मुंहासे किसी भी उम्र में हो सकते हैं, लेकिन ऐसा देखा गया है कि वे सबसे ज्यादा किशोरावस्था में ही विकसित होते हैं। हालांकि मुंहासे बनने का कोई एक कारण नहीं है, लेकिन ये हॉर्मोन में उतार चढ़ाव के कारण हो सकते हैं और मासिक धर्म या गर्भवस्था में ज्यादा आम होते हैं। मुंहासे सबसे अधिक चेहरे, गर्दन, पीठ, कंधे और छाती पर होते हैं।
पिंपल्स पैदा करने के लिए चॉकलेट, पिज्जा और सोडा जैसे खाद्य पदार्थों को दोषी ठहराया गया है। आपकी त्वचा की देखभाल मुहांसों को रोकने और उनका इलाज करने का एक बेहतर तरीका है।
आपकी त्वचा में कई सारे रोमछिद्र मौजूद होते हैं। जो त्वचा के नीचे सिबासिअस ग्लैंड से जुड़े होते हैं। यह ग्रंथि सीबम नामक एक तैलीय पदार्थ का उत्पादन करती है। तभी ज्यादा तेल से त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे बनते हैं। यह छिद्र सीबम, तेल और बैक्टीरिया से भर जाते हैं। इन जीवाणुओं से संक्रमण और सूजन हो सकती है। इसके अलावा, मवाद का एक सफेद टिप कभी-कभी बन जाता है जो पिम्पल का रूप ले लेते हैं।

अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं, तो शरीर में तेल ज्यादा बन सकता है। पानी की कमी से त्वचा बेजान लगने लगती है और इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है। अपने शरीर को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखने के लिए, हर दिन कम से कम आठ से दस गिलास पानी पिएं। यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करवा रही हैं, या आप गर्म, नम वातावरण में समय बिताती हैं, तो व्यायाम के बाद अधिक पानी पिएं।
आहार का हमारे शरीर पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है। एक संतुलित आहार से शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। इसलिए, पौष्टिक आहार लें और किसी भी तरह की त्वचा समस्याओं से बचने के लिए आहार में विटामिन-C और E युक्त फल सब्जियां ज़रूर शामिल करें। साथ ही जंक फ़ूड अवॉयड करें।
किसी भी व्यक्ति को हर रोज़ एक एक्सरसाइज रोटीन ज़रूर फॉलो करना चाहिए। इससे शरीर स्वस्थ और तरोताजा रहता है। साथ ही एक्सरसाइज करने से पसीना निकलता है जो शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

यह ऑयल मुंहासों के लिए एक लोकप्रिय उपाय है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, यह “सूजन और गैर-सूजन वाले घावों की संख्या को कम कर सकता है।” टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने के लिए, सूजन वाली जगह पर इसकी एक- दो बूंद लगाएं। आप अपने दैनिक क्लीन्ज़र या मॉइस्चराइज़र में कुछ बूंदें भी मिला सकती हैं।
मुंहासों को साफ करने में मदद करने के लिए बेन्जॉयल पेरोक्साइड युक्त स्किन क्लींजर को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाया जा सकता है। इसकी एक बूंद मुहांसों को रात भर में ठीक कर सकती है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले डर्मेटोलोजिस्ट की सलाह ज़रूर लें।
हल्दी और बेसन का प्रयोग मुंहासों के लिए बेहद फयदेमद साबित हो सकता है। बस थोड़ा पानी डालकर इसका पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद धो लें। हल्दी में मौजूद एंटी-ओक्सीडेंट्स मुंहासो पर फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

पिंपल को पॉप न करें। यह अधिक बैक्टीरिया, गंदगी और तेल को छिद्र में डाल देगा, जो अंत में त्वचा को खराब कर सकता है।
चेहरे को बार-बार हाथ न लगाएं इससे संक्रमण ज्यादा फैल सकता है।
इसके बजाय स्किन केयर रूटीन अपनाएं और अपनी त्वचा को माइल्ड फेस वॉश से दिन में दो बार धोएं।
ब्रश या वॉशक्लॉथ का उपयोग न करें – इसके बजाय अपनी उंगलियों का उपयोग करें।
हालांकि पौष्टिक आहार लेना बहुत ज़रूरी है लेकिन कभी-कभी बाहर का खाना खाने से त्वचा को नुक्सान नहीं होगा। यदि मुंहासे ज्यादा हैं तो अपने दम पर इलाज न करें और चिकित्सक को दिखाएं।
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