आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है फेस क्रीम में से आने वाली सुगंध, जानिए इससे जुड़ी जरूरी बातें

यदि आपको स्किन केयर प्रोडक्ट्स काफी पसंद हैं, तो आपको यह जानना चाहिए कि इसमें से आने वाली सुगंध आपकी त्वचा नुकसान पहुंचा सकती है।
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अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो इसका एक और लाभ यह है कि सीबम में फैटी एसिड की सक्रियता काफी होती है। चित्र- अडोबी स्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated: 29 Oct 2023, 07:22 pm IST
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रूखी त्वचा के लिए खुशबूदार मॉइश्चराइजर और सीरम (Serum)  इस्तेमाल करना आज के वक्त में किसे पसंद नहीं है? आखिर उसमें से इतनी प्यारी सुगंध जो आती है। इस सुगंध से कभी मन नहीं भरता। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आपके लिए सुरक्षित है या नहीं ? दरअसल इस तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट सेहत के लिए हानिकारक है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी ( American Academy of Dermatology ) के अनुसार, सुगंध को रंजकता (pigmentation) सहित एलर्जी त्वचा प्रतिक्रियाओं का प्रमुख कारण माना जाता है, और यह सामान्य आबादी के लगभग 1% को प्रभावित करता है।

जानिए क्या कहती हैं एक्सपर्ट ? 

हमारी एक्सपर्ट जयश्री शरद, सेलिब्रिटी डर्मेटोलॉजिस्ट ने हेल्थशॉट्स को बताया, “स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की सुगंध में जेरानियोल( geraniol ) , यूजेनॉल ( eugenol ) , सिट्रोनेलोल ( citronellol ) , फ़ेथलेट्स ( phthalates )  जैसे एलर्जेंस होते हैं।  ये त्वचा की एलर्जी, खुजली, चकत्ते, छींकने, घरघराहट और रंजकता का कारण बन सकते हैं।  वे मौजूदा एक्जिमा को भी बढ़ा सकते हैं। जयश्री बताती है,”फ़ेथलेट्स ( Phthalates ) और सिंथेटिक जैसे स्टाइरीन, मिथाइल ,यूजेनॉल भी हार्मोन में बदलाव करने की क्षमता रखते हैं।

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प्रोडक्ट्स में सुगंध सामग्री का भी उपयोग किया जाता है। चित्र:शटरस्टॉक

फ़ेथलेट्स ( phthalates ) भी कैंसर जैसे रोग पैदा कर सकता है।  इसके साथ ही यह बर्थ डिफेक्ट ( birth defect ) और सांस से जुड़ी समस्याओं( respiratory problems ) का कारण भी बन सकता है।

फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, शैंपू, शॉवर जैल और बॉडी लोशन जैसे प्रोडक्ट्स में सुगंध सामग्री का भी उपयोग किया जाता है। वास्तव में, कुछ ऐसे उत्पाद हैं, जो खुद को ‘असुगंधित’ दिखातें हैं। फिर भी उनमें कुछ हानिकारक तत्व होते हैं।  ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कंपनियां उन की ओरिजिनल स्मेल को छुपाने के लिए सेंट का इस्तेमाल करती हैं।

डॉ. शरद कहते हैं कि कुछ कंपनियां इमोशनल कनेक्शन ( emotional connection )  के जरिए कंज्यूमर से अपील करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मूल्य धारणा को बढ़ाने के लिए भी हो सकता है। लेकिन जो भी हो, यह उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो विशेष रूप से त्वचा देखभाल के लिए नए हैं। यह उन्हे पता लगाने में मदद करेगा कि ऐसे प्रोडक्ट उनके लिए सेफ है या नहीं। इसे बेहतर तरीके से जानने के लिए किसी एलर्जी विशेषज्ञ के पास भी जा सकते हैं।

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल डर्मेटोलॉजी की एक रिपोर्ट कहती है कि सामान्य आबादी का 1.7 से 4.1 प्रतिशत ऐसे सौंदर्य प्रसाधनों के प्रति संवेदनशील है। इसलिए नए प्रोडक्ट को लगाने से पहले पैच टेस्ट करना हमेशा बेहतर होता है।

इस टेस्ट के लिए बस प्रोडक्ट की थोड़ी मात्रा अपने कान के पीछे या अपनी बांह में लगाएं। यदि कोई एलर्जी प्रतिक्रिया या त्वचा में लाली है, तो प्रोडक्ट का किसी भी तरह से इस्तेमाल न करें।

यह जानना भी जरूरी है 

कॉस्मेटिक्स की यह दुनिया कई नए विकल्प लेकर आएगी लेकिन स्वस्थ सुगंध या प्राकृतिक सुगंध जैसी शर्तों के साथ। 

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क्या आपको भी कॉस्मेटिक से आने वाली महक पसंद है। चित्र : शटरस्टॉक

कॉस्मेटिक्स की दुनिया आपके सामे कई विकल्पों के साथ आती है और आती रहेगी। लेकिन इन सिन्थेटिक प्रोडक्ट से दूर रहना आपकी जिम्मेदारी है। 

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