Sarvangasana: बढ़ती उम्र पर लगाम लगा सकता है सर्वांगासन, यहां हैं इसके 5 फायदे

सर्वांगासन को शोल्डर स्टैंड कहा जाता है। इसमें पूरा शरीर कंधों के सहारे खड़ा होता है। वे महिलाएं, जो चेहरे पर दिखने वाली महीन रेखाओं को लेकर चिंतित रहती हैं और एजिंग रिवर्स करना चाहती है, उनके लिए सर्वांगास फायदेमंद है
Sarvangasan ke fayde
सर्वांगासन का नियमित अभ्यास करने से चेहरे की मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन नियमित होता है, जिससे ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। दिमाग अधिक व्यस्त हो। चित्र : शटरस्टॉक
ज्योति सोही Published: 3 May 2024, 19:00 pm IST
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उम्र बढ़ने के साथ त्वचा और बालों में नज़र आने वाला बदलाव महिलाओं की चिंता का कारण बनने लगता है। दरअसल, महिलाओं के शरीर में लगातार होने वाले हार्मोन बदलाव कई समस्याओं का कारण साबित होते हैं। इसके चलते हेयरफॉल और चेहरे पर झुर्रियां बढ़ने लगती है। इसके अलावा बढ़ने वाला तनाव भी महिलाओं के जीवन को प्रभावित करता है। इन सभी समस्याओं को दूर करने में योग बेहद मददगार है। योग के माध्यम से शरीर एक्टिव और फिट रहता है। साथ ही शरीर में बढ़ने वाली समस्याओं को दूर करने में भी मदद मिलती है। ऐसी ही एक योग मुद्रा हैं सर्वांगासन जो शरीर को कई प्रकार के फायदे प्रदान करती है। जानते हैं सर्वांगासन के फायदे और इसे करने के स्टेप्स भी।

सर्वांगासन क्यों है खास (Shoulder stand pose)

इस बारे में योग एक्सपर्ट डॉ गरिमा भाटिया बताती हैं कि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को नियमित तौर पर बनाए रखने के लिए सर्वांगासन का अभ्यास फायदेमंद है। इसे करने से शरीर के मसल्स स्ट्रेच होते हैं, जिससे मानसिक तनाव व शारीरिक अंगों में होने वाले दर्द से राहत मिल जाती है। सर्वांगासन को शोल्डर स्टैंड कहा जाता है। इसमें पूरा शरीर कंधों के सहारे खड़ा होता है और शरीर के पोश्चर में बदलाव आने लगता है। वे महिलाएं, जो चेहरे पर दिखने वाली महीन रेखाओं को लेकर चिंतित रहती हैं और एजिंग को रिवर्स करना चाहती है, उनके लिए सर्वांगास फायदेमंद है।

जानते हैं सर्वांगासन के फायदे (Benefits of shoulder stand)

1. झुर्रियों से दिलाए राहत

सर्वांगासन का नियमित अभ्यास करने से चेहरे की मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन नियमित होता है, जिससे ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। इसे रोज़ाना करने से स्किन पर नज़र आने वाले एजिंग साइंस को रोका जा सकता है। इससे त्वचा ग्लोई और मुलायम रहती है।

Sarvangasan se karein wrinkles ko dur
इसे रोज़ाना करने से स्किन पर नज़र आने वाले एजिंग साइंस को रोका जा सकता है। इससे त्वचा ग्लोई और मुलायम रहती है। चित्र:शटरस्टॉक

2. मेंटल हेल्थ को करे बूस्ट

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार सर्वांगासन यानि शोल्डर स्टैण्ड का नियमित अभ्यास शरीर में रक्त के प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे ब्रेन के ब्लड फ्लो में सुधार आता है और मानसिक स्वास्थ्य उचित बना रहता है। साथ ही एकाग्रता और याद रखने की क्षमता भी बढ़ जाती है।

3. मेनोपॉज के लक्षणों को करे नियंत्रित

तन और मन को हेल्दी रखने में कारगर सर्वांगासन को रूटीन में शामिल करने से मेनोपॉज के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। बार बार पसीना आना, मूड स्विंग और योनि का सूखापन समेत लक्षणों से बचने के लिए इस मुद्रा का अभ्यास करें। सर्वांगासन से शरीर संतुलित रहता है और शरीर को लचीलापन बढ़ने लगता है।

4. हेयरग्रोथ में कारगर

एक्सपर्ट के अनुसार सिर के बल किए जाने वाले इस योगासन से ओवरऑल शरीर के साथ साथ मस्तिष्क में भी ब्लड का फ्लो सुचारू रूप से बना रहता है। इससे फॉलिकल्स को मज़बूती मिलती है और हेयरलॉस की समस्या हल हो जाती है। हेयरग्रोथ के लिए इस योगासन से नियमित रूप से अभ्यास करें।

Isse hair growth mei fayda milta hai
इससे फॉलिकल्स को मज़बूती मिलती है और हेयरलॉस की समस्या हल हो जाती है। हेयरग्रोथ के लिए इस योगासन से नियमित रूप से अभ्यास करें। चित्र : अडोबी स्टॉक

5. हाइपरथायरायडिज्म को करे नियंत्रित

एनआईएच के अनुसार सर्वांगासन हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों को बढ़ाने वाले थायरोक्सिन हार्मोन के स्तर को नियंत्रित बनाए रखने में मदद करता है। शेल्डर स्टैंड के दौरान हार्ट ब्लड पंप करके ब्रेन और थायरॉयड ग्लैंड तक पहुंचाता है। इससे थायरॉयड की रोकथाम में मदद मिलती है।

र्स्वांगासन करने की विधि (Shoulder stand steps)

इसे योगासन को करने के लिए सबसे पहले मैट पर सीधे लेट जाएं और कमर को सीधा कर लें।

दोनों टांगों के मध्य एक कदम की दूरी बनाकर चलें। गहरी सांस लें और टांगों को उपर की ओर उठाएं।

धीरे धीरे कमर से शरीर को उपर की ओर उठाएं और दोनों बाजूओं को जमीन पर टिकाकर रखें।

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योगाभ्यास के दौरान शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए टांगों को दीवार के सहारे भी सीधा खड़ा कर सकते हैं।

अब दोनों हाथों को कमर पर रखें और गहरी सांस लें व छोड़ें। इस दौरान पूरा वज़न कंधों पर आने लगता है।

30 सेकण्ड से लेकर 1 मिनट तक इसी मुद्रा में रहें और फिर टांगों को नीचे की ओर लेकर आएं।

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लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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