और पढ़ने के लिए
ऐप डाउनलोड करें

क्या हेयर डाई करने से बढ़ जाता है प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग का खतरा? जानिए यह सच है या भ्रम

Published on:4 October 2021, 19:00pm IST
प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग एक आम समस्या हैं, जिसे छुपाने के लिए लोग हेयर डाई का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता हैं कि सफेद बालों को छुपाने की यह प्रक्रिया आपके बालों को और भी डैमेज कर सकती है।
अदिति तिवारी
  • 154 Likes
Premature hair greying ki vajah janna hai zaruri
प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग के कारणों को जानना है जरूरी। चित्र: शटरस्टॉक

प्रदूषण और अन्य हॉर्मोनल असंतुलन के कारण प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग (Premature Hair greying) हो सकती है। कम उम्र में बाल सफेद (Hair whitening) होने के कारण लोग हेयर कलर (Hair colour) करना शुरू कर देते है। लेकिन वे यह नहीं समझते कि यह उपाय लंबे समय तक नहीं टिकता। वहीं यह प्रक्रिया पूरी तरह हानिरहित भी नहीं है। यह उन बालों को भी नुकसान पहुंचाती है, जो अभी सफेद नहीं हुए हैं। इसलिए आपके लिए जरूरी है बालों के सफेद होने के कारण (Premature Hair greying causes) जानना। ताकि आप बिना हेयर डाई के ही इस समस्या से निपट सकें।

सबसे पहले जानिए प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग के कारण

1 विटामिन की कमी

सफेद और भूरे बाल किसी भी उम्र में बढ़ने शुरू हो सकते हैं, और यह कई अलग-अलग कारणों से हो सकता हैं। विटामिन बी-6, बी-12, बायोटिन, विटामिन डी, या विटामिन ई की कमी समय से पहले बालों के सफेद होने में योगदान कर सकती है।

2015 में जर्नल डेवलपमेंट की एक रिपोर्ट में विटामिन डी -3 और विटामिन बी -12 की कमी को भूरे बालों का कारण बताया गया है। यह पाया गया कि पोषक तत्वों की कमी से हेयर ग्रेइंग होता है। उन्होंने यह सुझाव दिया कि विटामिन के पर्याप्त सेवन से बालों का रंग वापस आ सकता है।

2 जेनेटिक

इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी में 2013 की एक रिपोर्ट के अनुसार, किसी व्यक्ति के बालों का समय से पहले सफेद होना काफी हद तक उनके जेनेटिक से जुड़ा होता है। यह व्यक्ति के पारिवारिक इतिहास पर भी निर्भर करता हैं।

Hair colour genetics par bhi depend karta hai
कभी-कभी इसके लिए आपके जेनेटिक्स भी जिम्मेदार हो सकते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

3 तनाव

ज्यादातर लोगों में जेनेटिक कारणों की वजह से प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग होता हैं। लेकिन आजकल के तनाव भरे जीवन में शरीर का ऑक्सीडेशन स्तर कम होने की वजह से भी बाल सफेद होने लगते हैं। मेलेनिन सेल्स को तनाव के कारण नुकसान पहुंचता हैं, जो आपके बालों को सफेद कर सकता है।

4 केमिकल हेयर डाई और हेयर प्रोडक्टस

केमिकल हेयर डाई और हेयर प्रोडक्ट्स, यहां तक ​​कि शैंपू भी समय से पहले बालों के सफेद होने का कारण हो सकता हैं। इनमें से कई प्रोडक्टस में हानिकारक तत्व होते हैं, जो मेलेनिन को कम करते हैं।

हाइड्रोजन पेराऑक्साइड, जो कई हेयर डाई में होता है, ऐसा ही एक हानिकारक रसायन है। बालों को ब्लीच करने वाले प्रोडक्टस का अत्यधिक उपयोग भी इसके सफेद होने का कारण बन सकता है।

5 धूम्रपान

2013 में इटालियन डर्मेटोलॉजी ऑनलाइन जर्नल के एक अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों में 30 साल की उम्र से पहले बालों के ग्रे होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा 2015 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के जर्नल के एक अध्ययन ने यह भी दिखाया कि धूम्रपान युवा पुरुषों में समय से पहले सफेद बालों का कारण होता हैं।

