेयर डिप्स एक बेहद आसान और प्रभावी एक्सरसाइज है। ये घुटने, कमर एवं आपके बाजू को इंवॉल्व करता है, जिससे कि इन सभी जगहों की मांसपेशियां एक्टिवेट हो जाती हैं। साथ ही साथ यह फ्लैक्सिबिलिटी को भी बढ़ा देता है और आपके घुटनों के दर्द को कम करता है। अधिक उम्र के व्यक्ति को इस एक्सरसाइज से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

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जानिए चेयर डिप्स का सही तरीका

एक कुर्सी पर अपने दोनों हाथों को टीका लें। वहीं अपने शरीर को आगे की ओर लाएं।
अपने पैर एवं रीढ़ की हड्डियों को पूरी तरह से सीधा रखें और ठीक इस पोजीशन में आ जाए जिस प्रकार आप चेयर पर बैठती हैं।
फिर अपने हाथ पर भार डालते हुए डिप्स मारें, इसके कम से कम 10-10 के दो सेट जरूर करें।
इसे करना बेहद आसान है और इसके फायदे भी फौरन नजर आना शुरू हो जाते हैं।

Lower body ko shape mein rakhta hai
डेस्क पर भी कुछ एक्सरसाइज किये जा सकते हैं। इससे आप न सिर्फ अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव कर सकते हैं। चित्र:शटरस्टॉक

3. स्टेप एक्सरसाइज

स्टेप एक्सरसाइज बिल्कुल सीढ़ियां चढ़ने जैसा है। यह एक बेहद प्रभावी एक्सरसाइज है, जो आपके घुटने के दर्द को कम करने में आपकी मदद करता है। इससे आपके घुटने बार-बार बंद और खुलते हैं, जिससे मांसपेशियां एक्टिवेट हो जाती हैं। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और जोड़ों के दर्द से राहत प्राप्त होता है। इन एक्सरसाइज का महत्व केवल सीढ़ियां चढ़ने को आसान बनाना नहीं है, बल्कि यह गठिया और जोड़ों से संबंधित अन्य बीमारियों के खतरे को भी कम कर देती हैं।

इस तरह करें स्टेप एक्सरसाइज

एक लो हाइट टेबल को जमीन पर रख दें और बिल्कुल स्ट्रेट खड़ी हो जाएं।
इस दौरान अपनी रीढ़ की हड्डियों को पूरी तरह से सीधा रखें, और अपने घुटनों को मोड़ते हुए ऊपर की ओर उठाएं।
इन्हे टेबल पर रखें फिर एक पैर नीचे रखे और दूसरे पैर को ऊपर रखे।
इसी प्रकार लगभग 20 से 40 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इससे घुटनों की मालिश होती है, और इसकी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है।

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यह कुछ बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

4. सुविधानुसार दौड़ना है जरूरी

जॉगिंग और वॉकिंग खुद को फिट रखने का एक सबसे आसान और प्रभावित तरीका है। नियमित रूप से सुबह उठकर कुछ देर जॉगिंग करने से आप अपने पूरे शरीर को एक्टिवेट रख सकती हैं। साथ ही इससे बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे कि ऊर्जा का संचार भी बढ़ जाता है। ये मांसपेशियों एवं हड्डियों की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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एक्सपर्ट की माने तो जो लोग नियमित रूप से वॉकिंग और जॉगिंग जैसी गतिविधियों में भाग लेते हैं, सामान्य लोगों की तुलना में एक स्वस्थ एवं लंबी जिंदगी जीते हैं। ऐसा करने से घुटने का दर्द कम होता है। हालांकि, उचित परिणाम के लिए आपको घास के मैदान या फिर रनिंग ट्रैक पर ही दौड़ना चाहिए।

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इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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