30 की उम्र पार कर रहीं हैं, तो अपनी डाइट में जरूर शामिल करें ये एंटी एजिंग विटामिन

बालों का झड़ना, चेहरे पर झुर्रियां और पिगमेंटेशन, साथ ही हड्डियों के घनत्व में कमी, विटामिन बी 12 की कमी के परिणाम हो सकते हैं। इसलिए इसके खाद्य स्रोतों के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

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अपनी डाइट में जरूर शामिल करें ये एंटी एजिंग विटामिन। चित्र शटरस्टॉक।
अंजलि कुमारी Published on: 8 August 2022, 16:07 pm IST
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बढ़ती उम्र के साथ तरह-तरह की स्वास्थ्य समस्याएं नजर आने लगती हैं। मस्क्यूलर डिग्रेडेशन, मेमोरी लॉस, जॉइंट से जुड़ी समस्याएं आमतौर पर देखने को मिलती हैं। ऐसे में शरीर को जरूरी पोषण देना अनिवार्य है। उन्हीं महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है विटामिन बी12 जो बॉडी के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है। परंतु शरीर इसे खुद ब खुद प्रोड्यूस नहीं कर सकता। बॉडी में विटामिन बी12 (Vitamin b12 benefits) की एक उचित मात्रा बनाए रखने के लिए विटामिन बी12 युक्त सप्लीमेंट्स को डाइट में शामिल करना जरूरी है।

प्राकृतिक रूप से विटामिन बी12 एनिमल प्रोडक्ट और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। वहीं विटामिन बी12 की कमी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए शरीर में विटामिन बी12 का उचित स्तर होना अनिवार्य है।

यहां जाने विटामिन बी12 और सेहत से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स

1. रेड ब्लड सेल्स को प्रमोट करता है

विटामिन बी12 बॉडी में रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को प्रमोट करता है। पब मेड सेंट्रल द्वारा प्रकाशित एक डेटा के अनुसार विटामिन बी12 की कमी रेड ब्लड सेल्स के फॉर्मेशन को कम कर देती है।

वहीं अध्ययन में बताया गया है कि विटामिन बी12 की कमी के कारण रेड ब्लड सेल्स का आकार बदल जाता है और वह थोड़े बड़े हो जाते हैं। इस कारण वह बोनमैरो से ब्लडस्ट्रीम तक ठीक तरह से मूव नहीं कर पाते।

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मस्क्यूलर डिग्रेडेशन के रिस्क को कम करता है। चित्र : शटरस्टॉक

2. मस्क्यूलर डिग्रेडेशन के रिस्क को कम करता है

विटामिन बी12 उम्र के साथ होने वाले मस्क्यूलर डिग्रेडेशन की संभावना को कम कर देता है। वहीं विटामिन बी12 सप्लीमेंट में होमोसिस्टाइन बहुत कम मात्रा मैं मौजूद होता है। होमोसिस्टाइन एक प्रकार का अमीनो एसिड है, जो कि ब्लडस्ट्रीम में पाया जाता है। ब्लडस्ट्रीम में इसकी अधिक मात्रा बढ़ती उम्र के साथ आपके मस्क्यूलर डिग्रेडेशन का कारण बन सकती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा किए गए एक अध्ययन में 40 और 40 से अधिक उम्र की 5000 महिलाओं को शामिल किया गया। जिसमें उनकी डाइट में पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड और विटामिन बी6 के साथ विटामिन बी12 को शामिल किया गया। उनमें से कई महिलाओं की मस्क्यूलर डिग्रेडेशन से जुड़ी समस्या में सुधार देखने को मिला।

3. एनर्जी बूस्टर है विटामिन बी 12

विटामिन बी12 से युक्त खाद्य पदार्थों को हमेशा से एनर्जी बूस्टर की तरह प्रयोग किया जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक डेटा के अनुसार विटामिन बी12 शरीर में एनर्जी प्रोडक्शन का एक अच्छा स्रोत हो सकता है। हालांकि, साथ में यह भी बताया गया कि अभी तक ऐसा कोई साइंटिफिक शोध सामने नहीं आया है, जिनमें इस बात की पुष्टि की गई हो।

वहीं एक अन्य स्टडी में विटामिन बी12 सप्लीमेंट्स को शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ाने वाला माना गया है। वहीं बढ़ती उम्र के साथ आपके शरीर को फुर्तीला और सक्रिय बनाए रखने में भी यह मददगार है।

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प्रीमेच्योर एजिंग की समस्या में फायदेमंद। चित्र: शटरस्‍टॉक

4. स्किन, नेल्स और हेयर एजिंग से भी बचाता है

पब मेड सेंट्रल द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार विटामिन बी12 स्किन से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद हो सकता है। वहीं हाइपरपिगमेंटेशन, नेल डिस्कलरेशन, स्किन एजिंग, हेयर एजिंग के साथ ही माउथ कॉर्नर पर दरारें आने जैसी समस्याओं में कारगर होता है।

बढ़ती उम्र के साथ इसका सेवन त्वचा की सभी जरूरतों को पूरा करके इसे अर्ली एजिंग से रोकता है। अध्यसन की मानें तो डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में विटामिन बी12 सप्लीमेंट्स का सेवन करने की सलाह देते हैं।

5. बोन हेल्थ को सपोर्ट करता है

पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी12 का सेवन हड्डियों की सेहत को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों में विटामिन बी12 की कमी थी, उनका बोन मिनिरल डेंसिटी सामान्य लोगों की तुलना में काफी ज्यादा कम था।

बढ़ती उम्र के साथ ही इसकी कमी आपकी हड्डियों के लिए खतरनाक होती जाती है। एक अन्य अध्ययन में बताया गया है कि विटामिन बी12 की कमी ओस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या से ग्रसित कर सकती है। खास करके यह समस्या महिलाओं को आसानी से अपने चपेट में ले लेती हैं।

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आहार में शामिल करें विटामिन बी 12। चित्र : शटरस्टॉक

क्या हैं विटामिन बी12 के खाद्य स्रोत

फ़ूड डेटा सेंट्रल के अनुसार अंडे में विटामिन बी12 की उचित मात्रा पाई जाती है। इसके साथ ही मिल्क और डेयरी प्रोडक्ट भी विटामिन बी12 का एक अच्छा स्रोत होते है। मछली, शेलफिश, एनिमल लीवर और किडनी, रेड मीट, चीज, योगर्ट और सोए जैसे खाद्य पदार्थ भी विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

फोर्टीफाइड न्यूट्रीशनल यीस्ट और सैल्मन ओमेगा 3 फैटी एसिड से युक्त होते हैं, और बी विटामिन्स का भी एक बेहतरीन स्रोत होते हैं।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली में जर्नलिज़्म की छात्रा अंजलि फूड, ब्लॉगिंग, ट्रैवल और आध्यात्मिक किताबों में रुचि रखती हैं।

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