हाथों पर नजर आने लगे हैं उम्र के संकेत, तो इन तरीकों से पाएं रिंकल फ्री हाथ

आप अपने चेहरे का तो ख्याल रखती हैं, पर जब उम्र बढ़ती है, तो वह हाथों की स्किन पर भी झुर्रियों के रूप में नजर आने लगती है। इसलिए जरूरी है कि हाथों की स्किन का भी खास ख्याल रखा जाए।

हाथों को झुर्री रहित बनाने के लिए कुछ उपाय किये जा सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Updated on: 20 December 2022, 22:28 pm IST
  • 125
इस खबर को सुनें

जाड़े में शरीर के सभी अंगों की देखभाल जरूरी है। हम चेहरे पर तो पूरा ध्यान देते हैं। लेकिन हाथों को भूल जाते हैं। नतीजा हाथों पर फाइन लाइन्स दिखने लगते हैं। हाथ रुखड़े और बेजान से दिखने लगते हैं। जाड़े के साथ-साथ हमें सभी मौसम में हाथों की देखभाल करनी चाहिए। इससे उम्र बढ़ने के बावजूद हाथ झुर्री मुक्त दिखते हैं। ऐसे कौन से उपाय किये जाएं, जिनसे हाथ रिंकल फ्री रहें (how to make your hands wrinkle free)।

क्यों दिखने लगती हैं हाथों पर झुर्रियां (wrinkle on hands)

द जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल एंड एस्थेटिक डर्मेटोलोजी में हाथों पर पड़ने वाले फाइन लाइन्स और झुर्रियों पर एंडी ई. रॉबर्ट्स, लोरा कोलवन और विन्सेंट गोट्ज़ का शोध आलेख प्रकाशित हुआ। इसमें शोधकर्ता बताते हैं कि स्किन की देखभाल के लिए जो उपाय किये जाते हैं, उनमें मूल रूप से चेहरे पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाता है।

शरीर के अन्य दिखाई देने वाले भागों को काफी हद तक उपेक्षित कर दिया जाता है। इसके कारण स्किन ड्राई होने लगती है और फाइन लाइन्स भी बनने लगते हैं। शोधकर्ता कहते हैं कि किसी भी बात को जोरदार तरीके से कहने के लिए हम अपने हाथ को सामने लाते हैं। हावभाव और संकेत के माध्यम से कही जाने वाली बातें हाथ के माध्यम से ही की जाती हैं। इसलिए हाथों के सौंदर्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

उम्र बढ़ने पर स्किन (hand skin) के अंदर कौन से केमिकल घटने लगते हैं

हाथ के सामने वाले भाग यूवी रेडिएशन के संपर्क में सबसे अधिक आते हैं। इस कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ, स्किन कोलेजन, इलास्टिन और ग्लाइकोसामिनोग्लाइकेन्स बदल जाते हैं। इनके प्रोडक्शन में कमी आ जाती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा ढीली और पतली हो जाती है। स्किन के नीचे के वसा के सूखने के साथ-साथ एपिडर्मल पतला होने से त्वचा में नसें और हड्डियों की संरचनाएं अधिक दिखाई देने लगती हैं। इसके कारण खुरदरापन, डिस्क्रोमिया, लेंटिगिन्स, सेबोरहाइक और झुर्रियां हो जाती हैं।

हाथों को झुर्री रहित (wrinkle free hand) बनाने के लिए कुछ उपाय किये जा सकते हैं

1 सैनीटाइजर (sanitizer) का प्रयोग जरूरत पड़ने पर करें

यदि घर पर हैं, तो सैनीटाइजर की बजाय हाथ धोने के लिए साबुन या लिक्विड का प्रयोग करें। चित्र : शटरस्टॉक

कोरोना महामारी के दौर से सैनीटाइजर का प्रयोग बहुत अधिक बढ़ गया है। जरूरत नहीं होने के बावजूद हम हाथों पर इसे मलते रहते हैं। इससे हाथों की स्किन रूखी हो जाती है। फाइन लाइन्स भी आ जाते हैं। यदि घर पर हैं, तो सैनीटाइजर की बजाय हाथ धोने के लिए साबुन या लिक्विड का प्रयोग करें। इससे हाथों की स्किन का बचाव होगा।

2 मॉइस्चराइज़ (moisturizer) करें

डर्मोलोजिका इंडिया की एजुकेशन हेड डॉ. हिना खान कहती हैं, ‘जिस तरह चेहरे को मोइस्चराइज़ किया जाता है, उसी तरह हाथों को भी नमीयुक्त रखें। यदि आपकी स्किन ऑयली है, तो माइल्ड मोइस्चराइज़र का प्रयोग करें। हाथों पर जहां की स्किन अधिक रूखी है, वहां मोइस्चराइज़र अधिक लगायें।

3 रात में भी फॉलो करें स्किन केयर रुटीन (night care)

जिस तरह चेहरे को रिन्क्ले फ्री बनाने के लिए रात में हम चेहरे पर एसेंशियल आयल, नाईट क्रीम, सीरम आदि लगाते हैं। उसी तरह हाथों पर भी उन सभी चीजों को नियमित रूप से लगायें। हाथों पर नेचुरल प्रोडक्ट रात भर लगा रहने दें। इससे स्किन अच्छी तरह सोख पाएगी।

4 हाथों पर सनस्क्रीन (sunscreen) लगायें

जब भी घर से बाहर निकलें या घर पर रहें, तो चेहरे की तरह हाथों पर भी संसक्रीन लगायें। रिसर्च से यह प्रमाणित हो चुका है कि हाथ की स्किन पर यूवी किरणों का बुरा प्रभाव पड़ता है।

5 खूब पानी पियें (hydration)

पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दिन भर पानी पीते रहना जरूरी है। स्किन के लिए भी हायड्रेशन जरूरी है। इससे स्किन ड्राई नहीं हो पाती है। यदि आप चाहती हैं कि आपके हाथों पर झुर्रियां नहीं आयें, तो दिन भर में 7-8 ग्लास पानी पी जाएं।

khud ko hydrate rkahe
यदि आप चाहती हैं कि आपके हाथों पर झुर्रियां नहीं आयें, तो दिन भर में 7-8 ग्लास पानी पी जाएं। चित्र-शटरस्टॉक

मौसमी फल खाएं। इससे न सिर्फ फाइबर मिलेगा, बल्कि फलों के माध्यम से स्किन को पर्याप्त पानी भी मिलेगा।

यह भी पढ़ें :- एक डर्मेटोलॉजिस्ट से जानिए सर्दियों में ड्राई स्किन को सॉफ्ट बनाए रखने के 5 टिप्स

  • 125
लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

nextstory

हेल्थशॉट्स पीरियड ट्रैकर का उपयोग करके अपने
मासिक धर्म के स्वास्थ्य को ट्रैक करें

ट्रैक करें