यह पूरी तरह साबित हो चुका है कि वायु प्रदूषण श्वसन रोग, साइनसाइटिस और एलर्जी का कारण बनता है। हाल के कुछ शोध और विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रदूषण का दुष्प्रभाव बालों पर भी नजर आता है। इससे न केवल आपके बाल रूखे और कमजोर हो जाते हैं, बल्कि उनकी ग्रोथ भी प्रभावित होती है। प्रदूषण बालों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इस आलेख में जानते हैं कि प्रदूषण कैसे बालों को प्रभावित (how does pollution affect hair) करता है। इसके लिए हमने बात की कॉस्मेटोलोजिस्ट अनुभूति सैनी (Cosmetologist Anubhuti saini) से।
अनुभूति के अनुसार प्रदूषित हवा (Polluted Air) में छोटे-छोटे वायुजनित कण, धुआं और गैस मौजूद होते हैं। ये सभी स्कैल्प और बालों तक पहुंचते हैं। इससे इरिटेशन और क्षति होती है। आधुनिक जीवन में बढ़ते प्रदूषण के साथ हेयर लॉस और हेयर फॉल के मामले अधिक स्पष्ट और गंभीर होते जा रहे हैं। न्यू जर्सी हेयर रिस्टोरेशन सेंटर के शोध के अनुसार, प्रदूषण के कारण बालों का झड़ना एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया का भी कारण बन सकता है। इसके कारण बाल अनियमित रूप से झड़ सकते हैं।
प्रदूषण के कारण हवा में मौजूद नैनो-कणों के साथ-साथ पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन, जो इंडस्ट्री और कार के धुंएं में मौजूद होते हैं। इससे ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ता है, जो बालों को नुकसान पहुंचाते हैं।
इससे बालों का झड़ना और स्कैल्प प्रभावित होता है
अत्यधिक पसीना और सीबम सीक्रेशन
रूसी, खोपड़ी में जलन, खुजली
रूखे-सूखे बाल, खुजली के कारण सिर की त्वचा का छिलना
बालों की जड़ों के आसपास सीबम।
बालों के फाइबर की रक्षा करने में हयालूरोनिक एसिड मदद करते हैं। ये बालों के फाइबर में प्रदूषकों के नकारात्मक प्रभावों को खत्म करने में मदद करते हैं। इससे बाल अधिक हाइड्रेटेड और टूटने-गिरने से बचाव हो पाता है।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने के लिए एंटीऑक्सिडेंट कारकों के साथ सप्लीमेंट लेना भी हो सकता है। एंटीऑक्सिडेंट एजेंट पर्यावरण प्रदूषण के संपर्क में आने पर ऑक्सीजन फ्री रेडिकल्स के जमा होने के खिलाफ काम करते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स स्कैल्प को भी पोषण देता है। ये एंटी-एंड्रोजेनिक एजेंटों से लड़ने में मदद करते हैं।
चिपचिपा अवशेष छोड़ने वाले हेयर प्रोडक्ट से स्टाइल करना छोड़ दें। इससे पर्यावरण के विषाक्त पदार्थ और वायु प्रदूषण के पार्टिकल बालों से चिपक जाते हैं। वायु प्रदूषण और बालों के झड़ने से निपटने के लिए पानी आधारित स्टाइलिंग उत्पादों का चयन करें। ये बालों के झड़ने का कारण बनने वाले फ्री रेदिकल को दूर रखते हैं।यह बालों को हानिकारक यूवी किरणों और हीट स्टाइलिंग से भी बचाता है।

स्वस्थ बालों की शुरुआत स्वस्थ स्कैल्प से होती है। प्रदूषण सबसे अधिक स्कैल्प को प्रभावित करते हैं। प्री-शैम्पू रूटीन में स्कैल्प क्लीन्ज़र जोड़ने से अतिरिक्त प्रदूषण और ऑयली बिल्डअप को हटाने में मदद मिल सकती है। साथ ही सूजन को कम करने के लिए स्कैल्प को कूल किया जा सकता है। इससे स्कैल्प साफ हो जाती है।
कमजोर बालों में हीटिंग से बाल कमजोर हो जाते हैं। एक बार कमजोर हो जाने के बाद, वे प्रदूषकों और पर्यावरण विषाक्त पदार्थों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। एक आसान और प्रभावी उपाय यह है कि बालों को हवा में सूखने दें या ब्लो-ड्रायर को सबसे ठंडी सेटिंग पर इस्तेमाल करें।

बालों को रोज हीट नहीं दें। यदि बालों को वायु प्रदूषण और गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाना चाहती हैं, तो हीट प्रोटेक्टेंट लगाएं। बालों के शाफ्ट को विटामिन ई प्रदान करने के लिए प्लांट बेस्ड हीट प्रोटेक्टेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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