ये 5 स्किन केयर मिथ जिन पर आपको कभी भरोसा नहीं करना चाहिए

त्वचा की देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन अनुकूल परिणामों के लिए इसे सही ढंग से करने की आवश्यकता है। इसलिए, इन स्किन केयर मिथ्स पर भूलकर भी विश्वास न करें।
इन स्किन केयर मिथ पर भूलकर भी न विश्वास करें. चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published on: 19 August 2021, 14:00 pm IST
ऐप खोलें

हम हमेशा बेस्ट दिखना चाहते हैं, खासकर जब हमारी त्वचा की बात आती है। चमकदार और कोमल त्वचा पाने के लिए, हम अक्सर विभिन्न उत्पादों और तकनीकों का सहारा लेते हैं।

जब स्किनकेयर की बात आती है तो हमारा पारंपरिक ज्ञान, कभी – कभी सही नहीं होता है। फिर चाहे यह हमारी सदियों पुरानी पारिवारिक स्किनकेयर हैक्स हो या इंटरनेट पर सूचनाओं का प्रसार। स्किनकेयर एक ऐसा विषय है जिसको लेकर कई सारे मिथ हैं।

यहां पांच स्किनकेयर मिथ हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए

1. पानी पीने से ब्रेकआउट कम हो सकते हैं

जब स्वस्थ रहने की बात आती है तो पानी पीना कई बीमारियों को दूर रख सकता है। मगर, पानी पीने से मुहांसे कम होंगे यह ज़रूरी नहीं है। हां, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाएंगे लेकिन मुंहासे, जो त्वचा की सतह पर बंद रोमछिद्रों के कारण होते हैं, कम नहीं हो सकते हैं। हालांकि, क्लिनिकल, कॉस्मेटिक और इन्वेस्टिगेशनल डर्मेटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार पर्याप्त पानी पीने से आपकी त्वचा हाइड्रेटेड और कोमल रहती है।

पानी पीते रहना जरूरी है, मगर मुंहासे हो सकते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

2. नियमित रूप से चेहरा न धोने से मुंहासे हो सकते हैं

यह कहकर हम अनहेल्दी हैबिट्स को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं। स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, और त्वचा की देखभाल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, जब मुंहासे और ब्रेकआउट की बात आती है, तो तेल का उत्पादन, बैक्टीरिया का संचय, छिद्रों का बंद होना और इन्फ्लेमेशन, प्रमुख कारक हैं।

जब ब्रेकआउट और मुंहासों को ठीक करने की बात आती है तो अपना चेहरा नहीं धोना अच्छा विचार नहीं है, लेकिन यह मुंहासों का कारण नहीं है।

3. खीरे के पैक आंखों की रोशनी के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं

खीरे का पैक आंखों को साफ करने और आराम देने का एक शानदार तरीका है! खीरा शीतलन प्रभाव प्रदान करता है और विटामिन सी सामग्री सूजन को कम करने में मदद करती है। हालांकि, यह सूजी हुई आंखों का स्थायी समाधान नहीं है।

जो वास्तव में काम करता है वह एक अच्छा स्किनकेयर रूटीन है जो आंखों को पोषण और हाइड्रेट करता है, और त्वचा को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है।

घरेलू उपचारों से भी त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है. चित्र : शटरस्टॉक

4. प्राकृतिक उत्पाद हमेशा सुरक्षित होते हैं

हम में से ज्यादातर लोग मानते हैं कि प्राकृतिक उत्पाद या घरेलू उपाय त्वचा के लिए बिल्कुल सुरक्षित होते हैं। सच तो यह है कि हमारी त्वचा अलग-अलग प्रकार की होती है। वास्तव में, आश्चर्यचकित न हों क्योंकि प्राकृतिक अवयवों का उपयोग करने से भी आपकी त्वचा पर चकत्ते या लालिमा आ सकती है।

बाजार से खरीदे गए उत्पाद हों या घरेलू नुस्खे, सुनिश्चित करें कि यह आपकी त्वचा के अनुकूल है और इससे हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

5. सर्दियों के दौरान सनस्क्रीन की आवश्यकता नहीं होती है

गर्मियों के साथ सनस्क्रीन का इस्तेमाल समझ में आता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सर्दी के मौसम में सनस्क्रीन लगाना बंद कर देना चाहिए। यह एक मिथ है कि सर्दियों के दौरान यूवी किरणों का प्रवेश कम हो जाता है, और सूरज से सनबर्न होने की संभावना कम होती है। तथ्य यह है कि यूवी किरणें हमेशा मौजूद रहती हैं, इसलिए अगर सनस्क्रीन नहीं लगाया जाता है तो सनबर्न और झुर्रियां हो सकती हैं।

तो, इन मिथ से सावधान रहें, और अपनी त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए उचित सावधानी बरतें!

यह भी पढ़ें : पीने की बजाए बालों में लगाएं करेले का जूस, तो आपको मिलेंगे ये 5 फायदे

लेखक के बारे में
टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।

Next Story