Squats For Butt : क्या हर रोज़ स्क्वैट्स करना नितंबों के आकार में सुधार कर सकता है? एक्सपर्ट दे रहे हैं आपके इस सवाल का जवाब

कैलोरी बर्न करनी हो, शरीर में कसाव लाना हो या फिर बट्स की शेप में सुधार करना हो, इन सभी के लिए स्क्वैट्स सबसे बढ़िया एक्सरसाइज है। यह मजबूत ग्लूट्स के लिए भी किया जा सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि बिगर बट के लिए सही तरीके से और सही संख्या में स्क्वैट्स करने चाहिए।
squats shareer ko majboot banata hai.
स्क्वैट्स ओवरआल हेल्थ और वेलनेस के लिए जरूरी है। यह निचले शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Published: 13 Nov 2023, 08:00 am IST
  • 125

एक्सरसाइज पूरे शरीर को मजबूत बनाती है। साथ ही यह शरीर को सही शेप में भी लाती है। यदि शरीर के किसी खास क्षेत्र में चर्बी जमी हुई है, तो यह एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में भी मदद करती है। इससे शरीर सही शेप में आता है। कई एक्सरसाइज में ख़ास है स्क्वैट्स। विशेषज्ञ बताते हैं कि सही तरीके और नियमित रूप से अगर स्क्वैट्स का अभ्यास किया जाए तो यह आपके पूरे शरीर को सुडौल बना सकता है। पर क्या यह हिप्स के आकार को बड़ा कर (Squats for bigger butt) सकते हैं? आइए एक फिटनेस एक्सपर्ट से जानते हैं आपके इस सवाल का जवाब और स्क्वैट्स करने का सही तरीका।

जानिए क्या होता है स्क्वैट्स का आपकी बट शेप पर असर (Squats for bigger butt)

फिटनेस एक्सपर्ट यश अग्रवाल बताते हैं, ‘स्क्वैट्स ओवरआल हेल्थ और वेलनेस के लिए जरूरी है। साथ ही यह निचले शरीर की बड़ी मांसपेशियों को मजबूत करता है। मुख्य रूप से यह क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग, ग्लूट्स और हिप्स को मजबूत करता है।इसका परिणाम यह होता है कि इससे आपके बट भी बड़े और सुडौल हो पाते हैं। सभी लोगों के शरीर अलग-अलग तरह के होते हैं। इसलिए मांसपेशियों के विकास के लिए भी एक्सरसाइज की ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं। इसलिए बड़े बट के लिए किये जाने वाले स्क्वैट्स भी अलग-अलग होंगे।’

यह ग्लूट्स की मांसपेशियों को करता है फोकस (Squats effect on Glutes Muscles)

यश अग्रवाल बताते हैं, ‘ग्लूट्स तीन मांसपेशियों से बने होते हैं-ग्लूटस मेडियस, ग्लूटस मिनिमस और ग्लूटस मैक्सिमस। ग्लूटस मैक्सिमस ग्लूट्स में सबसे बड़ी मांसपेशी है। अक्सर यह सबसे अधिक क्रिया करती है। यह कई बट एक्सरसाइज जैसे कि स्क्वाट, डेडलिफ्ट और यहां तक ​​कि दौड़ने में मदद करती है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपनी अन्य ग्लूट मांसपेशियों को नजरअंदाज कर देना चाहिए।

ग्लूटस मेडियस और मिनिमस पैरों को मिडिल लाइन से दूर ले जाती है। इससे हिप्स का घूमना और उसकी स्थिरता संभव हो पाती है। स्क्वैट्स इन तीनों मसल्स पर अच्छी तरह काम करती है।

क्या रोज करना चाहिए स्क्वैट्स (Daily Squats)

हर दिन स्क्वैट्स नहीं करना चाहिए। ग्लूट मसल्स को मजबूत बनाने के साथ रिकवरी के लिए भी समय देना चाहिए। इन मांसपेशी समूह को 36 से 48 घंटे आराम की भी जरूरत पड़ती है। सप्ताह में दो से तीन बार स्क्वाट करना चाहिए । जब आप कसरत करती हैं, तो मसल्स टिश्यू में माइक्रो टीयर्स पैदा होते हैं। इन्हें रीजुवेनेट करने के लिए समय की जरूरत होती है।

squats muscles par prabhaw dalta hai.
सप्ताह में दो से तीन बार स्क्वाट करना चाहिए । चित्र : अडोबी स्टॉक

कितनी बार करना चाहिए रिपीट (How much time do squats repetition)

यश अग्रवाल के अनुसार, तीन से चार राउंड के लिए 10 से 15 बार रिपिटीशन जरूरी है। भार जोड़ने की बजाय वॉल्यूम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह मांसपेशियों की वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए हाइपरट्रॉफिक रेंज में ले जाता है। स्क्वैट्स करते समय पीठ को सीधी रखनी चाहिए

कूल्हों को शेप में लाने के लिए क्या है स्क्वैट्स करने का सही तरीका (How to do squats for big butt)

एक मजबूत स्क्वाट एक ठोस हिप हिंज से शुरू होता है। इससे हिप्स आगे बढ़ता है, घुटनें नहीं। ध्यान दें कि कूल्हों को आगे की ओर खींचना है और पेल्विक को पीछे की ओर झुकाना है। ऐसा करके स्क्वैट्स में उतरते समय अपनी टेलबोन को पीछे धकेलने के बजाय उसे अपने नीचे (Squats for bigger butt) दबाएं। एड़ियों पर सही तरीके से बैठने और घुटनों को पैर की उंगलियों के अनुरूप रखना जरूरी है

 squats exercise poore shreer ko shape me lata hai.
एक मजबूत स्क्वाट एक ठोस हिप हिंज से शुरू होता है। चित्र : शटरस्टॉक

पैरों को किस तरह मूव करें

पैर हिप्स की दूरी पर होने (Squats for bigger butt) चाहिए। हाथ आपके बगल में या सामने होने चाहिए। बट को जमीन की ओर नीचे किया जाता है। पैरों को मजबूती से रखना चाहिए। एड़ियों पर वापस बैठने और बट को पीछे और नीचे धकेलने से क्वाड्स को सक्रिय करने में मदद मिलती है। ग्लूट्स को भी कसने में मदद मिलती है। ग्लूट्स को कसने से कूल्हों को स्थिर करने में मदद मिलती है। नियमित रूप से सही तरीके से करने पर बड़ा बट भी मिलता है।

यह भी पढ़ें:- Treadmill Running : सुविधाजनक व्यायाम है ट्रेडमिल पर दौड़ना, पर इसके जोखिम भी जान लें

BMI

वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

बीएमआई चेक करें
  • 125
लेखक के बारे में

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

अगला लेख