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आपकी त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है स्किन फास्टिंग, जानिए यह कैसे फायदेमंद है

Published on:20 March 2021, 14:00pm IST
पर्यावरणीय कारकों जैसे धूप और प्रदूषण के संपर्क में आने के अलावा, हमारे खाने का तरीका भी हमारी त्वचा के दिखने और महसूस करने के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।
विनीत
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स्किन फास्टिंग आपके त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है। चित्र-शटरस्टॉक।

उपवास (Fasting) का ट्रेंड तेजी से बढ़ है, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि कुछ वैकल्पिक चिकित्सा विशेषज्ञों  का दावा है कि आहार परिवर्तन मुंहासे, स्किन कैंसर या यहां तक ​​कि स्किन एजिंग को रोक सकते हैं। त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार के लिए उपवास एक मौजूदा ट्रेंड है।

हमने यह जानने के लिए कि उपवास कैसे काम करता है और डॉक्टर और पेशेवरों का इस नए बढ़ते रुझान के बारे में क्या कहना है, विभिन्न लेखों और अध्ययनों को खंगाला। आइए आपको बताते हैं कि हमने क्या पाया।

उपवास कैलोरी के सेवन को कम करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है

उपवास के पीछे का विचार बताता है कि इससे शरीर डिटॉक्स होता है, क्योंकि कैलोरी की दैनिक खपत में कमी आती है। यह बदले में, आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में भी कमी करता है। 

हाल के अध्ययनों ने उपवास सहित विभिन्न प्रकार के आहारों से गुजरने के बाद बहुत ही सकारात्मक परिणामों और काफी सुधार के साथ सूजन संबंधी रोग (जैसे एटॉपिक डर्मेटाइटिस) वाले रोगियों में इस पद्धति के लाभों का पता लगाया है।

फास्टिंग आपकी त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है। चित्र-शटरस्टॉक।

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यह स्किन कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकता है

उपवास के प्रभावों पर अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि यह स्किन कैंसर या अन्य कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। जाहिर है, उपवास भी कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, यह शोध इस समय केवल चूहों में किया गया था। लेकिन इसने उत्साहजनक परिणाम प्रदान किए, क्योंकि वैज्ञानिकों ने हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल (HSCs) की संख्या में वृद्धि देखी।

मजाकिया नाम वाली ये कोशिकाएं नई रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए जिम्मेदार होती हैं। तथ्य यह है कि सामान्य रूप से अधिक हेमेटोपोएटिक स्टेम कोशिकाएं और रक्त कोशिकाएं हैं। जिसका अर्थ है कि यह लंबे समय में आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर से अधिक कुशलता से लड़ सकती है।

इस शोध के परिणामों को मनुष्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, लेकिन अभी तक कोई भी ऐसा निष्कर्ष नहीं निकला है, जो वैज्ञानिक समुदाय द्वारा समर्थित हो।

स्किन कैंसर से मुकाबला करने में मददगार है स्किन फास्टिंग। चित्र: शटरस्टॉक

क्या है स्किन फास्टिंग का आइडिया

स्किन फास्टिंग एक नया ट्रेंड है, जो हाल के महीनों में खूब लोकप्रिय हुई है। इसका आइडिया यह है कि अपने दैनिक स्किनकेयर रूटीन में इतने सारे रसायनों का उपयोग बंद करने के बजाए, कुछ दिन या हफ्तों के लिए फास्टिंग करें। यह त्वचा के लिए एक तरह का नेचुरल डिटॉक्स है।

इस क्लींजिंग मेथड के पीछे सिद्धांत यह है कि त्वचा अपने स्वयं के तेल का उत्पादन करती है, जो प्राकृतिक नमी के नुकसान को रोकती है।

हालांकि इस अभ्यास का समर्थन करने के लिए व्यापक रूप से अभी कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है, लेकिन कई लोगों ने इसे अपनाया है और बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। हालांकि, कुछ ऐसा है जिसे हमें स्पष्ट करने की आवश्यकता है।

यह भी ध्यान रखें

केवल एक चीज जिसे हमें इस डिटॉक्सिफिकेशन पीरियड के दौरान इस्तेमाल करना बंद नहीं करना चाहिए, वह है सनस्क्रीन।

हमेशा ध्यान रखें कि अपने आहार या अपनी आदतों को बदलने से पहले, आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए जो आपका मार्गदर्शन कर सकता हैं और यह आकलन कर सकता है कि आप सही निर्णय ले रहे हैं या नहीं।

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विनीत विनीत

अपने प्यार में हूं। खाने-पीने,घूमने-फिरने का शौकीन। अगर टाइम है तो बस वर्कआउट के लिए।