जानिए क्यों आपके बालों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है हेयर कलर करना

chemicle wale products apke balo ko nuksan pahuchate hai
कैमिकल वाले प्रोडक्ट आपके बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

1 लीड एसिटेट

आमतौर पर कई सस्ते हेयर डाइ में लीड एसिटेट मिला होता है, जो बालों को तुरंत गाढ़ा रंग देने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इससे बालों में मेलानिन को नुकसान पहुंचता है और यह प्रीमेच्योर ग्रेइंग का कारण होता हैं।

2 पीपीडी

पीपीडी यानी पी- फिनायलेनेडाइमाइन का इस्तेमाल डाई के रंग को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए किया जाता है। बाजार में उपलब्ध 75 प्रतिशत हेयर डाई में यह केमिकल पाया जाता है। कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि यह केमिकल न सिर्फ बालों को जल्दी सफेद करता हैं, बल्कि इससे फेफड़े, किडनी, लिवर और नर्वस सिस्टम पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

3 अमोनिया

अमोनिया का इस्तेमाल ज्यादातर हेयर डाई में होता है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में संक्रमण जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कई बार इसका इस्तेमाल हेयर डाई में पीपीडी के विकल्प के रूप में भी किया जाता है।

सफेद बाल छुपाने की बजाए, बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाने के उपाय

1 एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार का सेवन करें

सफेद बालों को रोकने में आपका आहार अहम भूमिका निभाता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकता है। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:

ताजे फल और सब्जियां
ग्रीन टी
जैतून का तेल
मछली

2 विटामिन की कमियों को दूर करें

जिस किसी के भी विटामिन की कमी के कारण सफेद बाल होते हैं, उन्हें उन विटामिनों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। जैसे सी फूड, अंडे और मांस विटामिन बी-12 के अच्छे स्रोत हैं, और दूध, सैलमन और पनीर विटामिन डी के उत्कृष्ट स्रोत हैं। विटामिन सप्लीमेंट भी इन कमियों को ठीक कर सकते हैं।

ये आयुर्वेदिक हर्ब्स भी हो सकती हैं प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग रोकने में मददगार

1 करी पत्ता

करी पत्ते का औषधीय उपयोग सदियों पुराना है। जब कड़ी पत्ता को बालों के तेल के साथ मिलाकर सर पर लगाया जाता है, तो उससे बालों को नेचुरली काला बनाए रखने में मदद मिलती है।

curry leaves hair ko naturally black karti hain
कड़ी पत्ता बालों को नेचुरली काला करता है। चित्र: शटरस्टॉक

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मटेक रिसर्च की एक रिपोर्ट में काले बालों के रंग को बनाए रखने और यहां तक ​​कि समय से पहले सफेद होने से रोकने के लिए कड़ी पत्ते के उपयोग के बारे में बताया गया हैं।

2 भृंगराज

कई शोधों में यह स्पष्ट हो चुका है कि भृंगराज बालों को काला कर देता हैं और इसे जल्दी सफेद होने से रोकता हैं। पत्तों के रस को नारियल के तेल या तिल के तेल में उबालकर बालों में मालिश की जाती है। बाजार में भृंगराज का तेल भी उपलब्ध होता हैं।

3 आंवला

यह एक हर्बल सप्लीमेंट है, जो पिग्मेंटेशन को बढ़ावा देकर बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता हैं। आंवला अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एजिंग गुणों के कारण बहुत प्रभावी उपाय हैं। आंवला पाउडर को नारियल के तेल में मिलाकर सीधे स्कैल्प पर लगाया जा सकता हैं।

तो गर्ल्स, प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग को छिपाने के लिए हेयर कलर का इस्तेमाल बंद करें और इन प्राकृतिक नुस्खों को अपनाएं!

यह भी पढ़ें – क्या आपको भी चाहिए लंबे खूबसूरत बाल? तो आजमाएं ये 4 DIY राइस वॉटर हैक्स

अदिति तिवारी अदिति तिवारी

फिटनेस, फूड्स, किताबें, घुमक्कड़ी, पॉज़िटिविटी...  और जीने को क्या चाहिए !