शानदार त्वचा के लिए मीरा राजपूत पी रही हैं घी, जानिए क्या ये वाकई काम करता है? 

झुर्रियों से लड़ने वाला घी पूरे शरीर को डिटॉक्स भी कर सकता है। आयुर्वेद में इस विधि को सदियों से प्रयोग में लाया जाता रहा है।

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गाय के घी का सेवन किया जाये तो यह न सिर्फ कोरोनरी हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करता है, बल्कि वजन को भी नियंत्रित करता है। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 6 June 2022, 20:12 pm IST
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बचपन में एक कहावत सुनी थी। घी पीए हो, जो इतना चमक रहे हो। यह कहावत सोलह आने सच है। अभी कुछ दिन पहले अभिनेता शाहिद कपूर की पत्नी और फिटनेस फ्रीक मीरा राजपूत (Mira Rajput) ने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीर शेयर की और बताया कि उनकी स्किन हेल्दी है। इसकी वजह उन्होंने बताया कि वे रोज स्वस्थ रहने के लिए घी पीती हैं। भारतीय रसोई और संस्कृति में घी को सबसे पवित्र और शुद्ध (Pure Ghee) माना गया है।

प्राचीन समय से ही भोजन पकाने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने के लिए घी का प्रयोग किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक उपचार में घी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आयुर्वेद में घी से किए जाने वाले उपचार को स्नेहन कहा जाता है। इस प्रक्रिया को जानने के लिए हमने बात की आयुर्वेदाचार्य डॉ. केशव चौहान से।

क्या है स्नेहन

आयुर्वेद की पंचकर्म प्रक्रिया में पूरे शरीर की सफाई की जाती है। इसमें शरीर की प्रत्येक कोशिका को डिटॉक्स किया जाता है। इसे डिटॉक्स थेरेपी भी कहा जा सकता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत है पूर्व कर्म। इस प्रक्रिया के दो भाग होते हैं। स्नेहन (oleation) और स्वेदन यानी सेंक (fomentation)।

यहां स्नेह शब्द शरीर को स्निग्ध यानी शरीर को संपूर्ण प्रेम देने से है। अपने शरीर को संपूर्ण प्रेम देने के लिए घी से शरीर पर मालिश की जा सकती है और इसे रोज पिया भी जा सकता है। जब आप नियमित तौर पर घी पीने लगती हैं, तो आपके द्वारा तब तक घी लिया जा सकता है, जब तक कि बॉडी सेचुरेटेड न हो जाए।

इसके बाद घी स्किन पर मौजूद पोर्स के माध्यम से बाहर आने लगता है। इस प्रकिया में एक-दो सप्ताह तक घी लिया जा सकता है। शुरुआत में रोज सुबह खाली पेट 1-2 चम्मच घी लिया जा सकता है। यदि आपका डायजेस्टिव सिस्टम ठीक है, तो आपको रोज थोड़ी-थोड़ी मात्रा बढ़ानी पड़ेगी। इस तरह आप मात्रा बढ़ाकर 4-5 चम्मच रोज ले सकती हैं।

 पर यह भी ध्यान रखें 

डॉ. केशव चौहान बताते हैं, “कभी-भी बिना आयुर्वेदाचार्य के निर्देशन के यह प्रक्रिया न अपनाएं। क्योंकि घी लेने से पहले बॉडी में सारे टॉक्सिंस जमा हो जाते हैं। फिर दवा की मदद से उन्हें बाहर निकाला जाता है। यदि किसी का डायजेस्टिव सिस्टम ठीक नहीं है, तो उन्हें उल्टी और लूज मोशन की समस्या होने लगती है। घी से एलर्जी होने पर आपको दुष्परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं। आयुर्वेदाचार्य आपके शरीर की स्थिति के अनुसार आपको बता सकते हैं कि घी आपको सिर्फ 7 दिन तक लेना है या 14 दिनों तक।’

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आयुर्वेदाचार्य के परामर्श के अनुसार ही शुरू करें नियमित तौर पर घी पीने की प्रक्रिया। चित्र: शटरस्टॉक

 इस दौरान कैसी हाे डाइट

जिस समय आप स्नेहन की प्रक्रिया से गुजर रही होती हैं, उस समय पानी के अलावा, आपको दिन भर कुछ भी नहीं लेना होता है। शाम में खिचड़ी, दलिया या ओट्स का सेवन आप कर सकती हैं। चूंकि दिन में आहार के रूप में आप सिर्फ घी ले रही होती हैं, तो ऐसी स्थिति मे जंक फूड, तेल-मसाले वाला भोजन या डिब्बाबंद फूड आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।

शरीर को डिटॉक्स करने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बावजूद कुछ दिनों तक लाइट डाइट ही ली जानी चाहिए।

जानिए त्वचा को कैसे फायदा पहुंचाता है देसी घी 

देसी घी में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो रिंकल्स और फाइन लाइंस को खत्म करने में मदद करते हैं। देसी घी नमी से भरपूर होता है। यह स्किन को हाइड्रेटेड करता है और डलनेस खत्म करता है। इसे नियमित तौर पर लगाने पर पिंपल्स, एक्ने भी खत्म हो जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। यदि रात को सोते समय चेहरे पर घी लगाकर हल्के हाथों से मालिश की जाए, तो आपको सुबह चमकती हुई स्किन मिलेगी।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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