नेल आर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले अल्ट्रावॉयलेट ड्रायर बढ़ा सकते हैं कैंसर का खतरा, शोध कर रहे हैं दावा

अगर आप भी नेल आर्ट करने के शौकीन है तो आपको ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इससे आपको कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
नेल आर्ट के दौरान जिस ड्रायर का इस्तेमाल किया जाता है, वो आपके लिए खतरा बन सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Published: 4 Feb 2023, 05:00 pm IST
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आमतौर पर महिलाएं नेल आर्ट करवाने जाती हैं। जो कि महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है। जी हां नेल आर्ट के दौरान जिस ड्रायर का इस्तेमाल किया जाता है, वो आपके लिए खतरा बन सकता है। एक स्टडी में यह दावा किया गया है कि नेल आर्ट के ड्रायर में अल्ट्रावायलेट रे होती है, जो आप में कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है।

क्या कहता है नेल आर्ट से जुड़ा यह नया अध्ययन

एक नए अध्ययन में पाया गया है जेल मैनीक्योर के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला यूवी नेल पॉलिश ड्रायर कैंसर पैदा करने वाले सेल म्यूटेशन का कारण बन सकता है। यूवी और कैंसर के बीच संबंध है। अध्ययनों से पता चला है कि अधिकांश त्वचा कैंसर यूवी विकिरण के अत्यधिक संपर्क में आने के कारण होते हैं। सूरज की रोशनी के संपर्क में ज्यादा समय तक रहने से स्किन कैंसर की खतरी बढ़ता है। जिसमें यूवी विकिरण सबसे अधिक होती है।

स्टडी में ये भी सामने आया है कि दुनिया भर के नेल सैलून में पाए जाने वाले यूवी नेल पॉलिश ड्रायर में कार्सिनोजेनिक प्रभाव भी हो सकते हैं।

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कैसे किया गया अध्ययन

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन डिएगो द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि इन नेल पेंट ड्रायर के उपयोग से “सेल्स डेड और मानव कोशिकाओं में कैंसर पैदा करने वाले म्यूटेशन” हो सकते हैं। यूवी नेल पॉलिश ड्रायर 280-400 एनएम स्पेक्ट्रम का उपयोग करने वाले टैनिंग बेड की तुलना में 340-395 एनएम के स्पेक्ट्रम में यूवी प्रकाश का उपयोग करते हैं।

इस शोध में तीन अलग-अलग सेल लाइनों का उपयोग किया गया- वयस्क मानव त्वचा केराटिनोसाइट्स, मानव फोरस्किन फाइब्रोब्लास्ट्स, और माउस भ्रूण फाइब्रोब्लास्ट्स (mouse embryonic fibroblasts) – शोधकर्ताओं ने पाया कि इन यूवी प्रकाश के सिर्फ 20 मिनट के सत्र में 20 से 30 प्रतिशत सेल्स मृत्यु हो गई, जबकि तीन लगातार 20 मिनट के एक्सपोजर के कारण 65 से 70 प्रतिशत के बीच एक्सपोज्ड कोशिकाएं मर जाती हैं।

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नेल पॉलिश ड्रायर द्वारा उत्सर्जित विकिरण हाथ के कैंसर का कारण बन सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

कैसे बढ़ सकता है स्किन कैंसर का जोखिम

यूवी प्रकाश के संपर्क में आने से शेष कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रियल और डीएनए की क्षति भी हुई और इसके परिणामस्वरूप म्यूटेशन हुआ जो मनुष्यों में स्किन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि, परिणाम में देखा गया कि इन उपकरणों के बार-बार उपयोग से मानव कोशिकाओं पर हानिकारक प्रभाव पड़ते है। इससे पहले कि इन मशीनों का उपयोग करने से त्वचा के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, इस विषय पर एक लंबे शोध की आवश्यकता है। इस अध्ययन में यो साफ तौर पर पता चला की नेल पॉलिश सुखाने वाली मशीनों से मानव कोशिकाओं की क्षति होती है।

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और भी हैं कैंसर कारक

इस शोध के परिणाम और पूर्व साक्ष्य ये सुझाव देते हैं कि यूवी नेल पॉलिश ड्रायर द्वारा उत्सर्जित विकिरण हाथ के कैंसर का कारण बन सकता है। यूवी-नेल पॉलिश ड्रायर, टैनिंग बेड के समान जल्दी शुरू होने वाले त्वचा कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

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हालांकि अन्य कुछ प्रोडक्ट इसी स्पेक्ट्रम में यूवी प्रकाश का उपयोग करते हैं – जिसमें दांतों की फिलिंग और बालों को हटाने के उपचार के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण शामिल हैं – शोधकर्ताओं ने बताया कि उपयोग की नियमितता, साथ ही नेल ड्रायर की पूरी तरह से कॉस्मेटिक प्रकृति, इन्हें अलग करती है।

चलते-चलते

अब यहां ये सवाल है कि क्या साल में एक बार जेल मैनीक्योर करना वास्तव में चिंता का कारण है, या केवल उन्हें ही चिंतित होना चाहिए जो इसे नियमित रूप से करवाते हैं? इसके लिए एक लंबे अध्ययन की जरूरत है। इस अध्ययन में साफ है
कि यूवी रोशनी की वजह से सेल डैमेज होते है और स्किन कैंसर की जोखिम भी बढ़ता है।

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लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

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