कमजोर और डैमेज बालों को फिर से मजबूत बना सकती हैं ये 4 आयुर्वेदिक हर्ब्स, जानिए कैसे करना है इस्तेमाल 

यदि बाल बहुत टूट रहे हैं, असमय सफेद हो रहे हैं, रूखे और बेजान लगते हैं, तो इस समस्या से निजात दिला सकते हैं जटामांसी, आंवला, रीठा और खस।

AYURVEDIC REMEDY KE FAYDE
गुग्गुल का उपयोग एंटी ओबेसिटी सप्लीमेंट के रूप में किया जाता है। चित्र ; शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Updated on: 26 July 2022, 15:42 pm IST
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बारिश के दिनों में काफी कोशिशों के बावजूद बाल झड़ते रहते हैं। इसकी वजह बारिश का पानी, गंदगी, लंबे समय तक बालों का गीला रहना और प्रदूषण भी हो सकता है। खान-पान की दिक्कतों के कारण भी बाल झड़ते हैं या रूखे और बेजान हो जाते हैं। कई बार शैंपू भी बालों के झड़ने या असमय सफेद होने का कारण बनते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि जटामांसी, रीठा, आंवला, उशीर या इनसे तैयार नेचुरल प्रोडक्ट बालों पर लगाये जाएं, तो अनवांटेड हेयर डैमेज को रोका जा सकता (ayurvedic treatment for damaged hair) है।

क्यों डैमेज और सफेद होने लगते हैं बाल 

लंबे-घने बाल बताते हैं कि आपके बाल स्वस्थ हैं। वहीं जब बाल टूटने-झड़ने लगते हैं या असमय सफेद होने लगते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आपके बाल स्वस्थ नहीं हैं। ऐसा तब होता है जब विभिन्न कारणों से आपके हेयर डैमेज होने लगते हैं। इसे ठीक करने के लिए हमें क्या करना चाहिए, इसके लिए हमने बात की एमिल आयुथवेदा के सीनियर आयुर्वेदिक कंसल्टेंट डॉ. मोहम्मद जुनैद से। डॉ. मोहम्मद जुनैद बताते हैं, ‘न्यूट्रीशनल डेफिशिएंसी, स्ट्रेस, थायरॉयड की समस्या, हार्मोनल इंबैलेंस, अत्यधिक केमिकल वाले शैंपू और कंडीशनर का प्रयोग भी बालों के झड़ने और टूटने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। 

बालों के लिए नेचुरल रेमेडीज हैं ज्यादा फायदेमंद 

डॉ. जुनैद कहते हैं, “बालों को साफ करने के लिए ऐसे आयुर्वेदिक और नेचुरल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसमें बालों को मजबूती देने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शामिल हों। इनमें जटामांसी, उशीर, रीठा, आंवला का हाई कन्सन्ट्रेशन होना आपके बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके साथ ही अपने लाइफस्टाइल में सुधार लाना और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना जरूरी है। 

प्रोटीन रिच ऑयल से हेयर और स्कैल्प की मसाज की पुरानी परंपरा को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। जटामांसी, रीठा, उशीर (Khas) और आंवला बालों की समस्या को दूर करते हैं (ayurvedic treatment for damaged hair)और जड़ से मजबूत भी बनाते हैं।’

बालों को मजबूत, सुंदर और शाइनी बना सकती हैं ये 4 हर्ब्स 

1 पहले जानिए जटामांसी के बारे में 

जटामांसी और इसके तेल में एंटी-फंगल गुण होते हैं, ज‍िससे स्कैल्प में हुए किसी भी प्रकार के इंफेक्‍शन से निजात मिलती है। साथ ही यह बालाें के असमय सफेद होने को भी रोक सकती है। 

कैसे करें प्रयोग

जटामांसी की छाल का पाउडर बनाकर आंवले के रस के साथ मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं।

आप जटामांसी के तेल और किसी अन्य हेयर ऑयल की बराबर मात्रा मिलाकर एक सप्ताह के लिए छोड़ दें।

एक सप्ताह बाद रात में इस तेल से मसाज करें और सुबह बाल को धो लें।

2 नेचुरल कंडीशनर है रीठा

रीठा नमी देने के साथ-साथ बालों में प्राकृतिक चमक भी लाता है। प्रदूषण के कारण खराब हुए बालों पर नियमित रीठा के प्रयोग से फायदा मिलता है। 

कैसे करें प्रयोग

रात भर रीठा को पानी में भिगो दें।

सुबह उठकर उसके पानी से बालों को धोएं।

3 स्कैल्प को स्वस्थ बनाता है आंवला

विटामिन ई से भरपूर आंवला बालों को जड़ से मजबूत बनाता है। रूखे और बेजान बालों को ठीक करता है।

कैसे करें प्रयोग

आंवला को शिकाकाई के साथ मिलाकर रात भर पानी में भिगो दें।

सुबह इसके पानी से बालों को धो लें।

4 बालों को पोषण देती है उशीर या खस

पोटैशियम, जिंक और विटामिन ई और सी से भरपूर उशीर या खस की जड़ बालों के लिए बेहद फायदेमंद है।

कैसे करें प्रयोग

इसकी जड़ों को पीसकर बालों पर लगाने से बालों की समस्या दूर होती है।

यदि आप चाहें तो जटामांसी, आंवला, रीठा और खस की जड़ का पाउडर तैयार कर भी बालों पर हेयर पैक के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे बालों की समस्या खत्म होगी और बाल जड़ से मजबूत होंगे।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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