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उम्र के साथ ताकत और धैर्य हो रहे हैं कम, तो अपने वर्कआउट रुटीन में शामिल करें ये 4 व्यायाम, एक्सपर्ट बता रहे हैं फायदे

बढ़ती उम्र के साथ शरीर की ताकत और धैर्य कम होने लगता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने रुटीन में 25 मिनट का वर्कआउट सेशन जरूर शामिल करें। यह शरीर की ताकत बढ़ाने के साथ ही भावनात्मक धैर्य बढ़ाने में भी मददगार होता है।
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बढ़ती उम्र के साथ जिम्मेदारियां तो बढ़ती हैं, मगर आपका शरीर पहले की तरह पॉवरफुल नहीं रह जाता है। जिसकी वजह से आप में गुस्सा, तनाव और अधीरता बढ़ने लगते हैं। विशेषा मानते हैं कि शारीरिक और भावनात्मक रूप से कमजोर व्यक्ति न केवल अपनी जिम्मेदारियों को निभाने से चूक जाते हैं, बल्कि उन्हें गुस्सा भी बहुत जल्दी आने लगता है। अगर आप भी इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहीं हैं, तो विशेषज्ञ व्यायाम को नियमित करने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं आपकी शारीरिक और मानसिक ताकत (stamina and endurance exercises) के लिए कैसे काम करता है व्यायाम।

पबमेड सेंट्रल में प्रकाशित अध्यन के अनुसार कार्टी एल ने 2016 के शोध में बताया है कि व्यायाम के माध्यम से मानव के धैर्य और शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। हेल्थ के साथ और भी परिणाम में बेहतर पाने लिए व्यायाम करना जरूरी है। 2008 में प्रकाशित अध्यन में जॉनर और कॉयल कहते हैं व्यायाम को एरोबिक और एनर्जी बूस्टर में बांटा जा सकता है।

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क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट

कानपुर के डाइड कंसल्टेंट व हेल्थ एक्सपर्ट अनुभव सक्सेना बताते हैं कि किसी काम को करने के बाद परिणाम के लिए थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। इसमें आपके शरीर की शक्ति, धैर्य और समय तीनों का प्रयोग होता है। जिस तरह उम्र बढ़ती है वैसे ही इन सभी चीज़ों का तालमेल बिगड़ने लगता है। इसे बरकरार रखने के लिए व्यायाम जरूरी होता है। इसलिए अगर आप व्यायाम करते हैं, तो ताकत और सहनशक्ति भी बढ़ेगी। अनुभव बताते हैं कि व्यायाम से सहनशीलता और शक्ति में सुधार होता है। इससे न सिर्फ हमारी बॉडी बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं से भी निजात मिलती है।

बॉडी ताकत और धैर्यवान बनाने के लिए जरूरी है योग। चित्र- शटरस्टॉक

इन व्यायाम को करने से बढ़ते हैं शक्ति और धैर्य (stamina and endurance exercises)

1- HIIT एक्सरसाइज

अनुभव कहते हैं हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) में लगातार एक्सरसाइज करते रहना होता है। इसे शुरू करने के बाद फिर बीच में आराम नहीं करना होता। यह धैर्य और शक्ति में सुधार करने का अच्छा तरीका है। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि लगातार 15 से 20 मिनट तक इस व्यायाम को करने से शरीर को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। जिससे हर अंग का मूमेंट होता है। ऐसा शायद ही कोई पार्ट बचता होगा जो इस व्यायाम से बच सके।

2- सर्किट प्रशिक्षण

सर्किट प्रशिक्षण में लगातार एक्सरसाइज नहीं करना होता है। बीच-बीच में एक्सरसाइज के साथ वर्कआउट भी करना होता है। इसे करने से धैर्य और ताकत को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसे रेसिस्टेंस बैंड या बॉडीवेट एक्सरसाइज की मदद से कोई भी इस सर्किट एक्सरसाइज को कर सकता है।

3- योग को भी जरूर करें फिटनेस रुटीन में शामिल

हमारे शरीर को जरा भी समस्या होने पर हर कोई एक्सरसाइज और योग करने की सलाह देता है। अनुभव बताते हैं योग प्रतिरोज करने से शरीर को निरोगी रख सकते हैं। इसके करने से धीरज और शारीरिक ताकत दोनों को बढ़ावा मिलता है। साथ ही तनाव कम करने में मददगार, चिंता से मुक्त, दोहरी मांसपेशियों के निर्माण में योगा मदद करता है। बेहतर रिजल्ट के लिए योगा रोज किसी योगाचार्य के माध्यम से करना उचित रहेगा। अच्छी तहर सीख लेने के बाद घर में निरंतर किया जा सकता है।

पुश अप से शरीर को मजबूती के साथ तंदुरूस्ती भी मिलती है। चित्र- शटरस्टॉक

4- पुशअप और लंजेस

इस प्रशिक्षण में बॉडीवेट के साथ मांसपेशियों के निर्माण, ताकत बढ़ाने के लिए, प्रतिरोध बैंड व्यायाम करना शामिल है। यह प्रशिक्षण दोहरी मांसपेशियों के निर्माण में हेल्प करने में प्रभावी है। इसके साथ हड्डियों को भी मजबूती पहुंचाता है। पुशअप, स्कवाट्स, प्लैंक्स और लंजेस कुछ वर्कआउट हैं, जिनका हर रोज अभ्यास किया जा सकता है।

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सुमित कुमार द्विवेदी

कानपुर के नारायणा कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करने के बाद से सुमित कुमार द्विवेदी हेल्थ, वेलनेस और पोषण संबंधी विषयों पर काम कर रहे हैं। ...और पढ़ें

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