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जी हां, तनाव छीन सकता है आपके चेहरे का निखार, हम बता रहे हैं कैसे

Published on:20 August 2021, 08:00am IST
पर्सनल, प्रोफेशनल और सोशल हर रोज आपको कई तरह का तनाव झेलना पड़ता है। पर इससे निकलना सीखिए, क्योंकि ये आपकी त्वचा का निखार और चमक छीन रहा है।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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stress ka skin par prabhav
तनाव आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकता है. चित्र " शटरस्टॉक

हम सभी यह जानते हैं कि सुदरता अंदर से शुरू होती है। भले ही आप कितने भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर लें या ढेरों घरेलू उपाय आजमा लें। अगर आप खुश नहीं हैं, तो आपकी त्वचा भी मुरझायी हुई दिखेगी। तनाव आपके शरीर में एक रासायनिक प्रतिक्रिया का कारण बनता है, जो त्वचा को अधिक संवेदनशील बनाता है। यह त्वचा की समस्याओं को ठीक करना भी कठिन बना सकता है।

क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप तनाव में होती हैं तो पिम्पल्स ज्यादा निकलते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि तनाव आपके शरीर को कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बनाने का कारण बनता है, जो आपकी त्वचा में मौजूद ग्रंथियों में अधिक तेल का उत्पादन करते हैं। तैलीय त्वचा में मुंहासे और अन्य समस्याएं होने का खतरा अधिक होता है।

तो चलिए जानते हैं कि कैसे आपका शरीरिक, मानसिक और हार्मोनल तनाव आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकता है

1. सन डैमेज और यूवी रेज

तनाव आपके शरीर की सन डैमेज और यूवी रेज से बचने की प्राकृतिक क्षमता को खत्म कर देता है। सूरज के संपर्क में आने से कार्सिनोजेन, त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यूवी रेज के अत्यधिक संपर्क से काले धब्बे, तिल और यहां तक कि त्वचा कैंसर भी हो सकता है।

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स्ट्रेस में आपको सनबर्न की संभावना ज्यादा रहती है. चित्र ; शटरस्टॉक

2. इन्फ्लेमेशन और त्वचा संक्रमण

तनाव सोरायसिस, रोसैसिया और एक्जिमा को बढ़ा सकता है। यह पित्ती और अन्य प्रकार की त्वचा पर चकत्ते का कारण बन सकता है। कई अध्ययन से पता चलता है कि जब आपका मस्तिष्क तनाव में होता है तो यह वास्तव में आपकी त्वचा की सुरक्षात्मक क्षमताओं खत्म कर सकता है। इन्फ्लेमेशन से भी मुंहासे हो सकते हैं, लेकिन याद रखें, त्वचा की कुछ स्थितियां जैसे रोसैसिया भी मुंहासों की तरह दिख सकती हैं।

3. ज्यादा एक्ने और ब्रेकआउट

विज्ञान भी इस बात को मानता है कि महिलाओं की एक्ने या पिम्पल्स की समस्या के पीछे एक ही कारण जुड़ा हुआ है और वो है मानसिक तनाव। तनाव की वजह से आपकी त्वचा में सीबम का उत्पादन ज्यादा होता है जिसकी वजह से मुहांसे निकलने लगते हैं।

4. पतली और अधिक संवेदनशील त्वचा

असामान्य रूप से उच्च कोर्टिसोल के स्तर के मामलों में, त्वचा पतली हो सकती है। कोर्टिसोल के परिणामस्वरूप त्वचा का प्रोटीन का टूटना शुरू हो जाता है, जिससे त्वचा लगभग कागज के जैसी पतली दिखाई दे सकती है, साथ ही आसानी से चोट लग सकती है और फट सकती है। यह लक्षण कुशिंग सिंड्रोम के भी हो सकते हैं जो हार्मोनल बदलाव का कारण बनती है।

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तनाव से त्वचा संवेदनशील हो जाती है. चित्र : शटरस्टॉक

5. घाव देर से भरना और चोट लगना

गंभीर तनाव की स्थिति में, आपका एपिडर्मिस जल्दी कमजोर हो सकता है, जिससे संक्रमण और पर्यावरणीय रोगजनकों के लिए आपके जोखिम में वृद्धि हो सकती है। यह आपकी त्वचा पर घाव और मुंहासों को ठीक करने की प्राकृतिक क्षमता को भी धीमा कर देता है।

तो लेडीज, अपने स्ट्रेस लेवल को थोड़ा कम करें और खुश रहें!

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।