Hair care myths : बालों को ट्रिम करने से लेकर उनके सफेद होने तक, कहीं आप भी तो नहीं इन 5 मिथ्स की शिकार

बालों की देखभाल के लिए जितना सही जानकारी का होना जरूरी है, उतना ही जरूरी है गलत जानाकारियों से दूर रहना। यहां हम हेयर केयर से जुड़े ऐसे ही कुछ मिथ्स की सच्चाई आपको बताने जा रहे हैं।
Hair care tips aapke baalon ke liye faydemand
जानते हैं कि कैसे नेचुरल प्रोडक्टस से आप अपने बालों को हेलदी बना सकती है (natural tips for hair care)। चित्र शटरस्टॉक
अंजलि कुमारी Updated: 25 Apr 2022, 03:34 pm IST
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सभी को स्वस्थ और घने बालों का शौक होता है। बाल आपकी पर्सनालिटी में अलग निखार लाते हैं। अपने हेयर कट से लेकर हेयरस्टाइलिंग के जरिए आप हर बार एक न्यू लुक क्रिएट कर सकती हैं। खासकर लड़कियां अपने बालों को लेकर काफी ज्यादा पज़ेसिव होती हैं। इतना ही नही बालों की केयर के लिए भी वे तरह-तरह के प्रोडक्ट्स यूज़ करने से लेकर हजारों रुपये के हेयर ट्रीटमेंट तक करवाने से परहेज नहीं करतीं। पर कई बार यही सब फायदा करने की बजाए नुकसान करने लगता है। आइए जानते हैं केयर केयर से जुड़े ऐसे ही कुछ मिथ्स की सच्चाई। 

हेयर केयर के बारे में डबल चैक करना है जरूरी 

सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज़ हुसैन के अनुसार, “कोई भी गलत प्रोडक्ट आपके बालों को फायदा पहुंचाने की बजाए नुकसान पहुंचा सकता है। बिना पूरी जानकारी के बालों के साथ छेड़छाड़ करने से हेयर डैमेज और हेयर फॉल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स और कोई भी गलत टूल आपके बालों की नमी को छीन कर इसे रूखा और बेजान बना सकता है।” 

लोगों को बालों से जुड़ी ऐसी कई गलतफहमियां हैं जिसकी पूरी जानकारी होना जरूरी हैं। फिर चाहें वह हेयर ग्रोथ के लिए हेयर ट्रिम करना हो या कुछ स्ट्रेस के कारण बालों का सफेद होना। आज हम बताएंगे बालों से जुड़े ऐसे ही 5 मिथ्स के बारे में, साथ ही हेयर केयर के बारे में विज्ञान समर्थित फैक्ट भी। 

पहले समझिए हेयर प्रोब्लम्स के मूल कारण 

आजकल लोग बालों से जुड़ी कई तरह के समस्याओं से परेशान रहते है। ऐसा बढ़ते पॉल्यूशन और वातावरण में बदलाव के कारण हो सकता है। कई लोगों को बदलते मौसम में हेयर फॉल जैसी कई समस्यायों से गुजरना पड़ता है। आपको बता दें कि हार्ड या प्रदूषित पानी भी आपके हेयर को डैमेज कर सकता है।

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बाल टूटने के मुख्य कारन चित्र : शटरस्टॉक

पब मेड की एक महत्वपूर्ण रिसर्च में शामिल सभी प्रतिभागियों के बालों में मोरफ़ोलॉजिकल डिफरेंसेज देखे गए। ज्यादातर लोग अपने बालों को कलर करने के साथ कई तरह के हेयर स्टाइलस बनाते थे। जिसके कारण उनके बाल अत्यधिक डैमेज पाए गए। इसीलिए आपको अपने बालों के बारे में और स्कैल्प की हेल्थ की पूरी जानकारी होना जरूरी है।

अनहेल्दी डाइट भी हो सकती है हेयर फाॅल का कारण 

गलत और अनहेल्दी डाइट आपके बालों की समस्या का कारण हो सकती हैं। क्योंकि खराब भोजन से एसिडिटी, कब्ज, गैस जैसी पेट की कई समस्याएं होती हैं। साथ ही अनहेल्दी फ़ूड बालों तक जरूरी पोषण जैसे विटामिन, प्रोटीन, आयरन, नही पहुंचा पाते, जिसके कारण बाल झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बार- बार बर्थ कंट्रोल और अबॉर्शन पिल्स लेने से बॉडी में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से बाल झड़ने जैसी समस्या होती है। इतना ही नही कई बार बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन करने से आपको हेयर लॉस जैसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

