इन दिनों ठंड अधिक पड़ने लगी है। ठंड के दिनों में पानी छूना कठिन लगता है। इसलिए हम लोग गर्म पानी का इस्तेमाल करने लग जाते हैं। गर्म पानी स्किन को खराब कर सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी भी प्रकार की गर्मी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है। गर्मी आपकी त्वचा से नमी छीन सकती है।यदि आप विंटर सीजन में स्किन का ख्याल रखना चाहती हैं, तो गर्म पानी का इस्तेमाल (hot water in winter) नहीं करें।
डर्मेटोलोजिस्ट डॉ. कपिला वर्मा बताती हैं, ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ डर्मेटोलोजी के अनुसार, ठंड के दिनों में, बाहरी हवा आमतौर पर शुष्क और ठंडी होती है। यह पानी अधिक सोखती है। ड्राई एयर के साथ-साथ हॉट वाटर स्किन की नमी सोख लेता है। गर्म पानी त्वचा का प्राकृतिक तेल छीन लेता है। बहुत अधिक गर्म पानी के इस्तेमाल के कारण पूरे मौसम आपको खुद को नम और कोमल बनाए रखने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।’
डॉ. कपिला बताती हैं, ‘गर्म पानी से स्किन को धोना त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। नमी अवरुद्ध भी हो सकती है। प्राकृतिक तेल खत्म होने के कारण कई स्किन प्रॉब्लम हो सकते हैं। खुजली, रेड रैश और स्किन पर कट के निशान भी हो सकते हैं।लंबे समय तक और लगातार गर्म पानी के संपर्क में रहने से स्किन बैरियर के कार्य को नुकसान पहुंच सकता है। स्किन के लिए बहुत अधिक ठंडा और बहुत अधिक गर्म पानी दोनों नुकसानदायक हो सकता है। दोनों तरह के पानी स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं।
डॉ. कपिला के अनुसार, ‘जैसे-जैसे स्कार परिपक्व होते हैं, निशानों को ढीला करने में मदद करने के लिए हम अधिक दबाव डालना शुरू कर देते हैं। इससे वे हार्ड नहीं हो पाते हैं। गर्म पानी से नहाने से स्किन से प्राकृतिक तेल निकल जाता है। इससे स्कार्स के लिए कठिनाई बढ़ जाती है।इसलिए शॉवर के बाद स्किन को अच्छी तरह से मॉइस्चराइज करना जरूरी हो जाता है।
गर्म पानी से नहाना मुंहासों का मूल कारण नहीं है। ये ऐसी स्थितियों के कारण जरूर बन सकते हैं, जो मुंहासों का कारण बनती हैं। इनके कारण स्किन अपनी प्राकृतिक नमी खो सकती है। सीबम का अधिक उत्पादन हो सकता है। संभवतः पीठ पर मुंहासे (Bacne) के कारण बन सकते हैं।
हॉट वाटर नहीं, बल्कि स्टीम स्किन के लिए बेहतर है। इसके लिए एक बाउल में गर्म पानी लेकर स्टीम बाथ की तैयारी कर सकती हैं। एक निश्चित दूरी पर चेहरा रखकर स्टीम बाथ का लाभ लिया जा सकता है। गर्मी और स्टीम पोर को खोल सकता है। यह अशुद्धियों को स्वाभाविक रूप से बाहर निकाल सकता है। यह पिंपल्स से जुड़ी जलन और रेडनेस को भी कम कर सकते हैं।
अपना चेहरा धोते समय हमेशा गुनगुने पानी का उपयोग (Lukewarm water for face skin) करना चाहिए। यह न बहुत अधिक गर्म होना चाहिए और न ही बहुत अधिक ठंडा। गर्म पानी चेहरे का प्राकृतिक, सुरक्षात्मक तेल छीन सकता है। ठंडा पानी मेकअप की गंदगी को हटाने में उतना प्रभावी नहीं हो सकता है।
दो सेकंड के लिए 150 डिग्री पानी के संपर्क में आने पर ज्यादातर लोगों को बहुत अधिक गर्मी का सामना करना पड़ेगा। 140 डिग्री पानी के संपर्क में छह सेकंड के लिए या 130 डिग्री पानी के संपर्क में तीस सेकंड के लिए भी जलन हो सकती है। हमेशा ऐसा पानी, जिसे स्किन अच्छी तरह सहन कर पाए यानी गुनगुना पानी स्किन के लिए बढ़िया होता है। यह 36- 40.5 डिग्री के बीच होना चाहिए।
यह भी पढ़ें :- त्वचा का रूखापन कहीं डिहाइड्रेटिड स्किन का संकेत तो नहीं, जानें अन्य लक्षण और उपाय
डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।