यहां हैं हेयर केयर से जुड़े 5 कॉमन मिथ्स, जिन पर आपको बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए 

  1. ट्रिम करने से बाल जल्दी बढ़ते हैं

बालों के ग्रोथ के लिए सभी ने कभी न कभी ऐसा जरूर किया होगा। परंतु इस बात की जानकारी होना जरूरी है कि बाल स्कैल्प के फॉलिकल्स से उगते हैं। हेयर ग्रोथ में ट्रेंडिंग का कोई हाथ नही होता। बालों को ट्रिम करने से दो मुंहे बालों (split ends) से छुटकारा मिलता है, जिससे आपके बाल घने और सुंदर दिखते हैं। 

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बालों की ग्रोथ का ट्रिम्मिंग से नहीं है कोई कनेक्शन। चित्र : शटरस्टॉक
  1. जितना ज्यादा तेल, उतने मजबूत बाल 

हम सभी इस बात पर भरोसा करते हैं कि ऑयल बालों की मजबूती के लिए जरूरी है। परंतु आपको बता दें कि बालों में ज्यादा देर तक ऑयल लगा कर रखना आपके हेयर प्रोब्लम्स का कारण हो सकता है। स्कैल्प ऑयल के पोषण को 2 घंटो के अंदर सोख लेता है। उसके बाद आप चाहे जितनी देर ऑयल लगा कर रखें उसका कोई फायदा नही है। ज्यादा देर तक ऑयल लगाए रखने से धूल कण और गंदगी आपके बालों और स्कैल्प में जाकर बैठ जाती है। यह आपले बालों को डैमेज और कमजोर कर सकता है। ऑयलिंग के 2 से 3 घंटे बाद शैम्पू कर लेना चाहिए। 

  1. कैप पहनने से बढ़ता है गंजापन 

गंजापन हार्मोनल और जेनेटिक फैक्टर से होता है। इसका कैप पहनने से कोई लेना देना नहीं है। लड़कों में यह समस्या डिहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) नामक हॉर्मोन्स के कारण होती है। इस हॉर्मोन  से हेयर फॉलिकल में सिकुड़न आ जाती है, जिसके कारण बहुत ज्यादा हेयर फॉल होने लगता है और धीरे धीरे यह गंजेपन का रूप ले लेती हैं।

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  1. तनाव के कारण बाल जल्दी सफेद होते हैं

आपके बालों का रंग शरीर मे मौजूदा मेलानिन नामक पिग्मेंट तय करती हैं। यह एक बहुत बड़ा मिथ है कि स्ट्रेस के कारण बालों का रंग सफेद हो जाता है। जब  मेलानिन पूरी तरह खत्म हो जाता है, तब बालों का रंग सफेद होने लगता है। आमतौर पर लोगों में ऐसा 35 की उम्र के बाद देखने को मिलता है। आपको बता दें कि  स्ट्रेस बालों के रंग को प्रभावित नहीं करता, लेकिन बाल झड़ने की समस्या जरूर उत्पन्न हो सकती है। 

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स्ट्रेस नहीं है समय से पहले बालों के सफेद होने का कारण। चित्र : शटरस्टॉक
  1. कम नींद लेने का बालों पर कोई असर नहीं पड़ता

यह कहना पूरी तरह गलत है, क्योंकि पर्याप्त नींद न लेने से आपको बाल झड़ने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। नींद की कमी आपके हॉर्मोन्स को प्रभावित करती है। आपके शरीर मे मौजूदा मेलाटोनिन नामक हॉर्मोन आपके नींद को नियंत्रित करने के साथ आपके हेयर ग्रोथ को भी कंट्रोल करता है। इसलिए अगर आपके शरीर में मेलाटोनिन की कमी होती है तो यह आपकि नींद और बाल, दोनों को ही प्रभावित कर सकता है। पर्याप्त नींद लेने से आपके बाल हेल्दी रहेंगे।

 

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लेखक के बारे में

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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